📢 NEET (UG) 2026 — परीक्षा तिथि की घोषणा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने भारत सरकार की स्वीकृति से NEET (UG) 2026 की पुनः-परीक्षा रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है।
परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से अनुरोध है कि वे केवल NTA के आधिकारिक माध्यमों पर ही विश्वास करें।
📧 [email protected] 📞 011-40759000 / 011-69227700
टोल अपने आप कट जाता है, FASTag से सेकंडों में पेमेंट हो जाती है…
थोड़ा तेज गाड़ी चलाओ तो e-challan भी तुरंत घर पहुंच जाता है।
लेकिन सड़क टूट जाए तो?
उसे ठीक करने के लिए कोई “automatic system” क्यों नहीं है?
ग्वालियर में एक महिला नेता पिछले 3 साल से अपने ही इलाके की सड़क बनवाने की मांग कर रही हैं…
और हैरानी की बात ये है कि वो उसी पार्टी से हैं जिसकी MP में सरकार है।
जब हर चीज online, AI-enabled और automated हो सकती है,
तो सड़क जैसी basic चीज के लिए अब भी इतना इंतज़ार क्यों?
Technology सिर्फ challan काटने के लिए है,
या फिर लोगों की basic problems solve करने के लिए भी?
If the SIM and phone belong to the user, how can incoming calls be blocked?
Basic access shouldn’t become a luxury. 📱
Recharge khatam = outgoing band.
But incoming band? That’s exploitation, not policy.
@raghav_chadha raised this issue in parliament 👌
कम बैलेंस होने के कारण आउटगोइंग कॉल बंद होना समझ में आता है,
लेकिन इनकमिंग कॉल को खासकर कम कमाई वाले उपयोगकर्ताओं के लिए ब्लॉक करना पूरी तरह से गलत है।
~ राघव चड्ढा, MP राज्यसभा
राघव चड्ढा के इस मांग पर आपके क्या विचार है?🤔
वैशाली बिहार में तैनात इस BDO की औकात कैसे हुई एक आम आदमी पर हांथ उठाने की?
अगर गाड़ी टच हुई तो डैमेज का खर्चा लो लेकिन इस सूअर ने कानून के किस नियम के अंतर्गत थप्पड़ मारा?
क्या पब्लिक भी काम न करने के लिए इन हरामखोरो को ऐसे कूट सकती है
ऊपर से नीचे तक सरकार में बेईमान लोग बैठे हैं । संभु गर्ल्स हॉस्टल पीड़िता के परिजन अब दिल्ली में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं । बिहार सरकार के न्यायिक व्यवस्था से भरोसा उठ चुका है-
जहानाबाद में आज भीड़ के सब्र का बांध टूट गया। ये हैं बिहार सरकार के निकम्मेपन के प्रत्यक्ष सबूत। पटना में NEET की तैयारी करने वाली जहानाबाद की मासूम बेटी के साथ दरिंदगी होती है। उसके बाद सरकार और पुलिस कार्रवाई करने की जगह दरिंदगी की बात से ही इनकार करती है और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाती है। कुछ दिनों तक मामले के शांत होने का इंतज़ार करती है लेकिन जब मामला उजागर हो जाता है तो न्याय का आश्वासन देकर SIT का गठन कर देती है।
लेकिन पुलिस प्रशासन के निकम्मेपन और नाकामी का आलम देखिये, इस केस को SIT से वापस लेकर CBI को सौंप दिया जाता है। घटना को एक महीने हो चुके हैं लेकिन अब तक पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। कहां है स्पीडी ट्रायल, कहां है निर्भया कांड के बाद बना कानून। गरीब और लाचार लोगों का सिर्फ शोषण ही नहीं होता बल्कि शोषण के बाद उसे शोषित होने का दंड भी दिया जाता है।
जहानाबाद की ये जनता सिर्फ अपनी बेटी के लिये न्याय मांग रही है। एक पीड़ित के लिये जो न्यूनतम चीज़ है वो है न्याय। कम से कम वो तो उसे मिलना ही चाहिये।
🚨 आम आदमी हर मोड़ पर टोल दे और विधायक - सांसद VIP लेन से फ्री निकल जाएँ 🚨
₹50 हजार कमाने वाला टैक्स, GST, रोड टैक्स सब दे और लाखों लेने वाले कहें - हम जनसेवक हैं।
वाह रे सिस्टम!
जनता कमाए, भरे… और नेता ऐश करे 😡
@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@RPF_INDIA श्रीमान जी वीडियो देख काफी दु:ख हुआ मेरा आप लोगों से अनुरोध है की इन लड़को की उम्र का लिहाज छोड़कर इनके हाथ पैर तोड़के अच्छे से धुलाई करते हुए समाज में एक अच्छा संदेश देने का कष्ट करें ताकि पूरे देश में इस तरह की हरकतें करने के पहले लोग सोचें कि भारतीय रेल कहीं से भी कमजोर नहीं है🙂