देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले समस्त स्वतंत्रता सेनानियों को कोटि- कोटि नमन।
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सभी प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। जय हिंद 🇮🇳
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे ने इतिहास रच दिया है . Gen Z ने मोदी को घुटनों के बल झुका दिया है .
इसके साथ ही सरकार को हमेशा कवर फायर देने न्यूज चैनलों का भी मुंह काला हुआ है .
बेशर्मी का लबादा ओढ़कर दिन रात मोदी की सत्ता की चाटुकारिता करने एडिटर, ऐंकर और रिपोर्टर इस प्रोटेस्ट के फ्लॉप होने का इंतज़ार कर रहे थे , इसे बदनाम करने की मुहिम में जुटे थे , वो सब आज सोने से पहले आईना में अपना चेहरा जरूर देखें
जनता की आवाज दबाने के लिए तानाशाही सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, हम डरने वाले नहीं हैं।
आज श्री राहुल गांधी एवं श्री मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में दिल्ली में किए गए प्रदर्शन के समर्थन में जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया।
इस शांतिपूर्ण धरने के दौरान मुझे और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जी समेत हमारे साथियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया। हम सब श्री राहुल गांधी के सिपाही हैं। हम सब देश के लिए जनता की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ते रहेंगे।
ये लोग कौन हैं ? इनकी क्या पहचान है? पुलिस की किस शाखा के हैं जो लाठी लेकर बैठे हैं। पुलिस कवर करने वाले पत्रकारों को पता होगा बस उनके संपादक छापने की हिम्मत कर पाएँ । उम्मीद है दिल्ली पुलिस जवाब देगी।
कितनी भयावह दृश्य कर दिया था सरकार ने,
फिर भी युवाओं ने संघर्ष किया,
सरकार ने शर्मसार कर दिया 🥺
ये स्वतंत्रत भारत की तस्वीर है जिसमें शिक्षा के लिए लाठियां खानी पड़ रही है।
राजस्थान में पुरी प्रदेश कांग्रेस एक तरफ है और अशोक चांदना अकेला एक तरफ,
जितने प्रदर्शन भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ओर अन्य विधायक खुलकर नहीं कर पाये उनसे कई सौ गुना ज्यादा अकेला अशोक चांदना जी भाजपा सरकार पर भारी पड़ रहे हैं।
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष के रूप में ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी देना चाहिए।
@AshokChandnaINC
आज दिल्ली प्रवास के दौरान सैर (walk) करने जाते हुए पीपल नया नाम खेजड़ी की छाँव में !
जब अडानी-अंबानी जैसे उद्योगपति मित्रों के लिए इतने खेजड़ी के पेड़ कटा दिए, तो फिर लगाएंगे कहां से?
“पीपल को खेजड़ी" बताकर देवतुल्य जनता को एवं देशवासियों को ठगने का प्रयास कर काम चला रहे हैं.. परंतु यह पब्लिक है सब जानती है अंत पोस्ट डिलीट करनी पड़ी!
बीकानेर में हमारे विश्नोई समाज की बहनो एवं भाइयो ने अनशन किया ! तब राजस्थान में खेजड़ी कही -कही बच पाई !
