मैं PAA की मांग करता हूँ !
"Politician Amendment Act "
किसी भी अपराधी ,फकीर, तड़ीपार, अनपढ़ ,बलात्कारी , आतंकवादी ,फेकू
को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
आप सहमत हैं तो रिट्वीट करे।
@Troll_Ziddi@Troll_Ziddi_
Make no mistake, this is not just loss of face for an arrogant government but also for its hate spewing Noida channels. The ‘anti nationals’, ‘Pakistanis’, ‘Chinese agents’, ‘deep state’, ‘Soros funded’, ‘Khalistanis’ have won. And how!🌚
वैसे दो मिनट लेट होने पर भी आम परीक्षार्थियों को एग्ज़ाम सेंटर में घुसने नहीं दिया जाता! आधा घंटा लेट होने पर भी आपके बेटे को एग्ज़ाम देने दिया गया! बच्चे के लिए इससे बढ़िया और क्या हो सकता है!
वैसे आप लकी हैं या ऐसा आपकी ऊँची पहुँच के चलते हुआ? जो भी हो, हर कोई इतना लकी या ऊँची पहुंच वाला नहीं होता है। लिहाज़ा देश की हर परीक्षा में शामिल होने वाले हर बच्चे को कितनी भी देर से भी पहुँचने पर परीक्षा देने का हक़ मिले, उम्मीद है आप इसके लिए इसी सत्र में एक प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आएंगे @nishikant_dubey !
राहुल का धरना ही दोपहर 3:30 बजे शुरू हुआ, परीक्षा 11 से 2 बजे के बीच थी, और आपका बेटा आधे घंटे फिर भी लेट हो गया।
अगर 11 बजे की परीक्षा में आपका बेटा लेट पहुंचा तो यह ट्वीट कर कहीं आप इनडायरेक्टली दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल तो नहीं खड़े कर रहे?
फिर से भस्मासुर?
20 जुलाई को हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च पर चप्पल पहनकर, बिना वर्दी के एक व्यक्ति प्रदर्शनकारियों पर डंडे भांज रहा था.
लल्लनटॉप के पत्रकार अभिलाष ने सवाल किया तो केवल सवाल पूछने की वजह से ही रिपोर्टर को लाठी मार दी गई.
इसके बाद पुलिस ने भी लाठी मारने वाले का बचाव किया और बदतमीज़ी करते हुए माइक जमीन पर फेंक दिया.
@DelhiPolice
CJP | Delhi Police | Reporter
If BJP supporters still have arguments to justify what happened today, and you still support the BJP after this, then please visit a psychiatrist.
You're in the final stage of mental slavery.
I hope you get well soon...🌹💐
though I know you can't recover🕯️
Shame on Delhi Police!
A truck loaded with stones and a wrecked van have already been placed at Jantar Mantar.
Soon, the Godi media will run stories claiming that the protesters vandalised the van to defame this peaceful protest.
🚨The Delhi Police is not just removing barricades, but also removing metal detectors and have SWITCHED OFF the CCTV cameras! Troops are being withdrawn too! What is being planned exactly?
लड़ो!
लड़ नहीं सकते तो बोलो
बोल नहीं सकते तो लिखो
लिख नहीं सकते तो साथ दो
साथ नहीं दे सकते तो उनका मनोबल मत तोड़ो
जो लड़ रहे हैं
क्योंकि वो तुम्हारे हिस्से की लड़ाई लड़ रहे हैं !!
#jantarmantar
लड़ो!
लड़ नहीं सकते तो बोलो
बोल नहीं सकते तो लिखो
लिख नहीं सकते तो साथ दो
साथ नहीं दे सकते तो उनका मनोबल मत तोड़ो
जो लड़ रहे हैं
क्योंकि वो तुम्हारे हिस्से की लड़ाई लड़ रहे हैं !!
#jantarmantar
• एक तरफ पौधे अच्छे लगते हैं, लेकिन पौधों की देखरेख नहीं करनी
• दूसरी तरफ बच्चे अच्छे लगते हैं, लेकिन बच्चे पैदा नहीं करना
• खाना बनाना अच्छा लगता है, लेकिन वो भी नहीं
सब नाटक था...
ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला को सुनें. इस एक क्लिप में बहुत कुछ है.
