मुझे अच्छा लगा ये वीडियो, so sharing with you all.
राम को न भुलाओ, मतलब? जब भी कुछ पाने के लिए कपट, छल, पाप करो तो याद रहे ईश्वर देख रहा है।
कठिन मगर सच की राह चुनो।
इसे अपने भाई बहनों से भी शेयर करो।
सभी युवा मित्रों को लोहड़ी पर्व की असीम शुभकामनाएं और स्नेहाशीष।
हो सके तो आज किसी गरीब इंसान की कोई छोटी मोटी हेल्प कर देना, कोई कपड़ा या स्वेटर दे देना, किसी को बताना मत बस आपको अच्छा लगेगा।
सबसे शेयर करना।
जितेंद्र जी,
पिछले 50 साल से जयपुर में रिहाइश, इसमें लगभग चालीस साल देशभर में और विदेश में.....
मेरा जन्म भरतपुर में, पढ़ाई भरतपुर, सीकर, चौमू, जयपुर ....
बॉडी कहीं भी जन्मी औ��� कहीं पर रही हो, मगर मेरा दि�� है हिंदुस्तानी....
मुझे गर्व है एक भारतीय होने का।
रवींद्र जी, thx so much, the pic was clicked yesterday!
जीवनसंगिनी का 37 वर्ष का साथ,
बड़ों का आशीर्वाद और ईश्वर का अनुकंपा भरा ह��थ!
We feel blessed!
और अब अनगिनत शुभकामनाओं के लिए सभी युवाओं को हमारा सहृदय आभार!
फसल बीमा, MSP, DAP, यूरिया जैसी किसानों की मूलभूत समस्याओं और पानी की मांग को लेकर चूरू सांसद श्री राहुल कस्वां जी द्वारा चूरू से जयपुर की ओर निकाले गए शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च को पुलिस प्रशासन द्वारा फतेहपुर टोल नाके पर रोकना अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
किसानों की जायज़ मांगों को आवाज देने वाले जनप्रतिनिधि की आवाज दबाने की कोशिश कर भाजपा सरकार ने साफ कर दिया है कि उसे किसानों की पीड़ा और उनके संघर्ष से कोई सरोकार नहीं है।
लोकतंत्र में असहमति ���ा सम्मान ही समाधान का रास्ता दिखाता है—किसानों की बात सुने बिना कोई भी नीति प्रभावी नहीं हो सकती।
@RahulKaswanMP
किसानों के साथ सांसद राहुल कस्वां का चूरू से जयपुर तक “ ट्रैक्टर मार्च “
हालांकि पुलिस ने मार्च रोकी
चूरू लोकसभा के इंडिया गठबंधन के सभी नेता और बड़ी संख्या में किसान शामिल
विधायक नरेंद्र बुढ़ानिया, पूर्व विधायक कृष्णा पूनिया भी ट्रैक्टर पर सवार
सांसद कस्वां ने कहा कि चूरू संसदीय क्षेत्र सहित देश-प्रदेश के किसान आज भारी परेशानी में हैं
फसल बीमा के तहत्त चूरू जिले का खरीफ-2021 का 500 करोड़ का बीमा क्लेम निरस्त किया जाना किसान हित्तों पर गहरा आघात है
राहुल कसवा�� ने कहा
फसल बीमा पोर्टल पर डाटा इंट्री न होने से पिछले कई सीजन में हजारों किसान बीमा क्लेम से वंचित।
फसल बीमा योजना में बड़ी खामियां जैसे- किसान की खड़ी फसल नुकसान में शामिल नहीं
फसल खराब होने पर व्यक्तिगत नुकसान की शिकायत के बावजूद सम्बन्धित बीमा कम्पनी के कर्मचारी 15 दिन तक पहुंचते नहीं—
बीमा कम्पनी की मनमानी किसानों को सर्वे में शामिल नहीं करना—प्रिमियम काटने की तिथि फिक्स है तो बीमा देने की क्यों नहीं ?
