पुदीना छाछ पीने के फायदे:
यह शरीर को अंदर से ठंडक देती है
पाचन बेहतर रहता है
गैस और एसिडिटी से भी राहत मिलती है।
गर्मी में शरीर हाइड्रेट हो जाता है
और हम पूरे दिन फ्रेश महसूस करते हैं।
क्या आपने कभी इसे ट्राई किया है....
हर अंग के रक्षा कवच का काम करते हैं ये बीज
इस तरह करें सेवन और करें अपने अंगों की रक्षा
हर अंग की रक्षा करने वाले देशी बीज सेवन का तरीका और लाभ👇
1. अलसी के बीज ❤️ हृदय
सेवन तरीका:
1 चम्मच भुनी अलसी सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लें।
लाभ:
हृदय को मजबूत रखने में सहायक
कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखने में मदद
रक्त प्रवाह बेहतर करने में लाभकारी
2. काला तिल 🦴 हड्डियां
सेवन तरीका:
1–2 चम्मच तिल और गुड़ मिलाकर सुबह सेवन करें।
लाभ:
कैल्शियम की पूर्ति में सहायक
हड्डियों और दांतों को मजबूती
जोड़ों की कमजोरी कम करने में उपयोगी
3. कद्दू के बीज 🧠 मस्तिष्क
सेवन तरीका:
1 मुट्ठी कद्दू के बीज शाम के समय खाएं।
लाभ:
याददाश्त बेहतर करने में सहायक
तनाव कम करने में मदद
दिमाग को पोषण प्रदान करते हैं
4. सूरजमुखी के बीज 👁️ आंखें
सेवन तरीका:
1 चम्मच बीज सलाद या दूध में मिलाकर लें।
लाभ:
आंखों की रोशनी के लिए उपयोगी
त्वचा में चमक बढ़ाने में सहायक
शरीर को एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं
5. मेथी दाना 🩸 अग्नाशय
सेवन तरीका:
1 चम्मच मेथी रात में भिगोकर सुबह चबा कर खाएं।
लाभ:
ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायक
पाचन सुधारने में मदद
शरीर की कमजोरी कम करने में लाभकारी
6. अजवाइन 🫁 फेफड़े व पेट
सेवन तरीका:
आधा चम्मच अजवाइन गुनगुने पानी के साथ लें।
लाभ:
गैस और अपच में राहत
सांस लेने में आराम
पाचन शक्ति मजबूत करने में सहायक
7. चिया सीड्स 🩺 आंतें व रक्तवाहिनियां
सेवन तरीका:
1 चम्मच चिया सीड्स पानी में 30 मिनट भिगोकर लें।
लाभ:
पाचन सुधारने में मदद
शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं
वजन नियंत्रण में सहायक
8. धनिया बीज 🩹 किडनी
सेवन तरीका:
1 चम्मच धनिया रात में भिगोकर सुबह उसका पानी पिएं।
लाभ:
पेशाब की जलन कम करने में सहायक
शरीर की गर्मी शांत करने में मदद
किडनी को साफ रखने में लाभकारी
9. सौंफ 👄 पेट व आंखें
सेवन तरीका:
खाना खाने के बाद 1 चम्मच सौंफ चबाएं।
लाभ:
पाचन में सुधार
आंखों की थकान कम करने में सहायक
मुंह की दुर्गंध दूर करने में उपयोगी
10. तरबूज के बीज 💪 मांसपेशियां
सेवन तरीका:
भूनकर 1 मुट्ठी शाम को सेवन करें।
लाभ:
शरीर को ताकत देने में सहायक
मांसपेशियों को पोषण
