टूटे हो कभी बताना मेरी तरा,
टूट कर कभी चाहना मेरी तरा,
मुश्किल कया है बस यही मुश्किल है ---
ये कहते कहते क़लम छोड़ जाना मेरी तरा...
(नीरज शर्मा ) हाँ कोई भेद करे तो मै तैयार हूँ अदालत का दरवाजा खटखटना...
@omprakash9singh@Ak94378 वो रेडिओ आज भी याद है....
समय बस आज बर्बाद है...
लोग ऑनलाइन गीत सुनते है...
मतलब है इनमे देखिये, मतलब के चुनते है..
"नीरज शर्मा पागल "
@RealAnjalii @Ak94378 उम्र भर जो लड़ते रहे केस....
जिनकी गयी नहीं कोई पेश...
बैठ गया 'पागल ' आखिर तो,
गैरतमनद हार गया सच मे रेस....
बलात्कारी बाप की गुहार ऐसा ही कयो होता है।🙏🏻