🚨 “भाजपा से नाराज़ वोटर विपक्ष में जाना नहीं चाहता… लेकिन क्या भाजपा उसे वहाँ जाने पर मजबूर कर रही है?”
अब सवाल सिर्फ UGC Guidelines का नहीं है।
सवाल यह है कि भाजपा अपने कोर वोटर की बढ़ती नाराज़गी को आखिर किस रूप में देख रही है?
13 जनवरी का Gazette Notification, 29 जनवरी का Supreme Court Stay और उसके बाद की स्थिति—इन सब पर स्पष्टता जरूरी है। अंतिम निर्णय न्यायपालिका का होगा, लेकिन राजनीतिक नुकसान या लाभ का असर जनता और राजनीतिक दलों पर ही पड़ेगा।
भाजपा से नाराज़ हर व्यक्ति विपक्ष के साथ जाना चाहता हो, ऐसा जरूरी नहीं।
लेकिन राजनीति का सामान्य नियम है—जब अपने दरवाजे बंद महसू��� हों, तो मतदाता विकल्पों की ओर देखना शुरू कर देता है।
यही वह बिंदु है जहाँ भाजपा को गंभीरता से सोचना होगा।
कोर वोटर को सिर्फ अपना मान लेना पर्याप्त नहीं है; उसे यह महसूस भी होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जा रही है।
अब गेंद ��ाजपा के पाले में है—
संवाद बढ़ेगा या दूरी?
स्पष्टीकरण आएगा या चुप्पी?
सुधार दिखाई देगा या वही रवैया जारी रहेगा?
क्योंकि नाराज़ वोटर हमेशा विरोधी का समर्थक नहीं बनता…
लेकिन लगातार अनसुना किया गया वोटर अपना फैसला जरूर बदल सकता है।
👉 इस मुद्दे पर बहस व्यक्ति या पार्टी के पक्ष-विपक्ष में नहीं, बल्कि नीति, निर्णय और उसके असर पर होनी चाहिए।
बाकी फैसला समय नहीं—मतदाता करेगा।
@BJP4India @NitinNabin @AmitShah @23pradeepsingh
“मेरे पिता जंगल से लकड़ी लाते थे…” 🌳🪵
आदरणीया महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्���ू ने अपने जीवन का यह भावुक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि उनका बचपन कितने संघर्षों के बीच बीता।
जंगल से लकड़ी लाने वाले पिता की बेटी ने संघर्षों को अपनी ताकत बनाया और आज भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचीं। 🇮🇳
यह कहानी सिर्फ संघर्ष की नहीं, बल्कि सपनों, संकल्प और हौसले की मिसाल है। 🙏🇮🇳
जहाँ परिस्थितियाँ रास्ता रोकती हैं, वहीं संकल्प इतिहास लिखता है। ✨
@rashtrapatibhvn
कहाँ हैं Pakistan, Bangladesh और अन्य Muslim Countries, जो कहते थे—“एक पर हमला हुआ तो सभी मुस्लिम देश मिलकर लड़ेंगे”...?
सऊदी अब एक विनाशकारी पतन के कगार पर है।
और यह सबसे अधिक संभावना वैश्विक अकाल को बढ़ाएगा ।
यमन के हुतियों ने Saudi Arabia 🇸🇦 के मोचा, धुबाब और हिस्न मुराद इलाकों पर कब्जा कर लिया है।
आसपास के सभी द्वीप भी चले गए हैं।
पूरी यमनी तट रेखा हुतियों के नियंत्रण में है।
पूर्व-पश्चिम ऑइल पाइपलाइन पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है।
इसका मतलब है कि सऊदी अब अपना 90% तेल निर्यात नहीं कर सकता।
वे अपना फॉस्फेट, अमोनिया, सल्फर, मेथनॉल, पेट्रोकेमिकल्स समेत यूरिया भी निर्यात ��हीं कर सकते।
इनमें से किसी को भी निर्यात करने का कोई रास्ता बिल्कुल नहीं है।
यह वैश्विक खाद्य उत्पादन को आधा कर देगा।
भारत, ब्राजील, यूरोप, अमेरिका, पाकिस्तान और कई देशों को सबसे अधिक संभावना गंभीर खाद्य संकट का सामना करना पड़ेगा।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य भी बंद हो गया है।
सऊदी ��े नेताओं ने ट्रंप से यमन पर बमबारी करने के लिए कई अनुरोध किए थे।
ट्रंप ने सभी को खारिज कर दिया।