कमजोरी और थकान कम करने में मदद
विशेष सावधानी
किसी भी बीज का अत्यधिक सेवन न करें।
छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को डॉक्टर की सलाह लेकर सेवन करना चाहिए।
संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ इनका सेवन अधिक लाभकारी माना जाता है।
शरीर को करे स्वस्थ: 7 दिन, 7 आयुर्वेदिक हेल्दी ड्रिंक्स
दिन 1 – हल्दी दूध
सूजन कम करे, रोगों से बचाए, एंटी-एजिंग गुण
दिन 2 – जीरा पानी
पाचन शक्ति बढ़ाए, वात-पित्त संतुलित करे
दिन 3 – आंवला जूस
इम्युनिटी बढ़ाए, त्रिदोष संतुलित करे
दिन 4 – अदरक-नींबू चाय
पाचन सुधारे, शरीर को गर्मी दे, वात-कफ संतुलित करे
दिन 5 – अश्वगंधा चाय
एनर्जी बूस्टर, तनाव कम करे
दिन 6 – मेथी पानी
शुगर कंट्रोल करे, मोटापा कम करे
दिन 7 – नारियल पानी + तुलसी
शरीर को ठंडक दे, वात-पित्त संतुलित करे
पानी वाले उपाय जो सच में काम करते हैं
1. सौंफ का पानी (7 दिन)
बलगम साफ करता है और सांस की नलियों को खोलने में मदद करता है।
2. अलसी का पानी (12 दिन)
जोड़ों को चिकनाई देता है और हार्मोन संतुलन में सहायक होता है।
3. गुड़हल के फूल का पानी (2 हफ्ते)
खून को पतला करने और ब्लड प्रेशर संतुलन को सपोर्ट करता है।
4. नींबू-छिलका पानी (1 हफ्ता)
लिवर की सफाई में मदद करता है और ज़हरीली धातुओं को बाहर निकालने में सहायक है।
5. अजवाइन का पानी (10 दिन)
गैस, ब्लोटिंग और पेट की जकड़न कम करने में मदद करता है।
6. हल्दी–काली मिर्च का पानी (10 दिन)
सेल्स के अंदर एंटीऑक्सिडेंट सुरक्षा को सक्रिय करता है।
7. पुदीना मिला पानी (12 दिन)
शरीर को अंदर से ठंडा करता है और पाचन तंत्र को रीसेट करने में मदद करता है।
नोट: किसी भी उपाय को नियमित रूप से अपनाने से पहले अपनी सेहत के अनुसार मात्रा रखें।
👀 आंखों की रोशनी बनाए रखने के लिए 11 बेस्ट आहार
🥕 गाजर – बीटा कैरोटीन से भरपूर
🥬 गहरे रंग का पत्तेदार साग – विटामिन A, C, K
🫑 कच्ची लाल शिमला मिर्च – एंटीऑक्सिडेंट्स का खज़ाना
🌻 सूरजमुखी के बीज, बादाम – विटामिन E
🥜 नट्स और बीज – आंखों की कोशिकाओं की सुरक्षा
🐟 सामन मछली – ओमेगा-3 फैटी एसिड
🧴 मछली का तेल – ड्राई आई से बचाव
🥚 अंडे – ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन
🍊 खट्टे फल व बेरीज़ – इम्यूनिटी + आंखों की सेहत
🌾 साबुत अनाज – ब्लड शुगर कंट्रोल
🌱 दाल (मूंग सबसे बेस्ट) – प्रोटीन व पोषक तत्व
🍗 दुबला मांस – ज़िंक और आयरन
✨ अच्छा दिखना नहीं, साफ़ दिखना ज़रूरी है!
आज से ही अपनी थाली सुधारिए।
#EyeHealth #HealthyDiet #GoodVision
🚨 ये 16 बॉडी सिग्नल आपकी लाइफ बचा सकते हैं!
