गलती लोगों की है।
ये road मेरठ के SSP अविनाश पांडेय जी के बाप की है।
क्यों आये उस रोड पे protestors।
पाण्डेय जी है, दलित लड़की के मर्डर के प्रोटेस्ट को ऐसे बर्दाश्त नहीं करेंगे अपने बाप की रोड पे।
Can anyone please tell me why this Meerut SSP Avinash Pandey beat up that Dalit protester ..
When clearly he was inside a locked police van and absolutely not a threat or nuisance anymore....
So.. why did Pandey beat him up.
First, is it legal for SSP to beat prisoners in police van..
And second is it a Pandey thing.. that he got angry on a Dalit..
Just trying to understand.
@adgzonemeerut@digrangemeerut@meerutpolice
Hello ADG and DIG sirs.. can a ssp beat a locked up protestor for the fun of it?
Please reply.
PEACEFUL MARCH TO THE PARLIAMENT, 20th JULY
Thanks for all your messages to break my Hunger Strike, but that wouldn't help the 20 students who committed suicide nor will that help protect the mountains of Ladakh or the rivers of India. If you really want to help then do a little more than messages from comfy couches, then come to Delhi & to Jantar Mantar on 20th July, when the Monsoon session of Indian Parliament starts. Together we'll start a very Peaceful March to the Sansad and appeal to our honorable MPs to take the issue up and find a lasting solution...
#cockroachjantaparty #cjpprotest #jantarmantar
रेलवे कह रहा फेक न्यूज है.
तो सच बिहार सरकार बता दे.
कहां का मामला है, कहां की ट्रेन है. बच्चे कहां के हैं.
आम आदमी के बच्चे की मौत की कोई कीमत नहीं है क्या?
@RailMinIndia@samrat4bjp
कभी नहीं सोचा था कि बेरोज़गारी का दृश्य इतना भयावह होता चला जाएगा।
4000 पदों के लिए 14 लाख लोग घर से निकल पड़ेंगे, स्टेशन संभालना मुश्किल हो जाएगा, और यह सब हमें सामान्य लगने लगेगा।
जिस देश का युवा नौकरी की एक उम्मीद में इस तरह संघर्ष कर रहा हो, वहाँ बेरोज़गारी सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं , सामाजिक चिंता है।
सिस्टम को फॉर्म भरते समय पता था कितने अभ्यर्थी हैं।
परीक्षा की तारीख तय करते समय पता था कितने अभ्यर्थी हैं।
फिर भी स्टेशन पर यह हाल है।
LATEST: 2 youths detained for slapping Cockroach Janata Party founder Abhijit Dipke in Jaipur. This violence is created by those who normalise hate, demonise dissent, celebrate aggression and reduce public discourse to abuse.😡
पश्चिम बंगाल की एक सरकारी बिल्डिंग में आग लग गई, जिसमें 4,000 EVM जलकर खाक हो गईं।
इन EVMs का इस्तेमाल हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में किया गया था। ये घटना संशय पैदा करती है।
सरकार और चुनाव आयोग को साफ करना चाहिए कि आग कैसे लगी और वह नौवीं-दसवीं मंजिल तक कैसे पहुंच गई?
ये तस्वीर गुजरात के आदिवासी बहुल दाहोद जिले की है, जहां आदिवासी लोग आज भी जानवरों के साथ एक ही गड्ढे का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, जबकि BJP 'हर घर नल से जल' का ढिंढोरा पीटती है। आदिवासी इलाकों को सिर्फ वोट बैंक समझने की राजनीति अब बेनकाब हो चुकी है।
बहुत अफसोस की बात है। जब भी शिक्षा की बात होती है उसके केंद्र में कुछ बड़े शहरों की तस्वीर होती है। लेकिन इसका ढांचा हिन्दी प्रदेशों में ध्वस्त हो गया है। पढ़ाई का हाल पहले चरण से ही इतना बुरा हो चुका है कि लोग ठीक से लिख नहीं पाते। सुन नहीं पाते कि क्या बोला गया है। नतीजा सबको लगता है कि नकल करो, किसी तरह पास हो जाओ। समाज भी इस चोर रास्ते पर चल पड़ा है। बच्चे तो स्कूल जाते ही हैं। गिनती के शिक्षक हैं जो दिल लगा कर पढ़ाते हैं। बाकी सब व्हाट्स एप फॉरवर्ड करने में लगे हैं।
रात 1 बजे धमतरी में एक व्यक्ति अपनी पत्नी और छोटी बच्ची के साथ घर लौट रहा था। पुलिस ने बाइक रोकी, चाबी छीनी और वीडियो बनाने पर परिवार के सामने ही उसकी पिटाई कर दी।
वर्दी का अहंकार है ।
ब्रिटिश राज भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन उसकी हुकूमत वाली मानसिकता आज भी देश के कई पुलिस तंत्रों में ज़िंदा दिखाई देती है। नागरिकों को अधिकारों वाले स्वतंत्र नागरिक नहीं, बल्कि हुक्म मानने वाले प्रजा की तरह देखा जाता है।
#amitkilhor #kilhor #chattisgarh