@dilipatil Sorry aap jitna mujhe UGC ka gyan nahi hai
Apka kahna hai UGC 2012 me aaya tha
Fir 2026 me UGC ka kya aaya hai jis pe supreme court ka stay laga hai
Kripya logically batane ka kasht karenge
Bas dhyan rakhiyega kisi neta ke jaisa bas apna bat mat rakhiyega
Mauka hame v dijiyega
SC/ST Act case filed against a 1-year-old baby in Bihar.
Every such fake case is a political responsibility of Modi Govt that strengthened the law and made its provisions easier to misuse.
Modi cannot wash his hands of the consequences.
This is Modi's "Achhe Din"
यूपी प्रयागराज में सेप्टिक टैंक में काम करने के दौरान रजत शुक्ला और निहाल शुक्ला की मौत हो गई।
इनके घर की हालत देखिए ये करोड़पति ब्राह्मण थे?
ये हाल है ब्राह्मणों का, नाला-गटर साफ़ कर रहे है।
इतिहास रच गए सूरज कुमार चंद 🇮🇳🥇
भारत के सूरज कुमार चंद ने FISU World University Squash Championship में पुरुष एकल का गोल्ड जीतकर ऐसा करने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। फाइनल में उन्होंने ह��गरी के Benedek Takacs को 3-2 से हराया।
जीत के बाद सामने आई तस्वीरों में उनका जनेऊ भी चर्चा में रहा।
@ajeetbharti@JharkhandPolice सुना है जैसा ही मीडिया ने हेमंत सोरेन से छात्रों के विरोध प्रदर्शन से संबंधित सवाल पूछे वो भाग खड़े हुए..सही भी है बुरा हाल है झारखंड में..भ्रष्टाचार साफ दिख रहा है..शायद ही कोई परीक्षा ईमानदारी से हुई हो..बेचारे बच्चे पिस रहे हैं..
Jharkhand
Welcome to the Reservation Banana republic of INDIA 🇮🇳
Look at this AIIMS Gorakhpur Senior Resident list.
Biochemistry – 0 General seats
Radiology – 0 General seats
Pulmonary Medicine – 0 General seats
Trauma & Emergency – 0 General seats
Only 26% of the seats are for the General category.
74% of the seats are reserved.
You can be NEET-PG rank 1, top of your batch, best doctor in the room… still you are not allowed.
These posts are reserved for people who scored less, because the constitution decided caste is more important than skill.
This is not fairness.
This is open discrimination against merit. India is becoming a place where talent is punished and mediocrity is rewarded.
टिहरी डैम की कंट्रोल गैलरी नंबर-3 में रात दो बज कर सत्रह मिनट पर पहली गोली चली।
विक्रम तिवारी, अड़तीस साल,भारतीय वायु सेना का एक्स-गरुड़ कमांडो कॉरपोरल, अब डैम सिक्योरिटी का नाइट सुपरवाइजर, उस वक्त दीवार से पीठ टिकाए बैठा था। सामने स्टील की बेंच पर उसकी रुद्राक्ष माला रखी थी। हर रात की तरह शिफ्ट शुरू होने से पहले उसने एक सौ आठ बार महामृत्युंजय बोला था।
"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥"
ड्यूटी पर मंत्र मज़ाक का विषय था। जवान कहते, "साहब, दुश्मन आएगा तो माला फेंक कर मारोगे?" विक्रम हँस देता।
उस रात दुश्मन सच में आया। तीन लोग, काले रेनकोट, साइलेंसर वाली MP5। उनका टारगेट गैलरी-3 नहीं था, उसके नीचे वाला मेन ब्लास्ट वॉल्व था। एक चार्ज वहाँ लग जाए तो शिवरात्रि की सुबह जब लाखों लोग हरिद्वार में डुबकी लगाएँगे, ऊपर से साठ लाख क्यूसेक पानी एक झटके में छूटेगा।
विक्रम ने कैमरा फीड में शैडो देखा, रेडियो दबाया, जवाब नहीं आया। उसने साइड आर्म निकाली, लाइट बंद की। अंधेरे में पहली गोली उसके कंधे को चीरती हुई निकली। दूसरी जांघ में लगी। वह कैटवॉक से सीधा टरबाइन शाफ्ट की मेंटेनेंस टनल में गिरा।
टनल आधी पानी से भरी थी। ऊपर से अलार्म बजा, इमरजेंसी फ्लड गेट खुल गया था। पानी छाती तक आया, फिर गर्दन तक। एक गिरी हुई आई-बीम उसके बाएँ पैर पर आ गिरी। वह फँस गया।
हाथ में पिस्तौल थी, पर पानी में स्लाइड जाम। रेडियो डूब चुका। टॉर्च टूटी। ऊपर तीन बूटों की आवाज़, हिंदी में नहीं, पश्तो में कोड। टाइमर बीप कर रहा था — 11:47... 11:46...