🔔 कानों में घंटी – हाई BP
🥱 जम्हाई – ऑक्सीजन की कमी
❄️ ठंडे हाथ-पैर – कमजोर सर्कुलेशन
🤚 सुन्न उंगलियाँ – Vit B12
🦵 पैरों में सूजन – दिल/किडनी
😮💨 दुर्गंध – पाचन समस्या
😣 ऐंठन – मैग्नीशियम
💇♀️ बाल झड़ना – आयरन
🍫 मीठा खाने की चाह – मैग्नीशियम
🤕 सिरदर्द – डिहाइड्रेशन
👅 जीभ में जलन – B-विटामिन
👂 सुनने में कमी – जिंक
🦷 मसूड़ों से खून – Vit C
😴 थकान – Vit D
😵 चक्कर – लो शुगर
👀 पीली आँखें – लिवर समस्या
⚠️ शरीर की सुनें, नजरअंदाज न करें!
#HealthTips #BodySignals #StayHealthy
कठोपनिषद (रथ दृष्टांत)
→ 1. शरीर (Body) – रथ है जीवन का साधन, खुद निर्णय नहीं लेता।
2. पाँच इंद्रियाँ (Five Senses) - घोड़े सुख की ओर दौड़ती हैं, नियंत्रण जरूरी।
3. मन (Mind) - लगाम → इंद्रियों को नियंत्रित करता है।
4. बुद्धि (Intellect) - सारथी करती है। सही-गलत का निर्णय
← 5. आत्मा (Soul) - रथ का स्वामी अंतिम लक्ष्य को जानने वाली चेतना।
सार - जब आत्मा जाग्रत, बुद्धि विवेकपूर्ण, मन नियंत्रित और इंद्रियाँ अनुशासित हों- तभी जीवन सही दिशा में चलता है।
ब्रोकली
1. पोषक तत्वों से भरपूर
ब्रोकली में विटामिन C, विटामिन K, फोलेट, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है।
2. इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार
विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।
3. दिल के लिए फायदेमंद
इसमें मौजूद फाइबर और सल्फोराफेन खराब कोलेस्ट्रॉल यानि LDLको नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
4. पाचन तंत्र को दुरुस्त रखे
उच्च फाइबर होने के कारण कब्ज से राहत मिलती है और पाचन बेहतर रहता है।
5. हड्डियों को मजबूत बनाए
कैल्शियम और विटामिन K हड्डियों की मजबूती में सहायक होते हैं।
6. वजन नियंत्रण में सहायक
कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने से पेट देर तक भरा रहता है।
7. त्वचा और आंखों के लिए लाभकारी
इसमें मौजूद विटामिन A और C त्वचा की चमक और आंखों की सेहत के लिए अच्छे होते हैं।
भाप में पकी ब्रोकली, सलाद, सूप या सब्ज़ी के रूप में सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है।
हल्दी और काली मिर्च: विज्ञान का सबसे शक्तिशाली 'गोल्डन कॉम्बो' 2000% ज्यादा फायदा और सही तरीका
क्या आप जानते हैं कि सालों से पिया जाने वाला 'हल्दी वाला दूध' या खाने में डाली गई हल्दी आपको शायद 5% फायदा भी नहीं दे रही है विज्ञान कहता है कि हल्दी अधूरी है बिना एक खास चीज के। जानिए कैसे आपकी मसाला-दानी में मौजूद एक चुटकी 'काली चीज' हल्दी की ताकत को 2000 गुना तक बढ़ा देती है।
यह शरीर में कैसे काम करता है? (The 2000% Absorption Rule)
