होली हो, दिवाली हो, ईद हो, या महाकुंभ !
ट्रेनों में सुरक्षित यात्रा के इंतज़ाम के जितने चाहे दावे सरकार कर ले, लेकिन स्थिति इतनी विस्फोटक है कि किसी भी मौके पर ट्रेन में यात्रा कर पाना सुरक्षित नहीं रह गया है। आरक्षित स्लीपर कोच पहले से अनारक्षित कोच में तब्दील हो चुके थे, अब एसी कोच भी धीरे-धीरे जनरल डब्बे बनते जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री जी,
रेलमंत्री से कहिए कि मिडिल क्लास के लिए नई ट्रेनें चलाएं, और ट्रेनों के आरक्षित कोच में waitlisted ticket पर यात्रा करने पर पूरी तरह से रोक लगा दें।
... और अगर यह न कर सकें, तो उड्डयन मंत्री से कहिए कि हवाई जहाज में भी waiting ticket की व्यवस्था लागू कर दें।
हवाई यात्रा करने वाले लोगों की और ट्रेनों मेंं यात्रा करने वाले लोगों की जान की कीमत तो बराबर ही है!
है ना ?