#Jaipur: अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने की पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट की मांग की
वित्त प्रमुख सचिव वैभव गालरिया से मुलाकात करके सौंपा ज्ञापन, महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने वित्त सचिव से मुलाकात की
@RajGovOfficial@rituraj9999
यदि नारा सबका साथ सबका विकास है तो फिर पदोन्नति में दी गई शिथिलन में असमानता क्यों।
सभी योग्य कर्मचारियों को पदोन्नति के समान अवसर मिलने चाहिए। माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि प्रकरण का संज्ञान लेवे
@RajCMO@BhajanlalBjp#पदोन्नति_में_समानता
सबको मिले पदोन्नति में छूट, किसी के साथ न हो अन्याय।
प्रदेश सरकार द्वारा पदोन्नति में दी गई छूट को बिना किसी शर्त के 2 वर्ष के लिए लागू किया जाए, ताकि सभी संवर्गों के कर्मचारियों को समान अवसर एवं समान लाभ प्राप्त हो सकें।
@RajCMO@BhajanlalBjp@KumariDiya#पदोन्नति_में_समानता
राजस्थान के हजारों मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांग:
पदोन्नति में 2 वर्ष की अनुभव की छूट माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने सचिवालय कर्मचारी अध्यक्ष कजोड़ मल मीणा के द्वारा लंबे संघर्ष के बाद यह छूट मिली और न ए पदों का सृजन किया जो ऐतिहासिक कार्य है इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल जी और कजोड़ मल मीणा जी बहुत बहुत धन्यवाद।
परंतु अधीनस्थ विभागों के मंत्रालयिक कर्मचारियों के लिए ऊपर के नए भी नहीं मिले ना छूट का सही लाभ मिला।
वर्ष 2023-24 में जिन कर्मचारियों को छूट मिली है उनको छूट के दायरे से बाहर करना भी सही नहीं है।
हर बार दो वित्तीय वर्ष के अलावा छूट प्राप्त कर चुके कार्मिकों को छूट मिलती थी परन्तु अबकी बार इन कर्मचारियों के साथ खेला है गया यह किसी कर्मचारी ने सोचा भी नहीं।
इसलिए छूट की अधिसूचना में 2023- 24 को हटाया जाएं इसके लिए हम माननीय मुख्यमंत्री महोदय का ध्यानाकर्षण करवाना चाहते हैं।
@RajCMO@BhajanlalBjp
@RajGovOfficial@rajcmo@DIPRRajasthan
*पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट पर लगाई गई शर्त का मंत्रालयिक कर्मचारियों ने किया विरोध, आदेश संशोधन की मांग*
जयपुर, 18 जून। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए पदोन्नति में अनुभव एवं सेवा अवधि में 2 वर्ष की छूट प्रदान किए जाने के आदेश का मंत्रालयिक कर्मचारियों में व्यापक विरोध शुरू हो गया है। अखिल राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज उपमुख्यमंत्री महोदया से मुलाकात कर आदेश में लगाई गई शर्तों को कर्मचारी विरोधी बताते हुए तत्काल संशोधन की मांग की।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट तो प्रदान की है, लेकिन इसके साथ यह शर्त जोड़ दी गई है कि वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में जिन कर्मचारियों ने किसी भी प्रकार की अनुभव अथवा सेवा अवधि शिथिलता का लाभ लिया है, वे इस छूट के पात्र नहीं होंगे। इस कारण अधिकांश मंत्रालयिक कर्मचारी पदोन्नति के लाभ से वंचित हो जाएंगे और आदेश का वास्तविक उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि वर्तमान आदेश कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करता है तथा इससे केवल सीमित संख्या में कर्मचारियों को ही लाभ मिलने की संभावना है। वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हजारों कर्मचारियों की उम्मीदों पर यह आदेश पानी फेरने का कार्य कर रहा है।
महासंघ ने मांग की कि पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट पर लगाई गई उक्त शर्त को तत्काल हटाया जाए तथा सभी पात्र कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर प्रदान किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में पदोन्नति प्रक्रिया को गति देना चाहती है तो छूट का लाभ सभी पात्र कार्मिकों को मिलना चाहिए।
महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी हित में शीघ्र संशोधित आदेश जारी नहीं किया गया तो राज्यभर के मंत्रालयिक कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन, पेन डाउन तथा सामूहिक हड़ताल जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
@RajGovOfficial@rajcmo@DIPRRajasthan
*पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट पर लगाई गई शर्त का मंत्रालयिक कर्मचारियों ने किया विरोध, आदेश संशोधन की मांग*
जयपुर, 18 जून। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए पदोन्नति में अनुभव एवं सेवा अवधि में 2 वर्ष की छूट प्रदान किए जाने के आदेश का मंत्रालयिक कर्मचारियों में व्यापक विरोध शुरू हो गया है। अखिल राजस्थान मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज उपमुख्यमंत्री महोदया से मुलाकात कर आदेश में लगाई गई शर्तों को कर्मचारी विरोधी बताते हुए तत्काल संशोधन की मांग की।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार ने पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट तो प्रदान की है, लेकिन इसके साथ यह शर्त जोड़ दी गई है कि वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में जिन कर्मचारियों ने किसी भी प्रकार की अनुभव अथवा सेवा अवधि शिथिलता का लाभ लिया है, वे इस छूट के पात्र नहीं होंगे। इस कारण अधिकांश मंत्रालयिक कर्मचारी पदोन्नति के लाभ से वंचित हो जाएंगे और आदेश का वास्तविक उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि वर्तमान आदेश कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करता है तथा इससे केवल सीमित संख्या में कर्मचारियों को ही लाभ मिलने की संभावना है। वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हजारों कर्मचारियों की उम्मीदों पर यह आदेश पानी फेरने का कार्य कर रहा है।
महासंघ ने मांग की कि पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट पर लगाई गई उक्त शर्त को तत्काल हटाया जाए तथा सभी पात्र कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर प्रदान किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में पदोन्नति प्रक्रिया को गति देना चाहती है तो छूट का लाभ सभी पात्र कार्मिकों को मिलना चाहिए।
महासंघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी हित में शीघ्र संशोधित आदेश जारी नहीं किया गया तो राज्यभर के मंत्रालयिक कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन, पेन डाउन तथा सामूहिक हड़ताल जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
@8PMnoCM@RajGovOfficial@RajCMO@DIPRRajasthan सरकार सचिवालय वालों को फायदा पहुंचाकर सबोर्डिनेट डिपार्टमेंट कर्मचारियों को नाराज कर रही है। 3 साल को हटा के 2 साल किया जाना चाहिए।
@alokrajRSSB हुकुम, अगर आपके जानकारी देने के बाद विद्यार्थी विभागों में जाकर , दबाव डलवा कर, किसी भी तरीके का प्रयोग कर के अगर भर्ती को कंप्लीट करवाने का प्रयास कर रहे हैं तो क्या हर्ज है।
किसी भी प्रकार के उत्प्रेरक के प्रयोग से अगर भर्ती प्रक्रिया में तेजी आ रही है तो आपको वहीं करना चाहिए।
चीन को जब भी कोई हमारा खिलाड़ी हराता है तो बहुत ख़ुशी मिलती है क्योंकि
ओलंपिक खेलों में
बैडमिंटन में हमारा रास्ता चीन रोकता है,
टेबल टेनिस में हमारा रास्ता चीन रोकता है,
बॉक्सिंग में हमारा रास्ता चीन रोकता है,
आज हमारे D. Gukesh ने चीन के डिंग लिरेन को हराकर World Chess Championship जीत ली है,
D. Gukesh चेस के नए और सबसे युवा वर्ल्ड चैम्पियन बन गए हैं।