सालों से नफ़रत और धर्म के नाम पर लड़वाने वाले अपना जमीर बेचकर पत्रकारिता को धंधा बनाकर देश के साथ हर मुद्दे पर छल और झूठ से जनता को गुमराह करने वालो की अब देश की जनता के सामने सच्चाई आने लगी है !
Main Stream मीडिया पर जनता की विश्वसनीयता ऐसे ही कम नहीं हुई !
एक दशक तक जनता के साथ विश्वासघात किया है ।
हर वक्त जब जब देश के लोगो चाहे किसान, छात्र मजदूर हो या आम जनता की परेशानी स्टूडियो में बैठे कुछ लोगो ने हमेशा इनकी पीड़ा का मजाक किया है !
जनता सच्चाई जान गई है और अब और सच्चाई आज भी जानेगी ।
देश बदलने की शुरूरात हो चुकी है - वो भी media और शिक्षा व्यवस्था पर गहरी चोट से।।
मिलते है आज रात 9:00 बजे असली #PrimeTime में
देश के असली मुद्दे के साथ ! जय हिन्द ! 🙏🏻
जिस घपले-घोटाले की सज़ा शिक्षामंत्री को मिलनी चाहिए उसकी सज़ा शिक्षक को क्यों दी जा रही है।
भाजपा अपनी कमियों, कमज़ोरियों और भ्रष्टाचार के लिए हमेशा ही किसी और को निशाना बनाती है। कभी ‘दानाजीवी’ तथाकथित पत्रकारों से मीडियाबाज़ी करवाकर शिक्षा से जुड़े यूट्यूबर्स पर बेबुनियाद आरोप लगवाती है और कभी उनके शैक्षिक संस्थान बंद करवाती है। इसके लिए भाजपा संस्थान के भवनों के अवैध निर्माण का बहाना बनाती है। अगर कोई अवैध निर्माण हुआ है तो हम ‘प्रयागराज विकास प्राधिकरण’ के उन सभी अधिकारियों के निलंबन और उनसे वसूली की माँग करते हैं, जिनके समय में ये निर्माण हुआ या फिर जिन्होंने आज तक उस पर आपत्ति नहीं की। 24 घंटे में इस कार्रवाई की रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाए।
भाजपा शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों की विरोधी है। देश के इतिहास में अब ये पहली बार होगा कि शिक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। प्राइमरी के सरकारी स्कूलों को बंद करने; यूनिफ़ॉर्म, स्टेशनरी, मिड-डे मील जैसे घोटालों से लेकर कॉपी की हेराफेरी व भ्रष्ट-मूल्यांकन, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण की हक़मारी, हर संभव परीक्षा धांधली, रिजल्ट में बेईमानी व कोर्ट में परिणाम फँसाने की भाजपाई चालबाज़ी जैसे विषयों पर चुनाव होगा और जनता भाजपा को हमेशा के लिए बाहर कर देगी।
बॉलीवुड फिल्म एक्टर राजा मुराद को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की मूर्ति भेंट की गई
उन्होंने सम्मान पूर्वक मूर्ति को लिया और बाबा साहब के प्रति सम्मान दिखाया।
अंजना ओम कश्यप ने कहा इन यूट्यूबर्स टीचर्स को कुछ आता जाता नहीं है ,आज उसी टीचर की कोचिंग से बिहार पुलिस में 12,000 बच्चों का सिलेक्शन हो गया।
इन्हीं टीचरों ने 200 रुपये में कोर्स देकर गरीबों के बच्चों का सरकारी नौकरी पाने का सपना पूरा किया।
🚨 RRB GROUP D 2024-25 🚨
32,438 Posts… लेकिन अभी तक Result नहीं!
सभी अभ्यर्थी मिलकर आवाज उठाओ 📢🚨 CEN No-08/2024 , Level 1
Result do
#rrb_groupd_result_do
😡 Kab tak rukega RRB Group D Result?
Lakhs of aspirants ka future hold par hai.
Age ja rahi hai, opportunities ja rahi hain, lekin result nahi aa raha!
Students deserve answers. Students deserve justice.
#rrb_groupd_result_do#JusticeForGroupDStudents#TelanganaHighCourt
NAIYA PAAR EDUCATION IS NOT HESITATING 🔥
ANJANA: YouTube teachers are do kaudi. They chase views and take money from students.
ARVIND SIR 🎯: We earn through hard work. We teach students. We do not survive on propaganda.
ANJANA: They create drama for views.
ARVIND SIR ⚡️: Ask why students are getting lathis. Ask why the government cannot conduct one exam properly.
ANJANA: They make money from students.
ARVIND SIR 🔥: We taught the children. Now they want jobs and justice. If we raise their voice, you call us do kaudi. That is your journalism.
Anjana got it back in her own language, but it is still condemnable.
Honourable Railway Minister, Millions of candidates have been waiting for a long time for the Railway Recruitment Board (RRB) Group D result. We humbly request that the result be declared as soon as possible. #rrb_groupd_result_do@RailMinIndia@PMOIndia@AshwiniVaishnaw
🚨 RRB GROUP D 2024-25 🚨
32,438 Posts… लेकिन अभी तक Result नहीं!
