@aajtak@anjileeistwal@JournoAshutosh बहुत दिन से दिल्ली की घेराबंदी नहीं हुई शाहीन बाग और किसानों की बॉर्डर जाम से लोगों को परेशान नहीं होने से
कुछ लोगों के पेट में दर्द
कुछ अशांति कुछ दंगा कुछ भी नहीं हो रहा
ईरान इराक में अशांति है
यहां सब ठीक क्यों
साजिश क्या सोचो समझो?
@aajtak@anjileeistwal@JournoAshutosh क्या विपक्ष की पार्टी जब चुनाव नहीं जीत पाई तो हताश और निराश राजनीतिक दल ने CJP कॉकरोच जनता पार्टी में घुस कर देश में अराजकता और युवा को भड़का कर
सत्ता में काबिज होने की बात सोच रहे,?
किसान आंदोलन जैसी या CAA NRC जैसी राजनीतिक साजिश से दिल्ली को घेरने की साजिश तो नहीं?
@BoltaHindustan मोदी जी भी समझ गए देश की जनता जब ईमानदार नहीं तो सरकार के नेता कैसे
DBT से जनता के पैसे से दलाली खत्म
पर विकास के खर्च में घूसखोरी दुगुनी
रोजाना देश में 100,200 पकड़े जाते
पर लाखों में आंकड़ा 0
नेताओं पर अरबों पकड़े
पर न नेता सुधरे न जनता?
@BoltaHindustan यह लोग बातें बड़ी करते हैं काम कम
जिनपिंग चीन के राष्ट्रपति भारत आए तो उनसे पूंछा कि भारत कब चीन जैसी महाशक्ति बनेगा
जिनपेंग बोले यहाँ के नेता लालू के जमाने से पहले भी चोर थे
लालू से मोदी तक
केवल फर्क इतना कि
मोदी तो ईमानदारी से देश का विकाश कर रहे
पर नेता रेत जमीन चोर?
@mukhiyajee007@DainikBhaskar देश में 100 में से 90 पुलिस TI की संपत्ति की जांच हो
तो पता चलेगा कि अच्छे एरिया के थाने की बोली लगती हैं
उनके संपत्ति की जांच हर साल हो आउटर एजेंसी सी तो देश का पुलिस का काला चिट्ठा उजागर होगा????
पर बेचारे समाज की सेवा तो कर रहे
पैसे तो कमाना धर्म बन गया?
@aajtak भगवान राम का मंदिर ऐसी चोरी या अन्य छोटी घटना से किसी तरह भी
रामद्रोही चुनावी फायदे को इकट्ठे हो रहे हैं
राम सेतु काअस्तित्व को कांग्रेस ने नकार कर तोड़ने का आदेश दिया था
राम के अस्तित्व को नकारने वाले और राम भक्तों पर गोली वाले
सब को सत्ता की राजनीति राम मंदिर से दिख रही?
@narendramodi मोदी जी बढ़े चलो बढे चलो
बस हाथी जैसी सत्ता पर अंकुश रखो
कुत्तों का काम हाथी पर भोंकने का
बस देश की सत्ता पर अंकुश रखे
बीजेपी बड़ी पार्टी है?
सनातन को जिंदा रखना और उसे बढ़ा देना आपसे ही संभव हुआ है ?
राम मंदिर के बहाने राम द्रोही इकट्ठे?
@aajtak@nehabatham03@ashishaajtak दान देने वाले मर गए
दान चुराने वाले हर जगह पैदा हो गए
Dharmshala गेस्ट हाउस हर शहर में लावारिस पड़े
सैकड़ों साल से किराएदार काबिज
संपत्ति जर्जर है कब्जे वाले तैयार है
कानून लचर है
@aajtak@nehabatham03@ashishaajtak घोटाले दोनों जगह
जहाँ एक तरफ बफ़्फ बोर्ड में अरबों की संपत्ति का हेरफेर
उधर हिंदू ट्रस्ट में तो कोई कानून ही नहीं कि कितनी हेरफेर हो रही है
लोगों ने अपना पैसे का दान नेक कामों को दिया था
पर धर्म के दलाल अरबों की संपत्ति बेच गए
आखिर लोगों की चरित्र हत्या क्यों?
@aajtak@nehabatham03@ashishaajtak देश का कोई कानून उनको लावारिश हालात से न बचा कर गुंडों माफिया लोगों के कब्जे से नहीं रोक पा रहे
कोई कानून ही नहीं
हर शहर में 25,50 धर्मशाला पर कब्जे हो गए
धर्मस्व विभाग नाकाम
दान वाले मर गए गुंडे संपत्ति खा गए?
अंधेर नगरी चौपट कानून
किसी का ध्यान नहीं?
@aajtak@nehabatham03@ashishaajtak सनातन बोर्ड न होने से देश की ट्रस्टों अरबों की संपत्ति या तो जर्जर हो कर गिर रही या फिर बहु बलि का कब्जा
आंधी सरकार कोई कानून नहीं बना पाई
हावड़ा स्टेशन के सामने एक धर्मशाला देख कर हैरान कि अरबों की संपत्ति खंडहर लावारिस पड़ी
ऐसे ही देश में करोड़ों धर्मशाला का लावारिश पड़ी?
@aajtak@maryashakil बाबा रामदेव ऐसे बाबा हैं जिनके द्वारा corona में 25 करोड़ रुपए pm care fund Ko diya
Unke द्वारा सैकड़ों करोड़ दान एक छोटी सी कंपनी ने दिया
बड़ी बड़ी कंपनी टाटा बिरला अंबानी
शाहरुख खान अरबो खरबों के मालिक ने आज तक इतना दान नहीं दिया
दान में नहीं कहा कि यह दान किसी एक धर्म को?
@Shubhamshuklamp Kyonki enko sc st act ka ghamand hai
Police wale ko kokri ki chinta
Bus yahi ghamand ke karan
kisi ko koi vishesh adhikar nahi hona chahiye
Modi ne Lal batting khatm ki
Nahi to court ka chaprasi gadi per nyayalay
Likhta tha?
@aajtak@anjanaomkashyap@rpsinghkhalsa@IshanRTyagi विष्णु जैन ने सही कहा
ट्रस्ट की संचालन अव्यवस्था भ्रष्टाचार पर 75 साल में कोई पुनरीक्षण ही नहीं हुआ
हजारों ट्रस्ट उत्तर में अलग दक्षिण में अलग सब जगह अलग रूप में भ्रष्टाचार
क्योंकि कानून का 75 साल से राजनीतिक स्वार्थ के कारण कोई पुनरीक्षण नहीं?
उसमें बहुत सुधार की जरूरत?
@aajtak@sahiljoshii@yogideepakjha 5 साल गृह मंत्री रहा नरोत्तम ने दतिया के इतना विकास किया कि 50 साल में विधायक रहे कांग्रेस के भारती और उनके पिता श्याम जी ने नहीं किया
पर उनको क्या मिला
राजनीति में लूप लाइन
राजनीति में कुछ भी जायज नहीं
अब राजनीति पर कूटनीति हावी?