विक्रम ने खींचा, पैर नहीं निकला। फेफड़े जलने लगे। दिमाग ने वही किया जो ट्रेनिंग में सिखाया था — पैनिक मत कर। पर शरीर ने नहीं सुना। दिल 170 पर भाग रहा था।
तभी गले से अपने आप आवाज़ निकली। फुसफुसाहट में, बुलबुलों के बीच।
"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे..."
मंत्र की लय
बचपन में दादा कहते थ��, महामृत्युंजय मौत को रोकता नहीं, मौत के डर को रोकता है। विक्रम ने पहली बार समझा।
उसने आँखें बंद कीं। पानी ठंडा था, पर मंत्र गरम था। हर शब्द पर उसने साँस को बाँटा। "त्र्यम्बकं" पर भीतर साँस रोकी, "यजामहे" पर धीरे छोड़ी। दिल की रफ्तार गिरी — 170 से 140, 140 से 110। धुंध छँटी।
अब उसे याद आया — टनल की दीवार पर मेंटेनेंस रिंच लटका होता है। उसने दाएँ हाथ से टटोला, मिला। बाएँ पैर पर बीम। उसने रिंच को बीम के नीचे ���ुसाया, लीवर बनाया। पानी में ताकत आधी रह जाती है, पर दिमाग दुगना चलता है।
उसने मंत्र को काउंटडाउन बना लिया। एक जाप — रिंच दबाओ। दूसरा जाप — साँस लो। तीसरा — खींचो।
"उर्वारुकमिव बन्धनान्" — जैसे खरबूजा डंठल से छूटता है। सातवें जाप पर बीम एक इंच हिली। नौवें पर पैर में खून की धार के साथ वह बाहर आया।
वह सतह पर आया, खाँसा, और तुरंत दीवार से चिपक गया। ऊपर द��� शैडो टाइमर देख रहे थे। 06:12 बचे थे।
विक्रम के पास गोली नहीं, चाकू नहीं। था सिर्फ गीला शरीर, टूटा कंधा, और गले में वही रुद्राक्ष माला।
उसने पहली बार मंत्र ज़ोर से बोला।
"मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्!"
आवाज़ सुन कर एक हमलावर नीचे झाँका। विक्रम ने रिंच फेंका — सीधा उसके घुटने पर। वह चीखा, फिसल कर पानी में गिरा। विक्रम उस पर कूदा, गला दबाया नहीं, माला से उसकी कलाई लपेट कर हथियार छीना। एक शॉट — जाम। दू��रा — चल गया।
दूसरा हमलावर सीढ़ी से उतरा। हैंड-टू-हैंड। कीचड़ और खून में दोनों फिसले। विक्रम की साँस उखड़ी तो उसने फिर मंत्र पकड़ा। हर मुक्के के बीच एक शब्द। प्रतिद्वंद्वी थका, विक्रम लय में था। आखिरी बार उसने उसकी कनपटी पर रिंच मारा।
टाइमर — 00:47।
विक्रम लंगड़ाते हुए ब्लास्ट वॉल्व तक पहुँचा। चार्ज मैग्नेटिक, डिजिटल डेटोनेटर।
उसने आँखें बंद कीं। आखिरी बार पूरा मंत्र बोला, इस बार डर के लिए ��हीं, फोकस के लिए।
"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे..."
जैसे ही "मामृतात्" खत्म हुआ, उसने डेटोनेटर का बैटरी पैक उखाड़ दिया। 00:09 पर स्क्रीन काली।
सुबह NIA आई। तीनों जिंदा पकड़े गए। डैम बचा। न्यूज़ में हेडलाइन चली — "टिहरी साजिश नाकाम, एक गार्ड की बहादुरी।"
विक्रम हॉस्पिटल में था। कंधे में सोलह टांके, पैर में रॉड। डॉक्टर ने पूछा, "पानी में सात मिनट से ज्यादा बिना ऑक्सीजन, पैर फँसा, दो गोलियाँ लगीं। तुम बेहोश क्यों नहीं हुए?"
"मैं बेहोश हुआ था, डॉक्टर साहब। पर हर बार जब डूबता था, कोई मुझे गिनती सुनाता था। एक... दो... तीन... मंत्र। वह गिनती मुझे वापस खींच लाती थी।"
वह आज भी हर रात दो बजे ड्यूटी पर माला करता है। जवान अब नहीं हँसते। क्योंकि उन्होंने CCTV में वह क्लिप देखी है — पानी में डूबा आदमी, होंठ हिल रहे हैं, और टाइमर घट ��हा है।
"मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्!"
