प्रकाश भारती - एपिसोड 02
रिपोर्ट आने तक भोजन सुरक्षित माना जाएगा।
बाक़ी, खाते समय खाने पर ध्यान दें… कमियों पर नहीं।
देश देख रहा है, हम भी।
#PrakashBharati#Episode02
उम्र का एक हसीन पड़ाव क़ैद है किसी दफ़्तर में,
जैसे कोई फूल खिलकर फँस गया हो पतझड़ में।
शौक, सपने, आवारापन, दिल्लगी सब भुला बैठा हूँ,
कुछ क़र्ज़ अब चढ़ा लिए हैं क़र्ज़ उतारने के चक्कर में।
आज हम ये तो जान चुके हैं कि भारतीय गुरुकुलों में 60-70% छात्र तथाकथित शूद्र थे, लेकिन ये जानकारी हमारे सामने लेकर आने वाले कौन थे, ये ज़्यादातर लोगों को पता ही नहीं!
धर्मपाल जी को इतिहास में वो जगह मिलनी चाहिए जिसके वो हकदार हैं!
धन्यवाद @ashu_nauty और @OpIndia_com
धर्मपाल जी और उनकी किताब पर इस वीडियो को बनाने के लिए🙏
Yesterday, we received a concern from a CDS aspirant regarding the availability of early morning Metro services to reach the examination centre before reporting time.
Taking note of this genuine concern, Delhi Traffic Police promptly coordinated with @OfficialDMRC to facilitate candidates appearing for the NDA/CDS Examination.
We are pleased to share that Delhi Metro services will commence from 6:00 AM across all lines on the examination day.
We sincerely appreciate DMRC’s prompt response and cooperation in facilitating the aspirants.
Your concern matters to us. Every aspirant’s journey matters.
Best wishes to all NDA/CDS aspirants for the examination.
@LtGovDelhi@CPDelhi@CMODelhi@DelhiPolice@OfficialDMRC@adanshh
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी,
ये नोएडा का डूब क्षेत्र है।यहाँ हर तरह का कंस्ट्रक्शन वर्जित है। बावजूद इसके अवैध कंस्ट्रक्शन चल रहा है।
@noida_authority सो रही है। JCB लगाकर काम चल रहा है पर कोई रोकने टोकने वाला नहीं है।
धीरे धीरे इसी तरह अवैध कॉलोनी बसा दी जाती है और बाद में एक्शन होता है तो आम आदमी जिसने घर खरीद लिया है वो रोता है।
उम्मीद है आप इस पर एक्शन का आदेश देंगे।
मोदी एक्ट पर कुछ तथ्य और आँकड़े
एक पार्टी चाटुकार का वीडियो देखा जिसमें उक्त व्यक्ति, पत्रकार @23pradeepsingh जी को ज्ञान दे रहा है कि उन्होंने जो 'मोदी एक्ट' के बारे में दलित नागरिकों द्वारा पैसों की उगाही की योजना पर टिप्पणी की, वह ग़लत है।
बिल्कुल नहीं! प्रदीप जी ने जो कहा वह तथ्यात्मक रूप में उचित है क्योंकि न तो 1989 के मूल क़ानून में, न ही 2018 के मोदी संशोधन में इस बवासीर एक्ट में किसी भी तरह की '75% दिए पैसों की रिकवरी' का कोई भी प्रावधान है ही नहीं।
हाँ, कभी-कभी कोर्ट को लगता है कि ये कुछ ज़्यादा ही हो गया तो वह आदेश दे सकती है, परंतु लाखों ऐसे केस के 99% मामलों में कोर्ट सरकार द्वारा चार्जशीट फाइल होने तक दी गई धनराशि की कोई रिकवरी नहीं करवाती। उसके लिए आरोपित को बाद में केस फाइल करना होता है, और अधिकांश समय लोग कोर्ट के झंझट में नहीं पड़ना चाहते।
यह केस मोदी एक्ट के सेक्शंस के तहत नहीं होता, वह अन्य IPC/BNS के माध्यम से होगा। यानी एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। 3(1)(p), 3(1)(q) या 3(2)(i)–(ii) में स्पष्ट रूप से 'फ़र्ज़ी केस, फ़र्ज़ी साक्ष्य, फ़र्ज़ी सूचना' देने पर आप पर केस बनेगा, लेकिन यह प्रावधान केवल SC/ST लोगों के लिए है, ना कि अन्य भुक्तभोगियों के लिए। और यह मोदी जी ने ही 2015 में संशोधन करके डाला है। यानी, SC/ST पर केस करने के लिए यदि आपने ग़लत सूचना, प्रमाण का प्रयोग किया तो उसे सुरक्षा है, आपको नहीं।
उक्त चटुआ महोदय से आग्रह है कि हमें पुनः वीडियो में जन-गण-मन की धुन बजा कर समझाएँ कि नियम 12(4), 12(7) अथवा किसी अन्य एनेक्सर में 'ऑटोमैटिक रिकवरी' की बात है क्या? साथ ही, यह भी बताएँ कर्नाटक, इलाहाबाद एवं एकाध अन्य हाई कोर्ट के अलावा कुल कितने ऐसे केस हैं जिसमे कोर्ट्स ने ऐसे स्टार्ट-अप योजना के लाभार्थियों से अठन्नी भी वसूली है? आज तक कुल ऐसी रिकवरी 10-20 करोड़ भी नहीं होगी।
आपकी सूचना हेतु बता दूँ कि 8-10% कन्विक्शन रेट वाले इस कानून ने 2018 के बाद से 2024 तक 5.7 लाख लोगों के लिए ₹3650 करोड़ रुपए बाँटे हैं। 2.88 लाख केस पेंडिंग हैं कोर्ट्स में लेकिन पैसे 75% तक दे दिए जाते हैं।
₹3650 करोड़ का आँकड़ा केवल कन्विक्शन के बाद का नहीं है, यह आँकड़ा FIR, चार्जशीट के स्तर तक दी गई 75% धनराशि के साथ है। तो आप स्वयं कैलकुलेट कीजिए कि इसमें कितने हज़ार करोड़ झूठे केस करने वालों को दे दिए गए।
Republic of Permissionocracy🙈
वो सरकारी अमला ही क्या जो किसी ट्रेजेडी को अपनी रिश्वत का दायरा बढ़ाने के लिए प्रयोग ना कर पाए।
दिल्ली में अब पीजी हॉस्टल चलाने के लिए लाइसेंस लेना होगा। It will be a dream bribe fest. निचोड़ लिया जाएगा पीजी वालो को, बोन मैरो तक।
इसके परिणाम ये होंगे: १. पीजी नोएडा/गुड़गांव भाग जाएँगे। २. अंडरग्राउंड हो जाएँगे। समाज का illegality content बढ़ जाएगा। ३. पीजी महंगे हो जाएँगे। रिश्वत का बोझ छात्रों पर ही पास on हो जाएगा। ४. सरकार पीजी लोन स्कीम लाएगी जिसमे पीजी में रहने वाले छात्र लोन ले सकेंगे। ५. अगले चुनाव से पहले केजरीवाल फ्री पीजी योजना लाएगा।
स्कोर,
सरकारी अमला: 100
जनता: 000
18/ To prevent abuse, complaints should be screened for duplicates, harassment, knowingly false claims, and matters outside government authority without suppressing legitimate criticism.