सऊदी अब पाकिस्तान के साथ बातचीत कर रहा है ताकि संयुक्त रूप से यमन में कई प्रमुख बुनियादी ढांचा स्थलों पर बमबारी की जा सके।
क्योंकि,
सऊदी की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो चुकी है।
वे अब विश्व बैंक से 72 अरब डॉलर का ऋण सुरक्षित करने की हताश कोशिश कर रहे हैं।
हजारों सऊदी बल भी यमन के सामने आत्मस���र्पण करना शुरू कर चुके हैं।
अब्हा, नज जाजान और खमीस में कई ऊर्जा स्थल पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं।
सऊदी अरामको पाइपलाइनों, सल्फर सुविधाओं और टर्मिनलों में हिस्सेदारी बेच रहा है ताकि लाभांश का भुगतान कर सके।
यही कारण है कि सऊदी यमन पर हूतियों को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर हमले के लिए तेजी से हताश हो रहा है।
यदि सऊदी ढह जाता है, तो दुनिया भर में लाखों परिवार भुखमरी का शिकार हो जाएंगे।
शिया सुन��नी का यह युद्ध एक मानवीय प्रलय में बदल रहा है।
पटना का एक लड़का… बिना Godfather, बिना फिल्मी Surname—सिर्फ Talent और मेहनत के दम पर Bollywood में अपनी जगह बना गया। 🎬🔥
यहीं से असली सवाल शुरू हुए—क्या चमकते पर्दे के पीछे Outsider के लिए दरवाजे उतने ही खुले थे?
मजाक, अनदेखी और Nepotism पर उठे सवालों ने सिस्टम के सामने आईना जरूर रख दिया।
Sushant Singh Rajput चले गए, लेकिन सवाल आज भी जिंदा है—Talent बड़ा है या Connection? 🕯️
👂 पूरा Video सुनें और खुद तय करें… कहानी में सवाल कितने गंभीर हैं।
#SushantSinghRajput #SSR #Nepotism #Bollywood
🚩 जय श्री राम! 🚩
🔥 काशी में चंद्रबाबू नायडू ने जो कहा, उसे सुनकर मंच पर मौजूद लोग भी चौंक गए!
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने काशी के मंच से हिंदी में ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष किया और CM योगी आदित्यनाथ के सामने काशी में बालाजी मंदिर व भव्य आध्यात्मिक परिसर बनाने की मांग रखी। 🙏
गुरुकुल, यज्ञशाला, अन्नक्षेत्र और गोशाला जैसी सुविधाओं से युक्त यह परिसर दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। 🛕🚩
महाकुंभ की व्यवस्था की सराहना करते हुए नायडू ने कहा
“देश बदल रहा है, देश आगे बढ़ रहा है… यह नया भारत है।” 🇮🇳
काशी से उठी यह आवाज़ सनातन संस्कृति की उस विराट परंपरा की झलक है, जो उत्तर से ��क्षिण तक भारत को जोड़ती है। 🕉️🚩
हर हर महादेव! 🙏
BHU बना… तो उसके “कम्पटीशन” में AMU भी बना 🤔
नाम देखिए
📍 बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
📍 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)
एक हिंदू, एक मुस्लिम
दोनों यूनिवर्सिटी, नाम भी धर्म आधारित।
पर फर्क कहाँ आ गया?
👉 BHU सबके लिए है
👉 AMU “अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय” है
अब ज़रा जोर से बोलिए
❓ अल्पसंख्यक कौन है?
संविधान में कहीं साफ़-साफ़ लिखा है क्या?
कोई कॉलम, कोई परिभाषा, कोई निश्चित मापदंड?
❌ नहीं।
फिर भी AMU माइनॉरिटी यूनिवर्सिटी है और BHU न माइनॉरिटी है, न मेजॉरिटी। बस — सबका साथ, सबका विकास।
अब ज़रा इतिहास की दूसरी लाइन पकड़ते हैं 📜
🗓️ 1925 — बना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
🗓️ 1926 — ठीक एक साल बाद बना एक और संगठन… 👉 तबलीगी जमात
अब गूगल कर लीजिए
🌍 दुनिया के कितने देशों ने तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाया है?