हल्दी का मुख्य औषधीय तत्व 'करक्यूमिन' (Curcumin) है। यही कंपाउंड सूजन और बीमारियों से लड़ता है। लेकिन समस्या यह है कि करक्यूमिन की 'बायोअवेलेबिलिटी' (Bioavailability) बहुत खराब होती है। इसका मतलब है कि जब आप हल्दी खाते हैं, तो आपका लीवर और आंतें इसे अवशोषित (Absorb) करने से पहले ही शरीर से बाहर निकाल देते हैं।
यहाँ एंट्री होती है काली मिर्च की। काली मिर्च में 'पाइपेरिन' (Piperine) नामक एक प्रमुख बायोएक्टिव कंपाउंड होता है।
जब आप हल्दी और काली मिर्च को एक साथ खाते हैं, तो पाइपेरिन लीवर की उस प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक देता है जो करक्यूमिन को शरीर से बाहर फेंकती है। शोध बताते हैं कि पाइपेरिन, करक्यूमिन के अवशोषण को 2000% तक बढ़ा देता है। इसीलिए हल्दी बिना काली मिर्च के लगभग बेकार है।
इस 'गोल्डन कॉम्बो' के 10 वैज्ञानिक फायदे
1. सबसे शक्तिशाली प्राकृतिक पेनकिलर: यह जोड़ी शरीर में पुरानी सूजन (Chronic Inflammation) से लड़ती है, जो कई गंभीर बीमारियों की जड़ है। यह प्राकृतिक रूप से दर्द कम करने में मदद करता है।
2. जोड़ों के दर्द में राहत: गठिया (Arthritis) और जोड़ों के दर्द से जूझ रहे लोगों के लिए यह वरदान है। यह जोड़ों की सूजन और जकड़न को कम करता है।
3. सुपर इम्यूनिटी बूस्टर: इन दोनों के एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुण मिलकर शरीर की रक्षा प्रणाली को कई गुना मजबूत बनाते हैं।
4. मस्तिष्क स्वास्थ्य और याददाश्त: करक्यूमिन मस्तिष्क के हार्मोन BDNF के स्तर को बढ़ाता है, जो नए न्यूरॉन्स के विकास और याददाश्त तेज करने के लिए जरूरी है।
5. पाचन में सुधार: काली मिर्च पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड के स्राव को उत्तेजित करती है, जिससे भोजन (विशेषकर प्रोटीन) को पचाना आसान हो जाता है, जबकि हल्दी पेट की सूजन कम करती है।
6. हृदय स्वास्थ्य: यह रक्त वाहिकाओं की परत (Endothelium) के कार्य में सुधार करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोककर हार्ट अटैक का खतरा कम करता है।
7. जबरदस्त एंटीऑक्सीडेंट: यह कॉम्बो शरीर में फ्री रेडिकल्स को बेअसर करता है, जो उम्र बढ़ने और बीमारियों का कारण बनते हैं।
8. मूड में सुधार: कुछ अध्ययन बताते हैं कि करक्यूमिन सेरोटोनिन और डोपामाइन (हैप्पी हार्मोन) को बूस्ट कर सकता है, जो अवसाद के लक्षणों को कम करने में सहायक है।
9. लिवर डिटॉक्स: यह लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने में मदद करता है।
10. कैंसर से बचाव की क्षमता: प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि यह जोड़ी कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने और फैलने से रोकने में मदद कर सकती है।
