माननीय मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 महोदय
Madhya Pradesh शासन, भोपाल
विषय: ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण वर्षों से लंबित भर्तियों पर तत्काल निर्णय हेतु निवेदन।
महोदय,
मध्य प्रदेश के वे ओबीसी होल्ड अभ्यर्थी हैं जिनकी नियुक्तियाँ ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण लंबे समय से अटकी हुई हैं। पिछले 7 वर्षों से हजारों युवा चयन सूची में नाम आने के बाद भी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस देरी ने हमारे जीवन, परिवार, आर्थिक स्थिति और मानसिक संतुलन पर गहरा प्रभाव डाला है।
हमने दिन-रात मेहनत कर परीक्षाएँ पास कीं, लेकिन आज भी हमारा भविष्य अधर में लटका हुआ है। कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार करने की स्थिति में पहुँच गए हैं। परिवार और समाज के सवालों के बीच युवा निराशा और तनाव में जीवन जी रहे हैं।
यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं है, यह युवाओं के सपनों, सम्मान और भविष्य का प्रश्न है। इसलिए हम आपसे निवेदन करते हैं कि—लंबित भर्तियों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।
होल्ड किए गए पदों पर जल्द नियुक्ति दी जाए।
प्रभावित अभ्यर्थियों को आयु सीमा में विशेष राहत दी जाए।
न्यायालय में चल रही प्रक्रिया का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
खून से लिखा यह पत्र हमारे दर्द, संघर्ष और उम्मीद का प्रतीक है। हमें विश्वास है कि आप युवाओं की पीड़ा को समझेंगे और जल्द सकारात्मक कदम उठाएँगे।
धन्यवाद
भारत सरकार द्वारा जनगणना का कार्य प्रारम्भ हो चुका है!
लेकिन सरकार ने संसद में घोषणा की थी कि 2026 में जातिगत जनगणना कराई जाएगी, जिसमें ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ा जाएगा।
जनगणना प्रारम्भ हो चुकी है, लेकिन उसमें जातिगत जनगणना हेतु ओबीसी का कॉलम नहीं जोड़ा गया है!
जो कि देश की आधी आबादी के साथ अन्याय है।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आखिर ओबीसी वर्ग की प्रत्येक जातियों के आंकड़े सार्वजनिक करने में इतना डर क्यों?
🔸 ओबीसी के साथ आखिर न्याय कब होगा?
🔸 बगैर आंकड़े जाने उनकी हिस्सेदारी कैसे दोगे?
🔸 ओबीसी के हित में योजनाएं और बजट कैसे बनाओगे, जब तक स्पष्ट आंकड़े नहीं होंगे?
🔸 क्या वर्तमान सत्ता फिर से ओबीसी समाज के साथ छल करने जा रही है?
जब तक जातिगत जनगणना नहीं,
तब तक सामाजिक न्याय नहीं!
ओबीसी को उनका हक दो — आंकड़े सार्वजनिक करो!
@HemraajGurjar@DrMohanYadav51@narendramodi@AmitShah
!! क्रोध को शांति से
बुराई को अच्छाई से
झूठ को सत्य से जीतें !!
आइए इस महावीर जयंती पर
सत्य,अहिंसा,परमार्थ के साथ सादगी पूर्ण जीवन का संकल्प लें
#भगवान_महावीर जी की जयंती पर आप सभी को अंनत हार्दिक बधाई शुभकामनाएं 💐🙏
@narendramodi@AmitShah@RahulGandhi
ओबीसी विरोधी @PradhumanGwl की कब्जनीति के खिलाफ होली से रामधुन के साथ आंदोलन की शुरुआत कर रहा हू इस दौरान मेरे ओर परिवार के साथ किसी भी अप्रिय घटना के लिये @narendramodi के कैविनेट मंत्री श्रीमंत @JM_Scindia जी के लाडले मंत्री जिम्मेदार होंगे @DrMohanYadav51
परम प्रतापी योद्धा एवं अद्भुत साहस व कुशल रणनीति के प्रतीक बहुजन प्रतिपालक राजाधिराज छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती पर श्री चरणों मे शत-शत नमन 🙏🙏
ओबीसी विजय कुमार
संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष
ओबीसी महासभा(रजि.)