The Hathras case that shook the nation not just for the sheer brutality of it but also the manner in which it was handled by the UP govt. A must watch documentary by @TanushreePande
अखिलेश जी, आइये तेल दामों की क्रोनोलॉजी समझते हैं:
> मोदी सरकार ने 2014 में कार्यभार संभालते ही पेट्रोलियम उत्पादों की सब्सिडी बिल्कुल खत्म कर दी, जिससे LPG और डीजल आम उपभोक्ता के लिए महंगे हो गए।
> 2015-16 में मोदी खुद को किस्मतवाला बताते थे कि उनके आने के बाद कच्चे तेल की कीमत $30 प्रति बैरल से भी नीचे गिर गई है। लेकिन उस वक्त भी उन्होंने दाम पड़ोसी देशों से ऊपर रखे। पेट्रोल और डीजल औसतन ₹59 और ₹46 तक बना रहा।
> 2016 से 2019 के बीच कच्चा तेल $65-70 प्रति बैरल रहा और पेट्रोल और डीजल औसतन ₹70 और ₹66 तक बना रहा।
> 2020 में कोरोना की आड़ लेकर तेल के दामों में केंद्रीय टैक्स अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दिए गए, हालांकि कच्चे तेल की कीमतें गिरती रहीं और लॉकडाउन में तो $20 प्रति बैरल भी आ गिरी। पेट्रोल और डीजल औसतन ₹84 और ₹76 तक बना रहा।
> 2021 में जब कच्चा तेल वापिस से $65-70 की पुरानी रेंज में आया तो हमें बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल उछाल ले रहा है। इसलिए अक्टूबर 2021 में पहली बार पेट्रोल ₹100 पार कर गया और डीजल ₹90 पार कर गया। हालांकि कच्चे तेल की ये कीमतें 2019 के बराबर ही थी। लेकिन कोरोना के बहाने टैक्स का पहाड़ ऐसा खड़ा कर दिया गया कि 2019 के मुकाबले एक्साइज ड्यूटी लगभग 30 रुपए ज्यादा बढ़ा दी गई थी।
> 2022 में रूस यूक्रेन युद्ध की आहट से कुछ महीने कच्चा तेल $100 प्रति बैरल क्रॉस कर गया। सरकार ने कुछ महीने बड़ा एहसान जताया कि हम एक्साइज ड्यूटी ₹8 कम करके रिटेल प्राइस नहीं बढ़ने देंगे। लेकिन दिसंबर 2022 तक क्रूड वापिस से $70-75 की रेंज में आ गया।
> 2023-2025 के बीच हमें बताया गया कि भारत रूस से $25-$30 सस्ता तेल खरीद रहा है। बाजार में कीमत $75-80 थी, लेकिन भारत को $50-55 मिलता रहा। लेकिन फिर भी करिश्माई रूप से पेट्रोल और डीजल का दाम 90 रूपये से ज्यादा बना रहा। गौरतलब है कि 2015 में कच्चे तेल की इस कीमत पर ये दाम 55-60 रूपये था।
> रूस से सस्ते तेल के आयातकों में सबसे बड़ा रिलायंस था, रोजाना 4 लाख बैरल से ज्यादा। इस दौरान रिलायंस ने हजारों करोड़ का मुनाफा कमाया। तेल का शुद्धिकरण करके यूरोप को बेचा गया। यहां तक कि भारत में शुद्धिकरण हुआ तेल नेपाल, भूटान और श्रीलंका में भी हमारे मुकाबले 30 रुपए लीटर सस्ता बिकता रहा।
> सस्ते रूसी तेल का सारा प्रॉफिट अंबानी को और भारत को इसके बदले 2025 में अमेरिका से टैरिफ की सौगात मिली। लेकिन ट्रंप परिवार और अंबानी परिवार की सांझ बहुत अच्छी है, अब यही सैटिंग वेनेजुएला के तेल में शुरू हो चुकी है।
तो अब अगर कोई ये कहता है कि 2022 से 2025 के बीच में तेल के दाम नहीं बढ़े तो भाषा सरकारी है। कायदे से रेट घटने चाहिए थे, हमने अपने पड़ोसी देशों के मुकाबले ₹30-35 महंगा तेल खरीदा है 3 साल तक।
मोदी कोई महंगाई मई में क्यों याद आई, सबसे गहरा संकट तो मार्च और अप्रैल में था। चुनाव के तुरंत बाद ये माहौल क्यों बनाया जा रहा है?
इज़रायल के चंगुल में फंसकर ईरान की नाराजगी किसने मोल ली है?
ये संकट हमारे ऊपर मोदी ने लादा है और उपरोक्त आंकड़े बता रहे हैं कि जब संकट नहीं था तो मोदी सरकार ने रिलायंस के साथ मिलकर उपभोक्ता को लूटा है।
प्रणाम।
वित्त मंत्री से महंगाई नहीं संभल रही,
गृह मंत्री से मणिपुर नहीं संभल रहा…
शिक्षा मंत्री से पेपर लीक नहीं संभला,
रेल मंत्री से रेल हादसे नहीं संभलते,
कृषि मंत्री से किसानों की समस्या नहीं संभलती…
स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल नहीं संभलते,
और फिर कहा जाता है
देश सही हाथों में है…
पत्रकार आशुतोष ने न्यूज़ 24 की डिबेट में कुछ ऐसा बोल दिया है कि मुझे लगता है Nimo Yadav की तरह इनको भी ब्लॉक ना करवा दें.
रिपोर्टर - मोदीजी बोल रहें हैँ आत्मनिर्भर भारत 10-11 में थोड़ा ना बन जायेगा.?
आशुतोष - मैडम आप समझो कि एक बच्चा 18 घंटे पढ़ाई कर रहा है, फिर भी नंबर 33 ही आते हैँ उसके?
तो माँ पूछती है कि कम नंबर कैसे आये,
तो वो कहता है कि माँ पडोसी का बच्चा क्रिकेट खेल रहा था, इसलिए कम आये.
2014 से पहले हम एलपीजी इम्पोर्ट करते थे 47%, अभी कर रहें हैँ 62%
ऑइल इम्पोर्ट करते थे 83%,
अभी कर रहें 88%.
आशुतोष ने हरदीप पुरी को भी लपेटे में लेते हुए कहा कि आपदा में अवसर खोजने वाले लोग हैँ
आप पहले चादर तानकर सोते रहो,, फिर कमी का रोना रो और जो कमी निकाले, उसका अकॉउंट बंद करवा दो.
भले ही आशुतोष को मैं पसंद नहीं करता,.
लेकिन बात उसने बिलकुल खरी बोली है.
वीडियो नीचे है 👇