डॉक्टर के अनुसार खाने का सही तरीका (The Golden Rule)
हल्दी का पूरा फायदा लेने के लिए दो शर्तें पूरी होनी चाहिए:
शर्त 1: साथ में काली मिर्च हो।
शर्त 2: साथ में थोड़ा 'फैट' (Healthy Fat) हो, क्योंकि हल्दी फैट-सॉल्यूबल है (यह वसा में घुलती है, पानी में नहीं)।
सेवन के सर्वोत्तम तरीके:
असली 'गोल्डन मिल्क': एक कप गर्म दूध (गाय का या नारियल का) में 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर, एक चुटकी ताजी कुटी काली मिर्च और थोड़ा सा घी या नारियल तेल मिलाएं।
खाना बनाते समय: जब भी आप सब्जी या दाल में हल्दी डालें, तो सुनिश्चित करें कि तड़के में तेल/घी के साथ काली मिर्च भी जरूर डालें।
अनुपात (Ratio): एक सामान्य नियम के रूप में, हर 1 चम्मच हल्दी के लिए लगभग 1/4 चम्मच काली मिर्च का प्रयोग करें।
महत्वपूर्ण नोट (Support This Thread):
यह जानकारी बहुत कम लोगों को पता है। अगर आपको यह विज्ञान आधारित तथ्य पसंद आया, तो:
Re-post (RT): ताकि लोग हल्दी का सही इस्तेमाल करना सीख सकें।
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(Ref)
Planta Medica Journal (1998) Influence of piperine on the pharmacokinetics of curcumin (The 2000% study)
(Disclaimer)
यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए है, चिकित्सा सलाह नहीं। यदि आप खून पतला करने की दवा (Blood Thinners) ले रहे हैं, पित्ताशय की पथरी है या सर्जरी होने वाली है, तो इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
औषधीय गोंद का सेवन कब किस बीमारी में और किस प्रकार करें जाने पूरी जानकारी डिटेल में
गोंद का इस्तेमाल कैसे करें 👇
1️⃣ भिगोकर सेवन
👉 गोंद कतीरा, गोंद गोंदनी
रात में 1 चम्मच पानी में भिगो दें
सुबह दूध / पानी के साथ पिएँ
गर्मी, कब्ज, कमजोरी में लाभ
2️⃣ भूनकर सेवन
👉 गोंद बबूल, बरगद, पीपल
धीमी आंच पर हल्का भूनें
कूटकर चूर्ण बना लें
1 चम्मच दूध के साथ लें
हड्डियाँ व कमर मजबूत होती हैं
3️⃣ चूर्ण बनाकर
👉 अर्जुन, अशोक, साल, शल्लकी
सुखाकर पीस लें
1–3 ग्राम गुनगुने पानी या दूध के साथ
जोड़ों, हृदय, स्त्री रोग में लाभ
4️⃣ दूध के साथ
👉 बबूल, अर्जुन, मोरिंगा
1 चम्मच चूर्ण गर्म दूध में
रात को लेना श्रेष्ठ
कमजोरी दूर करता है
5️⃣ शहद के साथ
👉 पीपल, नीम, बेल
1 ग्राम चूर्ण + शहद
सुबह खाली पेट
खांसी, गले, संक्रमण में लाभ
6️⃣ छाछ के साथ
👉 आम, बेल, खैर
1 चम्मच चूर्ण छाछ में
दस्त व पेट के रोग में उपयोगी
7️⃣ पानी के साथ
👉 गुग्गुल, हिंग, इमली
1–2 ग्राम गुनगुने पानी में
गैस, सूजन, मोटापा में सहायक
8️⃣ लेप बनाकर (बाहरी प्रयोग)
👉 राल, लोबान, साल
पीसकर पानी / तेल में मिलाएँ
सूजन, घाव, दर्द पर लगाएँ
9️⃣ काढ़ा बनाकर
👉 अशोक, अर्जुन, पीपल