अब चुप्पी नहीं चलेगी ✊
सभी अभ्यर्थी मिलकर आवाज उठाओ 📢
🗓️ 2 जून
⏰ सुबह 11 बजे
📍 Twitter/X Campaign
Use Hashtag 👇
#rrb_groupd_result_do
शिक्षा मंत्रालय में आग का पता नहीं …पर हमारी शिक्षा व्यवस्था पर असली आग भाजपा ने अपने कुकर्मों से लगाई है।
भाजपा ने शिक्षा को पेपर लीक माफियाओं के ज़रिये लूट का धंधा बना लिया है। जो कहानी व्यापम घोटाले से शुरू की थी, उसका ख़ामियाज़ा अब CBSE के छात्र तक भुगत रहे हैं।
अंजना जी, TRP की मंडी' में बैठकर 'शिक्षा के मंदिर' पर उंगली उठाना बहुत आसान है।
जिन बच्चों की गाढ़ी कमाई लूटने का आप आरोप लगा रही हैं, उन्हीं बच्चों के हक़ के लिए जब शिक्षक सड़कों पर लाठियां खाते हैं, तब आपका 'निष्पक्ष' कैमरा AC स्टूडियो से बाहर क्यों नहीं निकलता?
जब ट्विटर पर हमारे बच्चे महीनों तक ट्रेंड चलाते हैं, तब आपके प्राइम टाइम में क्या चल रहा होता है, ये पूरा देश जानता है।
अगर सच में आपको इन बच्चों की फिक्र है, तो इनकी असली आवाज़ बनिए। अपने शो में बेबाकी से दिखाइए कि SSC GD से लेकर UP SI के एग्जाम्स में धांधली और अव्यवस्था के नाम पर सिस्टम इनके साथ क्या खेल कर रहा है। जिस दिन आप इन मिडिल क्लास छात्रों का असली दर्द देश के सामने रखेंगी, यकीन मानिए मैडम, उस रात आपको बहुत सुकून की नींद आएगी और ऊपर वाला भी आपके इस काम को देखकर खुश होगा। गालियां देने से बेहतर है, इनका सच दिखाइए।
असली दिक्कत YouTube Teachers से नहीं, बल्कि उनकी आवाज़ से है। आज किसी भी परीक्षा में गड़बड़ी हो, पेपर लीक हो, रिज़ल्ट में अन्याय हो या छात्रों के साथ गलत हो, तो यही YouTube Teachers सबसे पहले छात्रों के हक़ की लड़ाई में कूद पड़ते हैं। लाखों छात्रों की आवाज़ बन जाते हैं। सरकार पर दबाव बनता है, सवाल पूछे जाते हैं और जवाब माँगे जाते हैं।
शायद यही कारण है कि कुछ लोगों को शिक्षक नहीं, उनकी सक्रियता खटकती है।लोगों की आँखों की किरकिरी बन जाता है।
इसलिए जो बातें सत्ता सीधे नहीं कह सकती, वही बातें कुछ चेहरे अपने मुख से कह देते हैं।
ध्यान रहे कि "सरकार कहना चाहती थी, अंजना ने कह दिया"
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा सूबेदार एवं उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 के द्वितीय चरण को लेकर जो व्यवस्था बनाई गई है, वह अभ्यर्थियों के साथ न्यायसंगत प्रतीत नहीं होती। एक ओर सिलेबस इतना विस्तृत है कि उसे पूरा करने में महीनों का समय लगता है, वहीं दूसरी ओर अभ्यर्थियों को मात्र 15 दिन का समय देकर 9 अप्रैल 2026 को परीक्षा आयोजित की जा रही है।
यह केवल समय प्रबंधन का मुद्दा नहीं है, बल्कि पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल है। पिछले वर्षों में नर्सिंग, पटवारी, सिपाही और आबकारी जैसी भर्तियों में लगातार गड़बड़ियाँ सामने आई हैं, जिससे युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है।
सबसे गंभीर प्रश्न यह है कि बार-बार विवादों में घिरी ब्लैकलिस्टेड या संदिग्ध वेंडर कंपनियों को ही परीक्षा आयोजन का जिम्मा क्यों दिया जाता है? यह चयन प्रक्रिया किस आधार पर होती है और इसकी जवाबदेही किसकी है?
मैं सरकार से मांग करता हूँ कि परीक्षा तिथियों को यथार्थपरक बनाया जाए, सिलेबस के अनुरूप पर्याप्त समय दिया जाए, संदिग्ध वेंडर कंपनियों को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए तथा दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई कर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जाए।
@JansamparkMP@ips_kmak
मध्यप्रदेश की सरकार @DrMohanYadav51 जी और #MPESB की यह कैसी संवेदनहीनता है?
#MPESB द्वारा #MPSI मुख्य परीक्षा की तिथि 9 अप्रैल घोषित करना सीधा-सीधा अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।
जिस परीक्षा का पाठ्यक्रम MPPSC और UPSC जैसा विस्तृत हो, उसके लिए मात्र 15 दिन देना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं तो और क्या है?
क्या सरकार को बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं कि इतने कम समय में तैयारी तो दूर, रिवीजन तक संभव नहीं है? 8 साल से जल्दबाजी नहीं थी अब इतनी जल्दबाजी..!!
8 साल बाद भर्ती आई है इस तरह जल्दबाजी और अव्यवस्था का शिकार बनाया जाएगा, तो यह साफ दर्शाता है कि सरकार को युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य की कोई परवाह नहीं है।
सरकार तुरंत संज्ञान ले और परीक्षा तिथि बढ़ाकर अभ्यर्थियों को उचित समय दे, अन्यथा यह मुद्दा और बड़ा रूप लेगा।
@NEYU4INDIA@CMMadhyaPradesh@DGP_MP@PEB_Bhopal@BJP4MP@jitupatwari@UmangSinghar@TheSootr@MPYuvaShakti
ये सरकार कितनी लापरवाह है
2023 में परीक्षा हुई,
फिर 2024 में फिजीकल करवाया और
अब 2025 आ गया है लेकिन अभी तक रिजल्ट नहीं दिया।
3 साल में ये एक भर्ती को तो पूरी नहीं करा पाए और फिर कहते हैं हम विश्वगुरु बनेगें।
@DrMohanYadav51@mohdept#मध्य_प्रदेश_पुलिस_रिजल्ट_जारी_करो