आखिरी ताकतवर अमीर उल मोमिनीन सुल्तान अब्दुल हामिद ख़ान द्वितीय थे।
ये आखिरी कील थी जिसके टूटने के बाद मुस्लिम वर्ल्ड में आपसी फूट और रंजिश पैदा हुई और जगह - जगह कमजोर रियासतें पैदा हुई जो जिल्लत और रुसवाई का सबब बन गई।
पढ़े लिखे नेताओं और जाहिल नेताओं में यही फर्क होता है
एक युगांडा का गृहमंत्री अपनें ही देश के छात्रों पर पैलेट गन और AK-47 चलवाकर संसद में नहीं आ रहा
दूसरी तरफ़ नेपाल सरकार में पढ़ा-लिखा युवा गृहमंत्री सूदान गूरंग दंगाइयों के खिलाफ़ खुद सड़क पर उतर कर और दंगा फैलने से रोक दिया
इंडिया से लेकर नेपाल तक जहां मुसलमानों के खिलाफ़ नफ़रत और हिंसा चल रही है
और इस वक्त नेपाल में मुसलमानों के घरों को जलाया जा रहा है मारा जा रहा है!
उसी बीच यहां गरीबों के मसीहा हुसैन मंसूरी जी असम में बाढ़ पीड़ितों को बिना भेदभाव किए हर बिना हिंदू-मुस्लिम देखे बगैर लोगों की मदद करने को पहुंच गए हैं!
हमारे देश के अंधभक्त चाहे तो इसे मदद जिहाद का नाम दे सकते हैं!
सैल्यूट है हुसैन मंसूरी जी रियल हीरो 🔥
अरे जुनैद भाई ने रोटी खिला-खिला के रखा इतने दिन, और क्या चाहिए यार!
Gen-Z ने साफ़ कर दिया है, आपसी भाईचारे की मिसालें राजनीति के नफ़रती एजेंडे से कहीं ज़्यादा मज़बूत हैं, देश का युवा अब झुकने और रुकने वाला नहीं है!
ताहिर हुसैन और 4 अन्य लोग, जिनको उम्रक़ैद की सज़ा हुई है, अंकित शर्मा की हत्या में शामिल नहीं थे, यह बात अदालत ने भी मद्देनज़र रखी है। लेकिन फिर भी संवैधानिक अदालत ने पाँचों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है। ताहिर हुसैन की वक़ील साहिबा क्या कहती हैं, सुनिए ज़रा।
#TahirHussain