1 चम्मच चूर्ण 1 कप पानी में उबालें
आधा रहने पर छानकर पिएँ
🔟 धूप / धूम्र प्रयोग
👉 लोबान, साल
धूप जलाकर वातावरण शुद्ध करें
मानसिक शांति व कीटाणु नाशक
सभी गोंद के उपयोग का सही तरीका👇
1️⃣ गोंद कतीरा
रात में पानी में भिगोएँ, सुबह दूध/पानी के साथ शरीर की गर्मी, कब्ज, कमजोरी
2️⃣ गोंद बबूल हल्का भूनकर चूर्ण बनाएँ, दूध के साथ
हड्डियाँ, कमर दर्द, प्रसव बाद
3️⃣ गोंद गोंदनी (करया)
भिगोकर या चूर्ण बनाकर, पानी के साथ कब्ज, पाचन
4️⃣ गोंद धौरा / शल्लकी
चूर्ण बनाकर दूध या शहद के साथ जोड़ों का दर्द, सूजन
5️⃣ गोंद मोरिंगा (सहजन) चूर्ण बनाकर दूध के साथ
कमजोरी, इम्यूनिटी
6️⃣ गोंद आम चूर्ण बनाकर छाछ के साथ
दस्त, पेट रोग
7️⃣ गोंद नीम चूर्ण + शहद त्वचा रोग, खून साफ
8️⃣ गोंद पीपल चूर्ण + शहद खांसी, दमा
9️⃣ गोंद बरगद चूर्ण + मिश्री स्त्री रोग, कमजोरी
🔟 गोंद बेल चूर्ण + छाछ दस्त, पेचिश
1️⃣1️⃣ गोंद गुग्गुल गोली या चूर्ण, गुनगुने पानी के साथ
जोड़ों, मोटापा, सूजन
1️⃣2️⃣ गोंद लोबान धूप या बहुत कम मात्रा में सेवन
मानसिक शांति, दर्द
1️⃣3️⃣ गोंद राल लेप बनाकर बाहर लगाएँ घाव, सूजन
1️⃣4️⃣ गोंद हिंग चुटकी भर पानी में गैस, अपच
1️⃣5️⃣ गोंद अर्जुन चूर्ण दूध/पानी के साथ हृदय रोग
1️⃣6️⃣ गोंद अशोक काढ़ा या चूर्ण स्त्री रोग
1️⃣7️⃣ गोंद साल लेप या चूर्ण घाव, सूजन
1️⃣8️⃣ गोंद खैर कुल्ला या चूर्ण मुँह के छाले, दस्त
1️⃣9️⃣ गोंद इमली चूर्ण पानी के साथ पेट की गर्मी
2️⃣0️⃣ गोंद चिरैता बहुत कम मात्रा में काढ़ा बुखार, संक्रमण
महत्वपूर्ण नियम
मात्रा: 1–3 ग्राम पर्याप्त
अधिकतर गोंद की तासीर गर्म होती है
7–10 दिन से अधिक लगातार न लें
लड्डू में उपयोग आने वाले गोंद
1️⃣ गोंद बबूल (खाने वाला गोंद)
सबसे ज़्यादा उपयोग होने वाला गोंद
प्रसव बाद लड्डू
हड्डियाँ, कमर, कमजोरी
2️⃣ गोंद गोंदनी (करया गोंद)
देसी ताकत के लड्डू
कब्ज नहीं करता पाचन में हल्का
3️⃣ गोंद कतीरा (कम मात्रा में)
ठंडक देने के लिए गर्मी में बनने वाले लड्डू
शरीर को शीतल रखता है
4️⃣ गोंद धौरा / शल्लकी जोड़ों व हड्डी के लड्डू
बुजुर्गों के लिए उपयोगी
5️⃣ गोंद साल पारंपरिक देसी लड्डू हड्डी मजबूती के लिए
6️⃣ गोंद अर्जुन हृदय शक्ति लड्डू कमजोरी व थकान में
7️⃣ गोंद अशोक महिलाओं के विशेष लड्डू
मासिक व कमजोरी में
8️⃣ गोंद पीपल खांसी–दमा वाले लड्डू
गले को मजबूत करता है
9️⃣ गोंद बरगद स्त्री शक्ति लड्डू
सफेद पानी, कमजोरी
🔟 गोंद खैर पाचन सुधार लड्डू पेट के लिए हल्का
लड्डू बनाने का सामान्य तरीका
100 ग्राम गोंद को घी में धीमी आँच पर फुलाएँ
ठंडा कर कूट लें
आटा/मेवा/बीज मिलाएँ
गुड़ या मिश्री डालें
लड्डू बाँध लें
इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है..
याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें : जो आपको हमेशा स्वस्थ और सेहतमंद रखेंगी :-
1. दूध ना पचे तो - सोंफ
2. दही ना पचे तो - सोंठ
3. छाछ ना पचे तो - जीरा व काली मिर्च
4. अरबी व मूली ना पचे तो - अजवायन
5. कड़ी ना पचे तो - कड़ी पत्ता
6. तेल, घी, ना पचे तो - कलौंजी
7. पनीर ना पचे तो - भुना जीरा
8. भोजन ना पचे तो - गर्म जल
9. केला ना पचे तो - इलायची
10. ख़रबूज़ा ना पचे तो - मिश्री का उपयोग करें
◾योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
◆ लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है।
◆ हाई बी पी में - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करें।
◆ लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें।
◆ कूबड़ निकलना - फास्फोरस की कमी।
◆ कफ - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है। गुड व शहद खाएं।
◆ दमा, अस्थमा - सल्फर की कमी।
◆ सिजेरियन आपरेशन - आयरन , कैल्शियम की कमी।
◆ सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें।
◆ अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें।
◆ जम्भाई - शरीर में आक्सीजन की कमी।
◆ जुकाम - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें।
◆ ताम्बे का पानी - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें।
◆ किडनी - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये। गिलास एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेसटेन्स होता है।
◆ अस्थमा , मधुमेह , कैंसर से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं।
◆ वास्तु के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा।
◆ परम्परायें वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं।
◆ पथरी - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है।
◆ RO का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । पानी की सफाई के लिए सहिजन की फली सबसे बेहतर है।
◆ सोकर उठते समय हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का स्वर चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें।
◆ पेट के बल सोने से हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है।
◆ भोजन के लिए पूर्व दिशा , पढाई के लिए उत्तर दिशा बेहतर है।
◆ HDL बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा।
◆ गैस की समस्या होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें।
◆ चीनी के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से पित्त बढ़ता है।
◆ शुक्रोज हजम नहीं होता है फ्रेक्टोज हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है।
◆ वात के असर में नींद कम आती है।
◆ कफ के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है।
◆ कफ के असर में पढाई कम होती है।
◆ पित्त के असर में पढाई अधिक होती है।
◆ आँखों के रोग - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है।
◆ शाम को वात-नाशक चीजें खानी चाहिए।
◆ प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए।
◆ सोते समय रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है।
◆ व्यायाम - वात रोगियों के लिए मालिश के बाद व्यायाम , पित्त वालों को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । कफ के लोगों को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए।
◆ भारत की जलवायु वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए।
◆ जो माताएं घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं।
◆ निद्रा से पित्त शांत होता है , मालिश से वायु शांति होती है , उल्टी से कफ शांत होता है तथा उपवास ( लंघन ) से बुखार शांत होता है।
◆ भारी वस्तुयें शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है।
◆ दुनियां के महान वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों ,
◆ माँस खाने वालों के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं।