👉 9 देश
किन-किन में?
किर्गिज़स्तान, अज़रबैजान, अरब के कुछ देश…
और हैरानी की बात यह कि जिस संगठन का
📌 मुख्यालय भारत में है
📌 सुप्रीम कोर्ट से ~3 किमी
📌 संसद से ~4 किमी
📌 निज़ामुद्दीन में
उसके बारे में
❌ न Gen-X जानती है
❌ न Gen-Y
❌ न Gen-Z
❌ न बुज़ुर्ग
❌ न आम जनता
कोविड नहीं आता, तो शायद
👉 यह नाम भी सामने नहीं आता 😷
अब ज़रा और सीधे सवाल ❓
🩸 भारत-पाक विभाजन में
सबसे बड़ी भूमिका किसकी थी?
🩸 बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार में?
🩸 अफ़ग़ानिस्तान में हिंदुओं के सफ़ाए में?
और फिर पूछिए
🌍 दुनिया की सबसे बड़ी जमात कौन-सी है?
👉 जवाब वही है।
फिर सवाल यह भी
❓ जब 9 देशों ने बैन किया
तो भारत में
✔️ न बैन
✔️ न संसद में चर्चा
✔️ न राष्ट्रीय बहस
तो हम
👉 व��कई सुरक्षित हैं?
या
👉 बस चुप हैं?
📊 1931 की जनगणना याद कीजिए
अंग्रेज़ों ने 1881 से हर 10 साल में कराई।
1931 में
📍 सिंध में हिंदू ~70%
📍 लरकाना सहित कई इलाकों में 65–70%
तो ज़रा सोचिए
❓ क्या उन्होंने कभी सोचा होगा कि 15 साल बाद क्या होगा?
जवाब ज़ोर से बोलिए
👉 नहीं।
🔚 निष्कर्ष
ये सवाल
❌ न नफ़रत के हैं
❌ न डर फैलाने के
ये सवाल हैं
👉 इतिहास की अनदेखी
👉 नीति की असमानता
👉 संविधान की व्याख्या
👉 और चुप्पी की कीमत
सवाल पूछना ग़लत नहीं है।
ग़लत है — सवालों से भागना।
🗣️ सोचिए। पूछिए। समझिए।
@AshwiniUpadhyay @ARanganathan72 @HMOIndia
यह कैसा गृह उद्योग, कैसा आत्मनिर्भर समाज बना दिया..... ❓
जब आरक्षण और SC/ST Act जैसे हथियार हो तो वह खाक कमायेगा,... गुर्रायेगा....🦁
गांव - गांव....गली-गली
बारूद 💣 बो दिया ।
ऐसे कैसे देश चलेगा...❓
सच है या झूठ,
हरियाणा के एक ���रिवार ने SC/ST Act से "सवा करोड़" रूपया अर्जित कर लिया । 🙄🙄
सच और झूठ से कोई मतलब नहीं,
बस SC/ST Act में Fir ठोकते रहो,
धकाधक पैसा,
आन दे, आन दे और आन दे । 🤷🤷
दलित भाई के परिवार में कार लेने की Planing हुई, अब कार कैसे आयेगी..... ❓
सुबह होते ही पडोस वाले मिश्रा जी पर ठोक दिया SC /ST Act 💥
Compensation का रूपया मिला और नयी कार घर के दरवाजे पर ।
यह कैसी व्यवस्था बना दी महाराज आपने....??
