Saurav Ghoshal is phenomenal. Truly deserving of Dronacharya Award.
He had mentored not only Anahat Singh - World Junior champion but also Abhay Singh who captained the Indian team that won Squash World Cup in 2025
Ghoshal is like Gopichand and Vishwanath Anand. 👏👏
जिन्हें आप पिछड़ा कहते हैं दरअसल वो Majority of states की दबंग जाती हैं
देश के राजनैतिक दलों ने ये अगड़ा और पिछड़ा का खेल खेला
आज भारत में एक होड़ मची है अपने आप को पिछड़ा वर्ग बनाने की
आरक्षण खत्म हो तभी देश का विकास होगा
#EndReservation
An auto rickshaw driver going to sit on jantar mantar with 100 other drivers to remove caste based reservation 🚨
Auto driver Rajesh Kumar - My kid is a brilliant student. He scored well in Science, he scored well in Maths but scored less in English. Now he wants admission to a science college. For the last 15 days, I haven't taken a single passenger in this auto. I use this auto to go from one college to another to get him admission. But they are not ready to give him a science seat. They are saying he will get Commerce because he has no reservation.
Every college I go to asks 'Are you SC?' Arre sir, I am an auto driver. Isn't this enough? I can't afford to make my kid study in a private college where the fees are 1.5 lakh. If he studies Science, he will contribute to the betterment of this country. If he doesn't, he will live his whole life in pain and his entire generation will suffer. I'm going to jantar mantar. PM Modi will have to listen my voice."
This is the pain of poor GC family which government isn't ready to hear 🙏🥲
गोली मारने की धमकी दे रही थी, गाली दे रही थी, तब तो matured थी। FIR हो गया तो उन्नीस-बीस साल की उम्र का हवाला दे रही है। ऐसे कैसे चलेगा? अबे देश में कानून का राज चाहते हो न? फिर कानून से क्या डरना? उसका सामना करो। उम्र का बहाना करना तो ग्रैंड फेंटने की निशानी है!
निर्भीक होने से चलेगा या निर्भीक होने का नाटक करने से?
एक आंदोलन इस पर भी हो की भारत के आज़ादी का 100 वाँ वर्ष आरक्षण मुक्त राष्ट्र हो, इसे सभी दल अपने मेनिफ़ेस्टो में शामिल करें ! - पं. उदयभान करवरिया (पूर्व विधायक)
इतनी बेबाकी से कोई माई का लाल नहीं बोल सकता !
रिजर्वेशन पर चर्चा किए बिना जेन्यून रिफॉर्म्स की बात नहीं हो सकती। अगर लक्ष्य सामाजिक न्याय और समान अवसर है, तो हमें यह भी पूछना चाहिए कि SC/ST छात्रों को शुरुआत से ही बेहतर शिक्षा, संसाधन और अवसर क्यों नहीं मिलते। केवल अंतिम चरण में आरक्षण देना ही पर्याप्त समाधान नहीं माना जा सकता।
सरकार को उनकी शुरुआती शिक्षा में निवेश करना चाहिए, ताकि हर छात्र को शुरुआत से ही समान अवसर मिलें और वह अपनी क्षमता के आधार पर आगे बढ़ सके।
सरकार से छात्रों की 4 बड़ी मांगे होनी चाहिए, जिसमें किसी भी वर्ग को ना तो समस्या होगी, ना आपसी संघर्ष बढ़ेगा:-
- पहली मांग एक देश एक फीस। सभी छात्रों की फीस समान होनी चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस भी समान हो। या तो शून्य हो या फिर बराबर
- एक देश एक कटऑफ। सभी वर्गों की कटऑफ लिस्ट समान रखी जाए
- तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण। सामान्य वर्ग के लिए भी संवैधानिक आयोग हो। जैसे SC/ST आयोग है, OBC आयोग है, अल्पसंख्यक आयोग है, उसी तरह सामान्य वर्ग आयोग भी हो
- चौथी बड़ी बात एक परिवार को एक ही बार रिजर्वेशन मिले। नहीं तो कम से कम ग्रेड-A और ग्रेड-B जॉब करने वालों के बच्चों के आरक्षण मिलना बंद हो।
>हर जाति वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस बराबर रखी जाये,
>या तो सबके लिए शून्य की जाये या फिर सबसे बराबर पैसे लिए जाएँ,
>जब आरक्षण जाति के आधार पर होता है तो फीस जाति देखकर क्यूँ ली जाती है?
>अब आंदोलन ट्विटर तक सीमित नहीं रहेगा ,अब हर छात्र की आवाजें सड़कों से गूंजेगी
NEET अभ्यर्थी हर्ष दुबे ने मीडिया डिबेट और साक्षात्कारों में आरक्षण व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाते हुए सवर्णों का दर्द बयां किया है। हर्ष द्वारा उठाए गए प्रमुख प्रश्न इस प्रकार है:
आरक्षण के मुद्दे पर कभी कोई बात क्यों नहीं करता? न कोई न्यूज़ चैनल, न विपक्ष और न ही सत्ता पक्ष इस पर कुछ बोलता है। मेरे साथ पढ़ने वाले छात्र, जिन्होंने मुझसे लगभग आधे अंक प्राप्त किए थे, वे आज अस्पताल चला रहे हैं। आखिर आरक्षण पर बात कब की जाएगी?
यह एक 'ऑल इंडिया' परीक्षा है, फिर इसमें जाति, कॉलेज और राज्य स्तर पर अलग-अलग आरक्षण क्यों दिया जा रहा है? स्टेट लेवल पर भी यूपी में 560, एमपी में 540 और छत्तीसगढ़ में 530 अंकों पर ही बच्चों को कॉलेज मिल जाता है, ऐसा क्यों?
जब हर स्तर पर इतना आरक्षण दिया जा रहा है, तो आखिर सवर्णों के बच्चे कहाँ जाएँगे?
आरक्षण की बात मत करो, आंदोलन बिगड़ रहा है।😑
- यह भी छात्रों का ही मुद्दा है।🔥
10 साल से दिया गया आरक्षण अब एक विकृत रूप ले चुका है।
- "जिस दिन छात्र सड़कों पर उतर आए, उस दिन वे न सरकार को देखेंगे और न ही विपक्ष को।" 🙏
बहुत सही कहा, सर। 🔥🔥🔥
अब बात केवल आरक्षण की होगी, बाकी बातें जाएँ भाड़ में। 🙏
#EndReservation