◆ तेल हमेशा गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए।
◆ छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है।
◆ कोलेस्ट्रोल की बढ़ी हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है। ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है।
◆ मिर्गी दौरे में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए।
◆ सिरदर्द में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें।
यह देशी उपचार खत्म कर देगा आपके शरीर में किसी भी तरह की गांठ को
जाने सेवन करने का सही तरीका👇
🌿 1. हरा धनिया
सेवन विधि
1 मुट्ठी हरा धनिया
1 गिलास पानी में रातभर भिगो दें
सुबह छानकर खाली पेट पिएँ
लाभ: शरीर की सूजन कम करने व रक्त शुद्धि में सहायक
🌿 2. हरा पुदीना
सेवन विधि
8–10 पत्ते पुदीना
थोड़ा अदरक मिलाकर चटनी बनाएँ
भोजन के साथ रोज 1–2 चम्मच लें
लाभ: अंदरूनी सूजन व गर्मी कम करता है
🌿 3. चौलाई (हरी चौलाई)
सेवन विधि
चौलाई की सब्ज़ी बनाकर
सप्ताह में 3–4 बार भोजन में लें
लाभ: रक्त शुद्धि, गांठ के बढ़ाव में रोक
🌿 4. गुग्गुल
सेवन विधि
शुद्ध गुग्गुल चूर्ण 250–500 mg
गुनगुने पानी या शहद के साथ
दिन में 2 बार (सुबह–शाम)
लाभ: गांठ, रसौली व सूजन में विशेष उपयोगी
🌿 5. कचनार (छाल)
सेवन विधि
कचनार की छाल 10–15 ग्राम
2 कप पानी में उबालकर 1 कप शेष
सुबह-शाम पिएँ
लाभ: थायरॉयड व गांठ में अत्यंत लाभकारी
🌿 6. शतावरी
सेवन विधि
शतावरी चूर्ण 1 चम्मच
गुनगुने दूध या पानी के साथ
सुबह खाली पेट
लाभ: शरीर की अंदरूनी कमजोरी व सूजन में लाभ
🌿 7. अश्वगंधा
सेवन विधि
अश्वगंधा चूर्ण ½–1 चम्मच
रात को दूध के साथ
लाभ: गांठ से जुड़ी कमजोरी व तनाव में सहायक
🌿 8. कच्ची हल्दी
सेवन विधि
1 इंच कच्ची हल्दी कद्दूकस
गुनगुने दूध में मिलाकर सुबह
या
शहद के साथ चाटें
लाभ: सूजन नाशक, गांठ को धीरे-धीरे कम करने में सहायक
विशेष आयुर्वेदिक सुझाव
तला-भुना, ज्यादा नमक, मैदा से परहेज करें
रोज 30 मिनट हल्की चाल से टहलें
रात का भोजन हल्का रखें
पोस्ट केसी लगी कमेंट में जरूर बताएं
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1. Eat Ginger, Pineapple, Garlic to heal your lungs.
2. Eat an Apple, Beets, Carrots to fix your skin.
3. Eat cucumber, Lime, Celery to heal your kidneys
4. Eat pomegranate, Orange, Ginger to fix your blood.
5. Eat cucumber, Green apple, AloeVera to heal your intestines.
6. Eat Avocado, Walnuts, Berries to heal your heart.
7. Eat blueberries, Walnuts, Tumeric to fix your brain.
8. Eat a carrot, Spinach, Sweet potatoes to fix eyes.
9. Eat ginger, Papaya, Yogurt they heal your stomach.
10. Eat broccoli, Garlic, Spinach to heal your pancreas.
11. Eat cabbage, Tumeric, Lemon to heal your liver.
किचन मसाले करते है दावाई का काम
प्राकृतिक दावाई जानिए कैसे करे सेवन
🟡 हल्दी
सूजन, चोट, जोड़ों के दर्द में लाभकारी
रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है
उपयोग: गुनगुने दूध में आधा चम्मच
अदरक
सर्दी, खाँसी, गले के दर्द में उपयोगी
पाचन शक्ति बढ़ाता है
उपयोग: अदरक की चाय या रस
🧄 लहसुन
हृदय रोग, उच्च रक्तचाप में सहायक
कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करता है
उपयोग: सुबह 1–2 कली कच्ची
🌰 जीरा
गैस, अपच, पेट दर्द में लाभ
मधुमेह में सहायक
उपयोग: जीरा पानी
🍂 दालचीनी
मधुमेह नियंत्रण में सहायक
सर्दी-जुकाम में लाभकारी
उपयोग: चाय या गुनगुने पानी में
⚫ काली मिर्च
खाँसी, जुकाम, कफ में लाभ
पाचन को मजबूत करती है
उपयोग: शहद के साथ चूर्ण
🌸 लौंग
दाँत दर्द, मुँह की दुर्गन्ध में लाभ
खाँसी में उपयोगी
उपयोग: चूसें या काढ़ा बनाएँ
🌿 अजवाइन
गैस, पेट दर्द, एसिडिटी में रामबाण
श्वसन समस्या में लाभ
उपयोग: गुनगुने पानी के साथ
महत्वपूर्ण सूचना
सीमित मात्रा में सेवन करें गर्भवती महिलाएँ व गंभीर रोगी चिकित्सकीय सलाह लें 🙏