@Aamitabh2
हिंदू होना ही गुनाह है 💥
बंग्लादेशी जिहादियों की बर्बरता और नीचता की हद देखिये ।
अमन और भाईचारे वाला मजहब देखिए
जो सेकुलर कहते हैं हिन्दू मुस्लिम भाई भाई
आंखें खोलो और देखो
हिन्दूओं की तबाही।
गांधी के अंधभक्तों कोई जवाब तो दो ।
"क्यों किया बंटवारा , क्या हक था तेरा" ।
भारत के सेकुलर हिन्दूओं सुधर जाओ ।
जो पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दूओं के साथ हो रहा है,
वह कल तुम्हारे साथ भी होगा ।
🔥 विरोध की आड़ में शब्दों की सारी मर्यादा पार—तर्क खत्म हुए तो योगी जी के लिए अभद्र भाषा शुरू❓
क्या यही है वामपंथी राजनीति❓ 🚨
👉 “गुंडा, दंगाई, लंपट” जैसे शब्द क्या Left Politics और वामपंथी संस्कार की नई पहचान हैं. ❓ 🤔
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) ने CM योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के लिए जिस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, वह सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री पद की गरिमा पर सीधा प्रहार है। 🚨
🔥 Neha Bora जी, याद रखिए—गाली से तर्क मजबूत नहीं होता और अपशब्दों से जनसमर्थन नहीं कॉकरोच जैसी कुटाई मिलती है।
दिल्ली से यूपी आकर Yogi Adityanath को सत्ता से हटाने का सपना देखना आपका अधिकार है… 😏
लेकिन Uttar Pradesh की जनता फैसला नारों से नहीं, वोट से करती है। 🇮🇳🚩
यह Delhi का Jantar Mantar नहीं, Yogi का Uttar Pradesh है।
यहाँ लोकतंत्र चलता है—और लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का जनादेश करता है। 🔥
#NehaBora #LeftPolitics #YogiAdityanath #UttarPradesh
ताजमहल से कहीं अधिक सुंदर हमारी सनातन संस्कृति के मंदिर हैं। 🛕🚩
आज भी भारत सहित दुनिया के कई देशों में ऐ��े पौराणिक सनातन मंदिर मौजूद हैं, जिनकी भव्यता और अद्भुत वास्तुकला मन मोह लेती है। 🙏✨
Free Hindu Temples 🛕🚩
#PlacesOfWorshipAct
🚨 मदरसा खोलने के नाम पर चंदा… और मंज़िल पाकिस्तान? खेल कुछ ज्यादा ही गहरा है! 🤔
बताया जा रहा है कि बिहार के एक व्यक्ति ने पूरे भारत में Madarsa खोलने के नाम पर चंदा इकट्ठा किया और कथित तौर पर उस पैसे को Pakistan भेजा गया। जांच एजेंसियों को उसके संबंध जैश-ए-मोहम्मद की फंडिंग से जुड़े होने का संदेह है। 🇮🇳🚨
💰 चंदा भारत से… पैसा पाकिस्तान को… और नाम मदरसे का!
अब सवाल उठना स्वाभाविक है—आखिर यह कैसी ‘सेवा’ थी? 🤦♂️
अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है।
⚖️ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई धर्म देखकर नहीं, सबूत और कानून के आधार पर होनी चाहिए।
जो भी भारत में रहकर देशविरोधी गतिविधियों को फंड करता है, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
🇮🇳 देश पहले • कानून सर्वोपरि • आतंकवाद का अंत जरूरी
जय हिंद! 🇮🇳🚩
🚨 कमाल का लोकतंत्र था साहब—दाऊद के घर तक पासपोर्ट की रफ्तार तेज, और अपराध के आरोपों से घिरे आदमी तक सत्ता की पहुँच उससे भी तेज! 😏
कहानी है रोमेश शर्मा की—एक ऐसा नाम, जिसे अंडरवर्ल्ड से लेकर राजनीति तक के कथित रिश्तों ने लंबे समय तक सुर्खियों में रखा।
बताया जाता है कि 1993 के मुंबई धमाकों के बाद दाऊद की माँ अमीना बी को बेहद तेजी से पासपोर्ट जारी कर भारत से बाहर जाने में मदद मिली। वहीं दूसरी तरफ, रोमेश शर्मा पर D-Company और कई अपराधियों से कथित संबंधों के आरोप लगते रहे।
लेकिन असली मज़ाक देखिए👇
पहले लोकदल…
फिर मेनका गांधी का मंच…
और फिर कांग्रेस की राजनीतिक छतरी! ☂️
कथित तौर पर कांग्रेस से जुड़ाव, AICC की सद��्यता, किसान सेल और अल्पसंख्यक सेल में प्रभाव—यानी आरोप अंडरवर्ल्ड के, लेकिन पहचान राजनीतिक! 🤷♂️
🏠 जमीनों पर कब्जे के आरोप,
💰 संपत्ति और वसूली के आरोप,
🔫 अंडरवर्ल्ड कनेक्शन के आरोप,
और ऊपर से VIP सुरक्षा की खबरें!
वाह रे व्यवस्था!