@kharge@RahulGandhi@kcvenugopalmp@ashokgehlot51@SachinPilot@GovindDotasra@TikaRamJullyINC@INCIndia@INCRajasthan
आज चेन्नई स्थित TNCC कार्यालय 'सत्यमूर्ति भवन' का दौरा कर नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री माणिकम टैगोर से मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूर्व अध्यक्षों श्री के. सेल्वापेरुन्थागाई, श्री के.वी. थंगाबालू व श्री ई.वी.के.एस. एलेंगोवन की उपस्थिति में तमिलनाडु पीसीसी के सभी अग्रिम संगठनों, विभागों व प्रकोष्ठों की बैठक को संबोधित किया।
दक्षिण भारत हमेशा से कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। जब 1977 में उत्तर भारत में कांग्रेस हारी, तब दक्षिण ने इंदिरा गांधी जी का साथ देकर देश को संदेश दिया, जिससे 1980 में कांग्रेस ने उत्तर भारत में भी क्लीन स्वीप किया। आज दक्षिण के सभी राज्यों में कांग्रेस सरकारें हैं और तमिलनाडु में 60 साल बाद सरकार में भागीदारी से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।
आज देश में लोकतंत्र खतरे में है और श्री राहुल गांधी इसे बचाने की लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसे हमें और मजबूत करना है।
अयोध्या राम मंदिर में हुए 'चंदा चोरी' के मामले से देश का हर नागरिक व गांव-गांव की जनता आक्रोशित है। जनता की आस्था के साथ हुआ यह खिलवाड़ 2029 में एनडीए (NDA) की करारी शिकस्त का कारण बनेगा।
@INCTamilNadu
जिन्होंने प्रधानमंत्री श्री @narendramodi को गुमराह किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
लोकसभा में 1 अगस्त 2024 को केन्द्र सरकार ने लिखित में माना कि 15 जुलाई 2024 तक बाड़मेर रिफाइनरी का 80.8% काम पूरा हो चुका था। दिसंबर 2023 तक राजस्थान में कांग्रेस सरकार थी जिसके दौरान इतना काम हुआ था।
ढाई साल में बारिश में टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं कर पाने वाली राजस्थान की भाजपा सरकार ने क्या जादू करके 6 महीने में 80% रिफाइनरी बना दी?
केन्द्र सरकार ने तो मार्च 2025 में काम पूरा करने का संसद में वादा किया पर आज इसके सवा साल बाद काम पूरा हुआ यानी डबल इंजन में भी रफ्तार धीमी रही।
सच्चाई यह है कि कोविड जैसी भीषण महामारी, लॉकडाउन और लेबर की भारी किल्लत के बावजूद हमारी सरकार ने एक दिन भी काम रुकने नहीं दिया।
प्रधानमंत्री ने काम ठप का रहने का बयान देकर रात-दिन पसीना बहाने वाले हजारों श्रमिकों, इंजीनियरों और अधिकारियों की मेहनत का घोर अपमान किया है।
राजनीतिक श्रेय लेने की भूख में सरकारी मंचों को झूठ का अड्डा बनाना और देश के प्रधानमंत्री का इस तरह गुमराह कर उनसे गलत बयान दिलवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है।
जनता सब देख रही है। @PMOIndia
यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकारी कार्यक्रमों में भी भाजपा नेता बनकर ही व्यवहार करते हैं। आज प्रधानमंत्री जी ने रिफाइनरी के उद्घाटन पर कहा कि 2018 से 2023 तक कांग्रेस सरकार के दौरान रिफाइनरी का काम ठप रहा और भाजपा के ढाई साल में पूरा काम हुआ। ऐसी बातें सुनने में हास्यास्पद लगती हैं।
प्रधानमंत्री जी, आपको रिफाइनरी के काम से जुड़े लोगों से पूछना चाहिए था। वे आपको बताते कि कांग्रेस सरकार में कोविड जैसी मुश्किल परिस्थिति में भी यहां काम नहीं रुका और रिफाइनरी का 85% काम 2018 से 2023 के बीच पूरा हुआ। भाजपा सरकार ने तो बजट में अगस्त 2025 तक काम पूरा करने की घोषणा की थी जो करीब एक साल देरी से हुआ है।
@narendramodi@PMOIndia
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को स्वयं के राज्य की इतनी बड़ी परियोजना पचपदरा रिफाइनरी के इतिहास और शिलान्यास की बुनियादी जानकारी तक नहीं है। मीडिया के समक्ष उनका यह दावा कि वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इसका शिलान्यास किया था, पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से गलत है। पूर्व में रिफाइनरी में केन्द्र और राज्य की हिस्सेदारी को लेकर वे गलत बयानी कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री जी को शायद यह ज्ञात ही नहीं है कि पचपदरा रिफाइनरी का वास्तविक शिलान्यास वर्ष 2013 में ही यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी एवं तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री श्री वीरप्पा मोइली द्वारा किया जा चुका था। ये तस्वीरें उसी मौके की है।
