अब 15 अगस्त को वो भी स्टूडेंट्स स्टोरी पोस्ट करेंगे जिन्होंने जंतर मंतर पर देश की छवि खराब करने की कोशिश की जिन्होंने उमर खालिद जिंदाबाद कहा, देश के ही महामहिम को अभद्र गालियां दी, भारत तेरे टुकडे होंगे;
गैंग का समर्थन किया, लोकतंत्र खत्म।
इतना दोगलापन लाते कहा से है
अब 15 अगस्त को वो भी स्टूडेंट्स स्टोरी पोस्ट करेंगे जिन्होंने जंतर मंतर पर देश की छवि खराब करने की कोशिश की जिन्होंने उमर खालिद जिंदाबाद कहा, देश के ही महामहिम को अभद्र गालियां दी, भारत तेरे टुकडे होंगे;
गैंग का समर्थन किया, लोकतंत्र खत्म।
इतना दोगलापन लाते कहा से है
ये हैं भारत के नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी जी
CJP वाले जब Pralhad Joshi को सुनेंगे तो उन्हें Dharmendra Pradhan अच्छे लगेंगे
वैसे भी प्रधान जी ने एजुकेशन रिफार्म का जो अभियान शुरू किया था
@JoshiPralhad जोशी उसे तीव्रगति से आगे बढ़ाएंगे
प्रधान जी ABVP से थे तो जोशी जी RSS से हैं
युवाओं और विद्यार्थियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। श्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और हमारी सरकार के लिए हमारे विद्यार्थियों और युवाओं की भावनाओं का सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिये प्रतिबद्धता सर्वोपरि हैं।
NEET परीक्षा, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लेकर विद्यार्थियों के मन में जो भी चिंताएँ हैं, उनका पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जा रहा है।
विद्यार्थियों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना, उनका समाधान सुनिश्चित करना और उनमें यह विश्वास बनाना कि उनकी आवाज़ सुनी जाएगी और उनकी सभी समस्याओं का समाधान होगा, यही हमारी प्राथमिकता है।
मुझे विश्वास है कि अब हमारे युवा और विद्यार्थी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई, अपने सपनों और अपनी आकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे और एक सशक्त, समृद्ध एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
केंद्रीय मंत्री के रूप में श्री धर्मेंद्र प्रधान जी का कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक रहा है। सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान समावेशी, दूरदर्शी और नए भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप रहा है।
बिल्कुल सही सुधीर जी.. मैंने भी ये मुद्दा उठाया था, कल कई चैनल के एडिटर्स को मेसेज भेज के भी रिक्वेस्ट की थी कि छात्रों के साथ खड़े रहते हुए अपने साथियों के साथ खड़े होना भी ज़रूरी है।
ग्राउंड पर रिपोर्टर्स की लिंचिंग का प्रयास एक सुनियोजित तरीके से करवाया जा रहा है और फिर जानबूझकर उसे वायरल भी कराया जा रहा है।
लेकिन अफ़सोस की मीडिया के बड़े बड़े नाम हर बार की तरह इस बार भी फेल हो गए।
अब अभिजीत दिपके की मुश्किलें बढ़ गई हैं🚨
कल एक महिला पुलिस अधिकारी को पत्थर लगा था..वह चार महीने की गर्भवती थीं और डॉक्टरों का कहना था कि उनके होने वाले बच्चे को बचाना मुश्किल होगा.. अब उनका बच्चा लगभग नहीं रहा..
उनके पति दिल्ली के बड़े बिल्डरों में से एक हैं उन्होंने कसम खाई है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से पहले, वह पक्का करेंगे कि अभिजीत और उनके साथियों को गिरफ़्तार किया जाए...
उन्होंने यह भी कहा है कि अगर वह ऐसा नहीं कर पाए, तो वह पक्का करेंगे कि अभिजीत दिपके की ज़िंदगी बर्बाद हो जाए ||
अभिजीत दिपके और सौरव दास के फ़र्ज़ी अलर्ट ने छात्रों को हद पार करने के लिए उकसाया और इसके नतीजे में एक होने वाले बच्चे की जान चली गई ।
इस्लामिक आतंक के समर्थक पूछ रहे हैं कि पहलगाम में अगर धर्म देखकर मारा तो सैयद हुसैन को क्यों मारा ?
मैं बता रहा हूं,
सैयद साहब स्थानीय कारोबारी थे और उसी भीड़ में थे. आतंकियों ने गोलियां चलाई तो उन्हें भी लग गई
वरना 16 की लिस्ट में सिर्फ एक मुस्लिम है जबकि पहलगाम तो मुस्लिम क्षेत्र ही है
ये घिनौनी बात इसलिए लिखनी पड़ी क्योंकि पहलगाम में विधवा हुई महिलाएं चीख चीख कर कह रही हैं कि उनके पतियों को हिंदू होने के कारण मार दिया गया
लेकिन फिर भी कुछ गंदी नाली के कीड़े कह रहे हैं कि धर्म देखकर नहीं मारा है
#Pahalgam #PahalgamTerroristAttack #PahalgamIslamicTerrorAttack