आम आदमी FIR से डरता रहे और सत्ता के गलियारों में पहुँच रखने वाला कथित माफिया सुरक्षा घेरे में घूमे! 😏
1996 में अपनी पार्टी बनाकर फूलपुर से चुनाव लड़ा—जनता ने ऐसी राजनीति को जमानत जब्त कराकर जवाब दे दिया। 🗳️
फिर 1998 में दिल्ली पुलिस और CBI का शिकंजा कसने लगा और उसके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हुए।
अब सवाल सीधा है—
अगर अपराधी सत्ता के दरवाजे तक पहुँच जाए,
तो दोष सिर्फ अपराधी का है या उस दरवाजे का भी, जिसने उसे अंदर आने दिया? 🤔
क्योंकि लोकतंत्र में जनता वोट देती है…
लेकिन अगर सत्ता अपराधियों को राजनीतिक कवच देने लग���, तो फिर राजनीति और माफिया में फर्क कौन बताएगा?
🇮🇳 सत्ता जनता की सेवा के लिए है, अपराध को VIP पास देने के लिए नहीं।
#RameshSharma #Politics #Underworld #CrimeAndPolitics #Congress
🇮🇳 2014 में अगर देश ने मजबूत सरकार चुनने का फैसला नहीं लिया होता, तो शायद आज भारत की स्थिति भी ईरान जैसी होती! ⚠️
क्योंकि Congress की नीतियों को देखकर ��वाल उठता है—क्या भारत को मजबूत बनाने की तैयारी थी या उसे कमजोर रखने की?
आज आपको इसके पीछे की 3 बड़ी वजहें बताते हैं। 👇
☢️ पहली वजह—भारत की परमाणु शक्ति
आज कोई भी देश भारत का बाल भी बाँका करने से पहले सौ बार सोचता है, क्योंकि भारत परमाणु शक्ति है। 🇮🇳💪
1998 में Atal Bihari Vajpayee सरकार ने पोखरण-II परमाणु परीक्षण करके भारत की सामरिक शक्ति को नई ऊंचाई दी। उस समय विपक्ष में रही कांग्रेस ने इन परीक्षणों की आलो��ना की थी।
सोनिया गांधी ने भी परमाणु परीक्षण के बजाय संयम बरतने की बात कही थी।
🤔 जरा सोचिए… अगर भारत परमाणु शक्ति नहीं बना होता, तो क्या आज पाकिस्तान जैसे देश भारत पर हमला करने से पहले इतना सोचते?
☢️ दूसरी वजह—पाकिस्तान को परमाणु जानकारी देने का कथित प्रस्ताव
विकीलीक्स द्वारा जारी अमेरिकी केबल्स में 1974 के संदर्भ में इंदिरा गांधी सरकार और पाकिस्तान को परमाणु जानकारी देने से जुड़ी चर्चा��ं का उल्लेख किया ग��ा था।
अगर भारत की परमाणु नीति उसी दिशा में आगे बढ़ती, तो आज की सामरिक तस्वीर कितनी अलग होती—यह सोचने वाली बात है। 🤔
🇨🇳 तीसरी वजह—1962 और परमाणु विकल्प
1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान अमेरिका की ओर से भारत को परमाणु सहयोग/तकनीक की पेशकश किए जाने के दावे भी सामने आए हैं। पूर्व विदेश सचिव जे.एन. दीक्षित सहित कई चर्चाओं में भारत की तत्कालीन परमाणु नीति पर सवाल उठाए गए हैं।
लेकिन उस दौर में भारत ने परमाणु हथियारों की राह नहीं चुनी।
नतीजा?
1962 में चीन से करारी हार हुई और अक्साई चिन पर भारत का नियंत्रण समाप्त हो गया। 🇮🇳
🔥 इतिहास हमें एक बात साफ सिखाता है—शांति की इच्छा अच्छी है, लेकिन शांति की रक्षा करने के लिए शक्ति भी जरूरी है।
आज भारत एक परमाणु शक्ति है, दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में है और अपनी सुरक्षा के मामले में पहले से कहीं अधिक आत्मनिर्भर है। 🇮🇳🚀
इसलिए सवाल सिर्फ सरकार का न��ीं है…
सवाल है—देश की सुरक्षा और सामरिक शक्ति को लेकर हमारी सोच कैसी होनी चाहिए?
💥 मजबूत भारत के लिए मजबूत निर्णय जरूरी हैं।
🇮🇳 जय हिंद! वंदे मातरम्!
