अरे कुछ शर्म तो करो।जब अब्दुलाओं की सरकार कश्मीर में थी ��र मस्जिदों से कश्मिरी पंडितों को मारा काटा और भगाया जा रहा था ,तब कहां छुपा बैठा था केन्द्र में सरकार भी तेरी थी और तालियां बजा रहा था।अब हालात बदल रहे हैं तब ज्ञान पेल रहा है।
इस साल, कश्मीर में 30 टार्गेटिड किलिंग्स हो चुकी हैं। पंडितों का पलायन तेज़ी से बढ़ रहा है।
भाजपा ने यूपीए द्वारा किए गए अच्छे कामों को बर्बाद कर दिया है।
सत्ता में आने से पहले बड़ी-बड़ी बातें करने वाले PM सत्ता भोग रहे हैं और कश्मीरी पंडित अपने ही देश में शरणार्थी बने हुए हैं।