गुरू सियाग सिद्धयोग से साधक साक्षी भाव में आ समस्त ब्रह्माण्ड के रचयिता के इस निरंतर चलायमान अंतहीन नाटक को दृष्टा भाव से देख आश्चर्य चकित हो सकता है | #happyrepublicday_2022
गुरु मंत्र का नित्य जप निर्देशानुसार करना चाहिए। और स्वयं की वैचारिक शुद्धि करना चाहिए। समाज की क्रूर कुटिल वासनात्मक मानसिकता से स्वयं को अलग करके क्षमाशील, दयाशील, सरल और सौंदर्यमय बनाएं।#happyrepublicday_2022
जब विपत्ति के समय आपके सभी सगे-संबंधी आपको अकेला छोड़ दें, एक गुरु-बंधु (कोई मित्र या गुरु को मानने वाला भाई-बहन) आए और आपसे कहे- “तुम आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं।”, *_उस गुरु-बंधु के हिम्मत देने वाले शब्द गुरु-कृपा है।
@samirsaran#happyrepublicday_2022