रात में बेगम नाराज़ थी
म्लेच्छ जिहादी 🐷 पर हवस सवार थी,
"औरत को खेती" समझने वाले एक पांच वक्त के नमाजी मुल्ला ने,
अस्पताल में एक हिन्दू महिला को दबोच लिया ।
सूरत में अस्पताल ��ी लाइन में खड़ी एक हिंदू महिला को एक वहशी मुस्लिम व्यक्ति ने चूम लिया ।
उसके बेटे ने उसे पकड़ लिया, और पीटा
अपनी माँ से माफ़ी माँगने पर मजबूर किया....
बुड्ढे का कहना है कि वह अपनी कामेच्छा रोक नहीं पाया ।
राहुल मियां पता करो आपके अब्दुल ने मनुस्मृति पढी थी या आसमानी किताब...?
🚨 काशी के रेलवे स्टेशन की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है!
बनारस रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है। 🚉🇮🇳
आधुनिक भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जा रहा है और इसी क्रम में पुराने ढाँचों को हटाया जा रहा है।
इसी दौरान चर्चा में आई “गंज शहीदा मस्जिद”।
अब नाम पर ज़रा गौर कीजिए—गंज शहीदा! 🤔
कहा जाता है कि इस नाम का संबंध उन लोगों से है, जो सदियों पहले भारत पर आक्रमण करने आए थे ���र स्थानीय प्रतिरोध में मारे गए।
उनके शव इसी क्षेत्र में दफन किए गए और बाद में उस स्थान को “शहीदों” से जोड़कर देखा गया।
यानी कहानी अगर वही है जो बताई जाती है, तो व्यंग्य देखिए—
आक्रमणकारी आए, मंदिरों पर हमला किया, लड़े, मारे गए… और मरने के बाद भी उन्हें जमीन मिल गई।
और हिंदू समाज ने कथित तौर पर यह सोचकर उनके शवों को दफना दिया कि
“मर गया तो अब दुश्मनी कैसी? शरीर मिट्टी है, उसे उसके धर्म के अनुस��र दफना दो।” 🙏
लेकिन इतिहास की विडंबना देखिए—
जिस जमीन पर कभी आक्रमणकारियों के शव दफन किए जाने की कहानी बताई जाती है, उसी से जुड़ी जगह बाद में “शहीद” कहलाने लगी और वहां मस्जिद खड़ी हो गई।
वाह रे इतिहास!
आक्रमण करने वाला भी शहीद, और आक्रमण झेलने वाला अपनी ही धरती पर इतिहास खोजता रह गया! 🤷♂️
आज वही काशी बदल रही है। 🚉
पुराने ढाँचे हट रहे हैं, नया भारत बन रहा है।
लेकिन एक बात याद रखिए—
इमारतें टूट सकती हैं, रास्ते बदल सकते हैं, स्टेशन नए बन सकते हैं…
मगर इतिहास को सीमेंट डालकर हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता। 📜
काशी की मिट्टी में सिर्फ इमारतें नहीं, सभ्यता की परतें दबी हैं। 🚩
अब जरूरत है नारेबाजी की नहीं—
दस्तावेज निकालिए, पुराना रिकॉर्ड निकालिए और इतिहास को प्रमाणों के साथ सामने रखिए।
क्योंकि सवाल सिर्फ एक मस्जिद का नहीं है…
सवाल यह है कि इस देश का इतिहास आखिर लिखा किसकी कलम से गया था? 🇮🇳🚩
🚨 हैदराबाद पुलिस ने हिंदू श्रद्धालुओं पर जमकर लाठियां बरसाईं, जब वे श्री गणेश भगवान के स्वागत और उत्सव में शामिल हो रहे थ��। 🕉️🐘
ज़रा चमचों से पूछिए—हैदराबाद में सत्ता किसकी है? कांग्रेस की। 🫢
पाकिस्तान और फिलिस्तीन के झंडे लहराए जाने पर कोई आपत्ति नहीं, मिलाद-उन-नबी और मोहर्रम मनाने पर कोई परेशानी नहीं… लेकिन जब हिंदू अपने धार्मिक उत्सव मनाएं, तो लाठियां चलने लगती हैं? 🤔
अगर यह सच है कि पुलिस ने बिना उचित कारण श्रद्धालुओं पर बल प्रयोग किया, तो सवाल बनता है—क्या हिंदुओं के त्योहारों के लिए अलग कानून है? ⚠️
