छात्र|लेखक| टिप्पणीकार|Socialist|
स्वर्ग लोगों की कामनाओं से भरा है
स्वर्ग की कामना ना करें,
खुदा पर दबाव बढ़ता है
आओ नया स्वर्ग बनाएं
-लोकेंद्र सिंह यादव|
आपका नाम अशोक श्रीवास्तव है।
आप DD News के anchor हैं।
DD News कोई private WhatsApp group नहीं है।
यह public broadcaster है, जनता के पैसे से चलता है।
एक छात्र/छात्रा CBSE revaluation में गलत answer sheet मिलने का दावा करता है।
वह proof लगाकर सवाल पूछता है।
लेकिन सिस्टम से जवाब मांगने की जगह कुछ आप और आपको चाहने वाले उसे Pakistani, देशद्रोही और agenda-driven बताने लगते हैं।
बाद में जब किरकिरी होती है तो माफी मांगकर पल्ला झाड़ लेते है।
सवाल आपसे भी है कि ..
क्या अब CBSE से अपनी copy मांगना देशद्रोह है?
क्या answer sheet पर सवाल पूछना Pakistan का एजेंडा है?
क्या हर छात्र जो सिस्टम की गलती दिखाए, उसे anti-national घोषित कर दिया जाएगा?
Anchor का काम सरकार की नाकामी पर सवाल पूछना होता है,
छात्रों को troll narrative में धकेलना नहीं।
अब CBSE ने अपनी गलती मान ली है और result भी अपडेट कर दिया है।
लेकिन आप बताइए कि आपके मंसूबे क्या थे क्यों बच्चों के भविष्य की समस्या को Pakistan और देशद्रोह के पीछे छिपा रहे थे ?
छात्र copy मांग रहा है।
System जवाब नहीं दे रहा।
और कुछ लोग patriotism का certificate बांट रहे हैं।
यह पत्रकारिता नहीं, सत्ता की PR duty लगती है।
You think you’re drinking Fruit Juice? THINK AGAIN.
Big food brands are selling sugar water with shiny ‘fresh fruit’ pictures on the front. And hiding the truth in tiny fine print at the back of packet which reads ‘Pictures for marketing purposes only’. SERIOUSLY?
Today in Parliament, I called this out.
Because these misleading branding and false advertisement are pushing millions, especially kids, into diabetes and lifestyle diseases.
Time to expose the truth behind your juice box.
बड़े-बड़े Food Brands ग्राहकों को खुलेआम धोखा दे रहे हैं 🚨
चीनी से भरे Juice 🥤 के packet पर Fresh Fruits की तस्वीरें दिखाते हैं, और पीछे छोटे अक्षरों में लिख देते हैं: “pictures are for marketing purposes only.”
❓ कब तक चलेगा ये खेल?
🏛️ आज संसद में मैंने सरकार से misleading branding और false advertisement पर कार्रवाई की माँग की।
कोई मंत्री कितना बेशर्म हो सकता है कि प्रेस कांफ्रेंस करके कहे कि हम आपको और लूटने जा रहे हैं।
अब आप अपना टिकट पौने 8 घंटे पहले कैंसिल करेंगे तब भी जीरो रुपए रिफंड पाएंगे।
रात के 8:00 आपकी ट्रेन है आप 12:15 बजे कैंसिल कर देंगे तब भी आपका पैसा ये खा जाएंगे
महात्मा गांधी को अपनी महानता के लिए व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के लोगों से सर्टिफेट नहीं चाहिए...
गांधी बनाम सावरकर का सवाल पूछ कर आप गांधी का अपमान कर रहे हैं !
!" प्रशांत किशोर" !
गुलामों की भीड़ में,
संदीप चौधरी जी असली पत्रकार बनकर उभर रहे हैं।
महेश वर्मा की कम्बल कुटाई का आनंद आप लोग ले सकते हैं।
केंद्र से लेकर राज्यों तक इनकी सरकार है, और घुसपैठिए कितने निकाले इन्हें कुछ पता नहीं।
'पानी नहीं मिला' जैसे बोल रही है मानो शोषण के गर्व से भरी हुई है।
इसकी हरकतें लात खाने वाली हैं फिर भी कोई मारपीट मत करो, इग्नोर करो, डांटकर भगा दो।
ज्यादा बदतमीजी करे तो पुलिस में केस दर्ज करवाओ, जगह जगह, जिसमें जमानत लेते लेते इसकी जिंदगी गुजर जाए।
Ruchi Tiwari : पानी नही मिला, तुमलोगों को पानी नही मिला... पानी पिलाओ पानी पिलाओ.
Bahujan Youth : 🔥 बहस करो, ठीक से बहस करो.
वीडियो में साफ साफ दिख रहा है, Ruchi Tiwari बहुजन समाज का अपमान कर रही है, मजाक उड़ा रही है.
Victim होने की अफवाह फैलाई जा रही है.
जाति वर्ण अव्यवस्था और जातीय मानसिकता भारत को कमजोर कर रही है. जातीय हेजेमनी खत्म कर भारत को बचाना है.
इसी कारण यह लोग हर रो रो कर बोलता है HINDU खतरे है. HINDU कभी भी खतरे नही था, ना है. खतरे में इनकी जातीय हेजेमनी है.
ये आजतक की रिपोर्ट है।
लखनऊ का क़िस्सा है।
सुनते जाइए।
“मेरा नाम आलोक चंद्रा है।
लखनऊ में सुल्तानपुर रोड पर मेरी ज़मीन है।
रुद्र पाल सिंह ने रातों रात JCB चलाकर बाउंड्री गिरा दी है। मेरी ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर लिया है।
रुद्र पाल सिंह के बेटे हरेन्द्र प्रताप सिंह GST में एडिशनल कमिश्नर हैं।
उनके कहने पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है।
पुलिस ने उल्टा मेरे ऊपर ही एफआईआर कर दी है।”
कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जिनकी व्याख्या करने की भी ज़रूरत नहीं होती।
आप उन्हें जैसे ही सुनाना शुरू करते हैं,
पाठक आपको बीच में ही टोक देते हैं- “बस भी करो भाई, इसमें नया क्या है?”
"अगर आप पिछड़ों, दलित, आदिवासियों, अल्पसंख्यक भाइयों को छोड़ देंगे तो कैसे विकसित भारत बनाएंगे? इस बजट से ना आर्थिक बराबरी दूर हो रही न सामाजिक बराबरी।" - सपा प्रमुख @yadavakhilesh