बीमा क्लेम से सम्बन्धित कमेटी SGRC और STAC में किसान व जनप्रतिनिधि को शामिल क्यों नहीं किया जाता।
➖ डीएपी/ यूरिया की भारी किल्लत और कालाबाजारी से किसान परेशान।
➖MSP पर टोकन में गड़बड़ी, किसानों के टोकन नहीं कटना एवं MSP पर खरीद शुरू नहीं होना।
➖ मध्यप्रदेश व हरियाणा की तर्ज पर भावांतर स्कीम लागू करने की मांग
➖पीएम धन-धान्य ��ोजना में मूंग व चना फसल को शामिल किया जाए
➖ यमुना लिंक समझौते को धरातल पर उतारा जाए और समझौते के अनुसार शेखावाटी को पूरा पानी दिलवाया जाए।
➖ नोहर फीडर की रिमोडलिंग व नहर क्षमता विकसित करने की डीपीआर की मांग
➖ सिधमुख नहर में समझौते के अनुसार 0.47 एमएएफ पानी उपलब्ध करवाया जाए।
➖ झींगा मछली पालन में बिजली दरों को हरियाणा की तर्ज पर कम किया जाए।
➖चूरू जिले में झींगा कलस्टर का प्रस्ताव केन्द्र स��कार को भिजवाया जाए।
➖MSP पर किसान की सम्पूर्ण उपज खरीद की जाए। @RahulKaswanMP
@KrishnaPooniaIN
@8PMnoCM
चूरू सांसद राहुल कस्वां के ट्रैक्टर मार्च को प्रशासन ने सीधी चुनौती दे दी है।
इस दौरान मार्च जैसे ही आगे बढ़ा, पुलिस ने किसानों को रोकने और डिटेन करने की कोशिश की, जिसके चलते सड़क पर माहौल अचानक गरम हो गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
MSP, DAP, यूरिया, फसल बीमा और पानी जैसी किसानों की मूलभूत मांगों पर निकले चूरू सांसद राहुल कस्वां जी का शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च फतेहपुर टोल पर रोक दिया गया।
यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों और किसानों की आवाज़ पर सीधा हमला है। सरकार अगर जनप्रतिनिधियों की बात भी नहीं सुनेगी, तो किसान अपने हक़ कैसे मांगेंगे?
@RahulKaswanMP
चूरू से निकली राहुल कसवां की किसान रैली का यह दृश्य आज के भारत की असली तस्वीर है। आगे-आगे ट्रैक्टरों की लंबी कतार, पीछे हज़ारों किसान हरे झंडे और तख्तियाँ लिए नारे लगा रहे हैं : एमएसपी हक़ है, भीख नहीं। बुज़ुर्ग किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलती युवा पीढ़ी बता रही है कि खेती सिर्फ़ पेशा नहीं, वजूद का सवाल है। लोकतंत्र की सड़क आज खेतों से होकर गुज़र रही है।@RahulKaswanMP #Kisan
भजनलाल जी ये किसानों का काफ़िला रोकने का दुस्साहस मत करो 🤬
केंद्र सरकार ने भी कोशिश की थी एक बार बाद में परिणाम ये हुआ था कि,
मोदी जी थारी तोप कड़े, हम दिल्ली आ गये!
किसानों को शांति से जयपुर आने दो नहीं तो
कुर्सी से हाथ धो बैठोगे भजनलाल जी !
किसानों की मांगों को लेकर सांसद राहुल कस्वा की ट्रैक्टर यात्रा.वैसे सदन से लेकर सड़क तक देखा जाए तो राहुल अन्य सांसदों से काफी सक्रिय है.कांग्रेस हाईकमान को चूरू एमपी की और उपयोगिता लेनी चाहिए..ये वो ही न���ता है,जिसके कारण कांग्रेस की लोकसभा चुनाव में राजस्थान में हवा बदल गई थी..
किसान और किसानी की आवाज हमारे सांसद @RahulKaswanMP जी किसान की माँगो के लिए जयपुर जा रहे है लगभग दस हज़ार ट्रेक्टर के साथ जयपुर में किसान की बात पहुँचायेंगे
ये आवाज़ संसद में भी गूंजेगी
किसान एकता जिंदाबाद, जिंदाबाद किसानी।
किसानों का 500 करोड़ का बीमा क्लेम निरस्त होने, विभिन्न फसली सीजन का बकाया क्लेम जारी करने, बीमा पोर्टल पर डाटा एंट्री नहीं होने सहित किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा 17 नवंबर को चूरू से जयपुर तक किसान एकता ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा।
सभी किसान भाइयों एवं युवा साथियों से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर किसानों के हितों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करें।
#किसान_एकता_ट्रैक्टर_मार्च #KisanEktaTractorMarch @INCIndia@INCRajasthan
चूरू सांसद श्री @RahulKaswanMP जी के ट्रैक्टर मार्च को पुलिस प्रशासन द्वारा रोकना बेहद शर्मनाक है।
फतेहपुर टोल नाके पर जिस तरह किसानों की आवाज़ को रोका गया है, वह साफ़ दर्शात��� है कि राजस्थान की 'पर्ची' सरकार किसानों से इतनी भयभीत है कि अब शांतिपूर्ण विरोध एवं आंदोलन भी उसे असहज कर देते हैं। किसानों का रास्ता रोका जा सकता है, लेकिन उनके हक़ की लड़ाई की गूंज को कोई सत्ता नहीं रोक सकती।
यह दमनकारी रवैया 'पर्ची' सरकार की असुरक्षा की भावना को दर्शाता है।
@BhajanlalBjp @RajCMO @PoliceRajasthan @INCRajasthan