@DrKumarVishwas कवि का व्यवहार कवि जैसा होना चाहिए बालक ।
कुछ कहने के लिए ये सोचना चाहिए कि वह किस
से क्या कह रहा है ! कवि या तो किसी कार्य को समर्थन देता है या विरोध । तुम इन दोनों में से
कुछ भी नही कर रहे हो क्यों ? कवि बनना आसान
नही पुत्र , बहुत कठिन है । तुम चूक रहे हो , देखो,
संभलो !
रोटी और स्वाधीनता
आजादी तो मिल गई, मगर, यह गौरव कहाँ जुगाएगा ?
मरभुखे ! इसे घबराहट में तू बेच न तो खा जाएगा ?
आजादी रोटी नहीं, मगर, दोनों में कोई वैर नहीं,
पर कहीं भूख बेताब हुई तो आजादी की खैर नहीं।
~दिनकर
माँ से क्या कहता , बस इतना ही कह सका-
"मुझे भूख नही है माँ , तुम खा लो ".
बोलकर आँगन से निकल गया अन्यथा वह
इतना जिद कर देती की मुझे खाना ही पड़ता
और वह भूखी रह जाती ।
अच्छा हुआ कि ऐसा मैं करता रहा , अन्यथा
साहित्य से कभी मिल नही पाता , कभी लिख
नही पता ।
~D
जो सभ्य हैं उन्हें बताना नही पड़ता । वे कभी
अतीत की तरफ नही भविष्य में जीनेवाले
लोग होते हैं। आज लगभग सभी देश सभ्यता
के चरम पर हैं सिवाय भारत को छोड़कर !
भारत का जीवन ही अतीत में है । अब जो
अतीत का गुणगान करके जियेगा उसे क्या
लेना-देना भविष्य से । अतीत मोह ने बर्बाद
कर दिया है
भारतीय लोग जिस दिन समझ जाएंगे कि 73 बर्षों वे वास्तव में गुलाम ही हैं तो भारत मे एक महान क्रांति
होना तय है । भेड़-बकरियों की तरह जीने की आदत को यदि आज नही छोड़ा गया तो कल भी तो यही
होना है । आज निर्णय करती है कि कल कैसा होगा ।
बीते बर्षों में बोए बीज का फल आज है । बीज बदलो।
#AbkiBaarPokPaar कर के हासिल क्या
हुआ अंजना और रुबिका को ?
एक ही मुँह है ना आप दोनों का जी , या जो
मर्जी वही बोलना है ।
ऐसे पत्रकार पत्रकार हैं तभी इस देश मे
चारों तरफ खुशहाली ही खुशहाली है ।
#indianairforce#airstrike पर
खुश होने वाले देशवासी धैर्य धरिये ।
खबर झूठी है।
भारतीय मीडिया #indianairforce को बदनाम
कर रहे हैं । अति- निंदनीय कदम !!
समाचार में TRP बेचने वालों कम से कम मातृभूमि पर बलि���ान देनेवालों को तो छोड़ दो !
कुछ भी ना मिले तो आर्मी को , एयरफोर्स को
ऐसे तो मिट्टी में मत मिलाओ । धिक्कार है ।।
#airstrike
मैं तो कहूँगा कि संविधान लागू हो जाये एक बार
तो अंबेडकर जीवित हों उठें । लेकिन संविधान
ये लागू कैसे करेंगे , सब कुछ बना बनाया ध्वस्त
हों जाने का डर है । अनुछेद और धारा से ही काम
चलाएंगे ।
#एससी_एसटी_एक्ट_लागू_करो
भाजपा ने 400 कर्यालय बना लिया है और 200
कार्यालय बस तैयार होने ही वाले हैं । स्वयं भाजपा
ने ट्वीट करके जानकारी दी है ।
100 घर भी यदि नेता होने के चलते , गरीबों की
अगुआ होने के चलते अति-लाचार परिवारों के
लिए बना देती तो धन्य धन्य हो जाती मां भारती !
अफसोस सभी चुनर खिंच रहे हैं।
जितनी भी योजनायें अभी तक सरकार के द्वारा
बनायी गयी है उनमें से यदि एक भी योजना लोगों
तक पहुँच जाती तो गरीबी की मार सूक्ष्म होकर
देश मे भ्रमण कर रही होती । अजीब बात है कि
अभी तक इस दिशा में @mygovindia की
नजर अछूत है ।
~d
गांधीवादी जो हैं वे सब
आश्रम खोलें , चरखा काटें
जितने भूखे और नंगे हैं
कपड़ा भोजन उनमें बाँटें ।
कब तक महलों से बोलेंगे
गांधी को प्रिय मानते हैं
ढोंग से फिर क्या बदलेगा
जब आप ही नही बदलते हैं !
~d
#ल��्ष्मीबाई