ब्राह्मणों का पढ़ाई-लिखाई पर सौ प्रतिशत आरक्षण था?
कुछ लोगों का कहना है भारत में सारी पढ़ाई-लिखाई पर ब्राह्मणों का सौ प्रतिशत आरक्षण था। क्या यह सच है? आइए जानते हैं।
बाबा रामदेव ने UGC पर बोले -
UGC से डर का माहौल बना है -
ये डर का वातावरण देश के लिए घातक है, या तो दोनों के लिए कानून बनाओ वरना भाड़ में जाओ
फजीहत मत कराओ
औषधियों के पेड़ पौधे जिन्हें नवदुर्गा कहा गया है
(1) प्रथम शैलपुत्री (हरड़)
कई प्रकार के रोगों में काम आने वाली औषधि हरड़ हिमावती है जो देवी शैलपुत्री का ही एक रूप है.यह आयुर्वेद की प्रधान औषधि है यह पथया, हरीतिका, अमृता, हेमवती, कायस्थ, चेतकी और श्रेयसी सात प्रकार की होती है
(2) ब्रह्मचारिणी (ब्राह्मी)
ब्राह्मी आयु व याददाश्त बढ़ाकर, रक्तविकारों को दूर कर स्वर को मधुर बनाती है.इसलिए इसे सरस्वती भी कहा जाता है
(3) चंद्रघंटा (चंदुसूर)
यह एक ऎसा पौधा है जो धनिए के समान है. यह औषधि मोटापा दूर करने में लाभप्रद है इसलिए इसे चर्महंती भी कहते हैं
(4) कूष्मांडा (पेठा)
इस औषधि से पेठा मिठाई बनती है.इसलिए इस रूप को पेठा कहते हैं. इसे कुम्हड़ा भी कहते हैं जो रक्त विकार दूर कर पेट को साफ करने में सहायक है. मानसिक
रोगों में यह अमृत समान है. आज कल सैक्रीन से बनने वाला पेठा नहीं खाये घर में बनाये
(5) स्कंदमाता (अलसी)
देवी स्कंदमाता औषधि के रूप में अलसी में विद्यमान हैं. यह वात, पित्त व कफ रोगों की नाशक औषधि है.इसमे फाइबर की मात्रा ज्यादा होने से इसे सभी को भोजन के पश्चात काले नमक सेभूंजकर प्रतिदिन सुबह शाम लेना चाहिए यह खून भी साफ करता है
(6) कात्यायनी (मोइया)
देवी कात्यायनी को आयुर्वेद में कई नामों से जाना जाता है जैसे अम्बा, अम्बालिका व अम्बिका.इसके अलावा इन्हें मोइया भी कहते हैं.यह औषधि कफ, पित्त व गले के रोगों का नाश करती है
(7) कालरात्रि (नागदौन)
यह देवी नागदौन औषधि के रूप में जानी जाती हैं.यह सभी प्रकार के रोगों में लाभकारी और मन एवं मस्तिष्क के विकारों को दूर करने वाली औषधि है.यह पाइल्स के लिये भी रामबाण औषधि है इसे स्थानीय भाषा जबलपुर म���ं दूधी कहा जाता है
(8) महागौरी (तुलसी)
तुलसी सात प्रकार की होती है सफेद तुलसी, काली तुलसी, मरूता, दवना, कुढेरक, अर्जक और षटपत्र. ये रक्त को साफ कर ह्वदय रोगों का नाश करती है. एकादशी को छोडकर प्रतिदिन सुबह ग्रहण करना चाहिए
(9) सिद्धिदात्री (शतावरी)
दुर्गा का नौवां रूप सिद्धिदात्री है जिसे नारायणी शतावरी कहते हैं. यह बल, बुद्धि एवं विवेक के लिए उपयोगी है.विशेषकर प्रसूताओं (जिन माताओं को ऑपरेशन के पश्चात अथवा कम दूध आ���ा है) उनके लिए यह रामबाण औषधि है, इसका सेवन करना चाहिए
भारतीय मीडिया पूरी तरह से बिक चुकी है। UGC के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की कहीं कोई खबर नहीं दिखा रही,,,😱
UGC के खिलाफ मुरैना में सवर्णों का विशाल आंदोलन जारी 🔥✊
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
सर्वोच्च न्यायालय में ��ूजीसी को लेकर आज सुनवाई हुई...
सुनवाई में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार के जवाब आने पर फैसला लेने की बात कहीं...सोमवार को UCG को लेकर सुनवाई में क्या-क्या हुआ यह जानकारी दे रहे हैं याचिका कर्ता के वकील एपी सिंह...