9098066366
#chhatrapatishivajimaharaj
UGC के समर्थन में ओबीसी महासभा मध्यप्रदेश के प्रभारी @Jitendrajeetul1 जी के नेतृत्व में ग्वालियर से भिंड मुख्यालय तक निकाली जा रही यात्रा में शामिल होकर आवाज बुलंद करें..
दिनाँक :- 27 फरवरी 2026
समय :- 11 बजे
स्थान :- गोले का मंदिर ग्वालियर से भिंड मुख्यालय
राजा झुके, झुके मुगल-अंग्रेज, झुका गगन सारा।
सारे जहां के शीश झुके, झुका ना कभी सूरज हमारा।।
वीर भूमि के अजेय महायोद्धा महाराजा सूरजमल जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन
🙏🙏 @Profdilipmandal@narendramodi@aajtak@RahulGandhi
ओबीसी महासभा रजि. करणी सेना के आंदोलन का समर्थन नही करती!
आगामी 21 दिसंबर 2025 को करणी सेना द्वारा प्रस्तावित आंदोलन के संदर्भ में यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि उसमें शामिल कुछ माँगें भारत के संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत हैं।
ओबीसी महासभा यह स्पष्ट रूप से कहना चाहती है कि
👉 लोकतंत्र में आंदोलन करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है,
किन्तु
👉 संविधान के विरुद्ध किसी भी माँग या विचारधारा का समर्थन नहीं किया जा सकता।
ओबीसी महासभा संविधान, सामाजिक न्याय एवं समान अवसर की अवधारणा में पूर्ण आस्था रखती है। इसी कारण ओबीसी महासभा करणी सेना द्वारा उठाई गई निम्नलिखित माँगों का समर्थन नहीं करती—
1. आर्थिक आधार पर आरक्षण —
आरक्षण की अवधारणा संविधान द्वारा सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर स्थापित की गई है, न कि केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर।
2. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के विरोध का समर्थन —
यह कानून ऐतिहासिक रूप से शोषित एवं वंचित वर्गों की संवैधानिक सुरक्षा हेतु बनाया गया है, इसका विरोध सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।
3. पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की माँग का समर्थन —
पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान समान अवसर एवं प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए संवैधानिक रूप से मान्य है।
@ObcMahasabha_ स्पष्ट करती है कि वह किसी भी संविधान-विरोधी, सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुँचाने वाली या वंचित वर्गों के अधिकारों को कमजोर करने वाली माँग का समर्थन नहीं करती।
हमारा संघर्ष सदैव
✔️ संविधान के भीतर
✔️ लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुसार
✔️ सामाजिक न्याय एवं समता के लिए
जारी रहेगा।
#ओबीसी महासभा रजि.
@obcvijay@Rupeshsinghyad@HemraajGurjar@baagi_kamlendra@OBCARMYCHIEF_I@ObcArmyInd@OBCARMY_CHIEF@HIRA_ALAWA@LokeshMujalda@jays_india2024@JAYS_org@VikramAchhaliya@devravenoffice@abhijatav07@BhimArmy_BEM@SunilAstay@MPARMYCHIEF@gouravjaiswal
MP पुलिस भर्ती 2025 में फिर हुआ ओबीसी के साथ धोखा ❌
👉 कुल 27% संवैधानिक हक़ होते हुए भी ओबीसी को सिर्फ़ 14% पद!
👉 EWS को मिलने चाहिए थे 340 पद,पर सवर्ण लॉबी ने बना डाले 680 पद।
यह सीधा-सीधा ओबीसी युवाओं का हक़ मारना है। @DrMohanYadav51 जवाब दो!
#महाधिवक्ता_प्रशांत_सिंह_हटाओ
👉 “जो पिछड़ा है, वो हमारी प्राथमिकता है” कहने वालो को
मध्यप्रदेश में पिछड़ो की हालत पर भी नज़र डालनी चाहिए।
27% आरक्षण का हक़ अभी तक पूरा नही मिला।
भर्तियाँ रुकी हुई है।
आयोग और संगठन केवल दिखावे में हैं।
बयान से नहीं, ज़मीनी काम से पिछड़े वर्ग का उत्थान होगा।
#OBCकोन्यायदो