इसके विपरीत, केंद्र सरकार और राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पांच साल तक ठंडे बस्ते में डालकर अटकाए रखा, जिससे इसकी लागत 37,000 करोड़ रुपए से दोगुनी बढ़कर लगभग 80,000 करोड़ रुपए हो गई।
राजस्थान में रिफाइनरी की स्थापना के लिए 'हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड' (एचपीसीएल) को राजी करना भी एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। सामान्यतः रिफाइनरी परियोजनाओं में राज्य सरकार की कोई हिस्सेदारी नहीं होती है, परंतु एचपीसीएल को सहमत करने के लिए राजस्थान सरकार ने दूरदर्शिता दिखाते हुए रिफाइनरी में 26% (छब्बीस प्रतिशत) की हिस्सेदारी ली। इसी के परिणामस्वरूप यह 'एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड' (एचआरआरएल) नामक संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) बना, जिसने इस रिफाइनरी का निर्माण किया है।
मुख्यमंत्री जी को यदि इतिहास की जानकारी नहीं है, तो वे सार्वजनिक रूप से गलत बयानबाजी करने के बजाय अपने अधिकारियों से सही आंकड़े और दस्तावेज मंगवाकर पढ़ लें।
कुछ दिन पहले सिविल लाइंस आवास पर आए एक एसी मैकेनिक ने गर्व से बताया कि उनकी माताजी, जो मनरेगा में मजदूरी करती हैं, कांग्रेस सरकार की 'इन्दिरा गांधी स्मार्टफोन योजना' के माध्यम से डिजिटल दुनिया से जुड़ चुकी हैं।
उनके आग्रह पर वीडियो कॉल के जरिए निवाई (टोंक) निवासी श्रीमती यशोदा कुमावत और उनकी साथी महिला श्रमिकों से बातचीत हुई। बातचीत में उनकी पीड़ा और अपेक्षाएँ साफ़ झलकीं। उनका एक ही कहना था-"हमें वीबी-जी राम जी योजना नहीं, मनरेगा चाहिए।"
वे चाहती हैं कि मनरेगा में काम के दिनों की संख्या बढ़े, समय पर रोजगार मिले और जनहितकारी योजनाओं को फिर से प्रभावी बनाया जाए।
आज से भाजपा सरकार ने महात्मा गांधी जी के नाम पर यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई मनरेगा योजना का नाम बदलकर 'वीबी-जी राम जी योजना' कर दिया है। श्रमिकों में चिंता है कि कहीं यह बदलाव केवल नाम तक सीमित न रह जाए, बल्कि उनके रोजगार के अधिकार और काम की उपलब्धता पर भी असर डाले। उनकी स्पष्ट मांग है-नाम बदलने से नहीं, काम बढ़ाने से मजदूरों का जीवन बदलेगा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सत्ता में आते ही एकबार रील बनाकर 'बिना वीआईपी मूवमेंट' चलने का जो दिखावा किया था, आज वह महज एक नौटंकी साबित हुआ है।
इस क्रूर घटना का शिकार हुई बेटी भले ही बनिया समाज से हो, लेकिन दुखद है कि उनका अपना समाज, बनिया संगठन इस मुद्दे पर मुखर होकर सामने नहीं आ रहे हैं। हमें यह याद रखना होगा कि बेटियां किसी एक जाति की नहीं, सर्वसमाज की होती हैं। आज सर्वसमाज को एकजुट होकर इस बेटी के साथ हुए घोर अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी ही होगी।
जयपुर में वीआईपी रूट के नाम पर महिला के ऊपर खौलता पानी गिराकर उसे मौत के मुंह में धकेलना कोई हादसा नहीं, सत्ता का अहंकार है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और इस कृत्य में शामिल पुलिसकर्मियों पर तुरंत 'हत्या के प्रयास' का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। यह जानलेवा वीआईपी कल्चर अब बर्दाश्त के बाहर है!
@Khalbaali गोविंद सिंह डोटासरा को अशोक जी गहलोत ने ही राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष बनाया था।
एक वीडियो इसी पर भी डाल दो।
और 2023 में सरकार रिपीट होती कांग्रेस की लेकिन पेपर लीक सबसे बड़ा मुद्दा बना।
और ये किसके कारण बना यह वीडियो भी डाल दो मेरे भाई।