कांग्रेस की चमचागिरी करने वालों, ज़रा यह तस्वीर भी देख लो और बताओ—ये कैसा “सबका साथ” है? 😏
और करो चमचागिरी… शायद अगली लाठी तुम्हारी पीठ पर पड़े! 🥁
कयामत आ जाये, प्रलय आ जाये
"भाजपा न आ जाये"
💥💥
धरती फट जाये,
बेटी भाग 💃 जाये ।
"भाजपा न आ जाये"
💥💥
रोटी ना मिले,
खाने को बोटी न मिले 🤣🤣
"भाजपा न आ जाये"
💥💥
पूरी व्यवस्था बदल जाये
��र से निकलना मुश्किल हो जाये ।
"भाजपा न आ जाये"
💥💥
@narendramodi जी
यही है आपका 👇👇
"सबका साथ सबका विकास"
🤭🤭
चिन्मय कृष्ण दास जी को माँ की मृत्यु पर पैरोल मिली,
वह रोते बिलखते 😥😥 भगवान श्री कृष्ण के चरणों पर लेट गए
बांग्लादेश का सत्यानाश तय है।
भारत 🇮🇳 में जाति-जाति खेलने वाले जाति के आधार पर लड़ने वालों यह दृश्य देख लो ।
बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं को समाप्त करने का मिशन चल रहा है।
सर्वाधिक दलित समाज के लोग शिकार हो रहे हैं ।
वही दलित समाज जो भारत 🇮🇳 में SC/ST का खेल खेल रहे हैं ।
यह बेहद मार्मिक दृश्य है । इस पर UN मौन है... ?
वैश्विक संगठन चुप्पी साधे हैं।
SC/ST Act का उपयोग कम
दुरुपयोग अधिक हो रहा है । ⚖️
💥 यदि Fir होते ही compensation दिया जा सकता है।
💥 Fir होते ही गिरफ़्तारी हो सकती है तो,
"Fir होते ही नेताओं के चुनाव लड़ने पर रोक क्यों नहीं" ....?? 🤔
🔸 नेताओं के लिए अलग कानून ।
🔸 OBC और General के लिए अलग कानून
🔸 SC-ST के लिए अलग कानून क्यों ?? 🤷🤷
दहेज, छेडख़ानी कानून फिर चाहे SC-ST Act ही क्यों न हो सबका दुरूपयोग हो रहा है। ⚖️
यह Act OBC और General Category दोनों पर लागू होता है ।
यह विभाजनकारी Act
"एक रहोगे तो सेफ रहोगे" 🇮🇳
का मखौल उडा रहा है । 😔
बिना जांच किये Fir होने पर compensation 💰
Fir होने पर बिना जांच के गिरफ़्तारी । 🚨
कितना हास्यास्पद है, यदि बाद में आरोप झूठा निकले तो,
पीड़��त की सामाजिक प्रतिष्ठा, मानसिक तनाव और जेल में बिताए गए समय का दोषी कौन....?? 🤷🤷
हिन्दूओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहा है । 🕉️
उनके आराधयों को अपशब्द बोले जा रहे हैं। 😡
उनके धार्मिक ग्रंथों को जलाया जा रहा है । 🔥
यदि कोई इसका विरोध में "एक शब्द" भी बोल दे उस पर SC-ST Act ठोका जा रहा है । ⚖️
यह कैसा न्यायतंत्र है....? 🤔
@narendramodi Ji
@AmitShah Ji
@AshwiniUpadhyay Ji
SC-ST Act में सुप्रीम कोर्ट का जांच के बाद गिरफ़्तारी का प्���ावधान
आपकी सरकार ने क्यों Change किया...??
De-dollarization को अमेरिका रोक नहीं पाएगा! 🌍💵
दावा है कि दुनिया धीरे-धीरे डॉलर पर निर्भरता कम करेगी और अंततः देश कहेंगे...
“हमें किसी की सिक्योरिटी नहीं चाहिए, हम अपना तेल जिसे चाहें, जिस करेंसी में चाहें बेचेंगे।”
और इसी बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच America Iran युद्ध को लंबा खींचने की कोशिश कर सकता है। 🇺🇸⚔️
दुनिया की आर्थिक व्यवस्था एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है! 🌐