दिल्ली के सोनिया विहार का यह दृश्य शासन और प्रशासन दोनों पर एक बड़ा व्यंग्य है।
स्कूली बच्चों को कीचड़ भरे रास्ते से गुजरते देखना उस सिस्टम की हकीकत बयां करता है जो बच्चों को मूलभूत सुविधाएं देने में भी असफल है। बच्चे भविष्य हैं और अगर उन्हें भविष्य बनाने के लिए ही ऐसे संघर्ष करने पड़े तो ये चिंताजनक है।
भीम आर्मी का गुंडा, पुलिस के सामने कह रहा है-
"पहले मेरी शादी ब्राहमण, ठाकुर या गुर्जर समाज की बेटी से कराओ, तब ख़ुद को हिंदू मानूंगा"!
और इसके समर्थक वाह, वाह कर ताली बजा रहे हैं!
और आज ये लोग रो रहे हैं कि हमारी महिलाओं का अपमान हुआ?
क्यों भाई,
दूसरों की बहन बेटियों का अपमान करते समय ये सब याद नहीं आता??
Reverse Discrimination क्या है? कब हुआ?
“भूरा बाल साफ करो” नारा बिहार की राजनीति में मुख्यत 1990 के दशक, खासकर मंडल राजनीति और लालू प्रसाद यादव के शुरुआती सत्ता काल से जोड़ा जाता है।
“भू-रा-बा-ला” का अर्थ भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण और लाला/कायस्थ बताया जाता था।
जिसकी वजह से हमारे माता-पिता ने conscious decision कि हमारे सरनेम में भारती, रंजन, उत्कर्ष, समीर, प्रकाश आदि हमें जोड़ना पड़ा! ताकि हमारे नाम से हमारी जाति का पता ही ना चल सके।
आरक्षण के दरोगी लाल बॉडी टच नहीं होना चाहिए तेवर देख रहे हैं दरोगा जी के काक्रोच के आंदोलन में जब इनकी अम्मा बहिन योजना कर रहे थे काकरोच इनके मुंह पर थूक रहे थे इनपर ईंट पत्थर चला रहे थे तब दरोगा जी कच्ची पीकर कहीं पड़े हुए थे यहां सभ्य समाज है तो दरोगा जी गुंडई दिखा रहे हैं एक बात बताऊँ दरोगा जी जब सभ्य समाज गुंडई पर उतरता है तो अच्छे अच्छों की पतलून गीली हो जाती है।
बबुआ ने एक बयान दिया है कि हमारे परिवार के सभी लोग सांसद हैं, इसीलिए तो सपा बनी हुई है।
हमने कहा है कि जनता अगले चुनाव में सपा को हमेशा के लिए साफ ही कर देगी...
> दुबे।
> दुबे।
निकल बाहर...!
दिल्ली पुलिस की ब्राह्मणों से क्या दुश्मनी है?
इनकी भाषा सुनिए, और इनकी अकड़ देखिए, जैसे कोई खेत मेंड़ की लड़ाई हो, या कोई इनसे व्यक्तिगत दुश्मनी हो? मुझे तो यह पुलिस वाले सब आरक्षण वाले हैं तभी यह व्यक्तिगत आरक्षण विरोध की खुन्नस निकाल रहे हैं, वरना यह व्यवहार क्यों?
हमारा प्रशासन से थोड़ी कोई बैर है लेकिन प्रशासन हमसे जातिय दुश्मनी निकाल रहा है जैसे हम कुछ इनका ले रहे हैं? इनको विरोध में कुछ मांग कर रहे हैं?
सनद रहे आपको नौकरी करनी है नौकरी करिए, आप हमारे टैक्स से तन्खवाह लेते हैं, मालिक मत बनिए नौकरी बहुत मुश्किल से मिलती है, सरकारी ड्यूटी के चक्कर में व्यक्तिगत विरोध मत पालिए, दिल्ली के अधिवक्तागण ध्यान दें, जो सवर्ण समाज के मोज्जिज अधिवक्ता हैं इन सबको कोर्ट में खींचो।
I apologise to every protestor facing difficulties. I regret not being there with you on the ground.
I’m reaching Delhi today & I’ll be with every one of you.
Tomorrow, RHA will hold a press conference on the next steps.
Those in Delhi who want to volunteer, please DM me.
Giva has done an advertisement in which Kriti Senon is tying a Rakhi to his brother in semi-nude wear.
Azim Premji is one of the biggest investors in Giva!
I think people forgot Lenskart!
23 अगस्त को मध्य प्रदेश के शाजापुर में सवर्ण समुदाय के लोगों ने आरक्षण व्यवस्था, SC/ST एक्ट और UGC नियमों के खिलाफ रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने इसे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आरक्षण हटाओ आंदोलन के समर्थन में बताया, जिससे आंदोलन के कई राज्यों में फैलने के संकेत मिल रहे हैं।
Atrocity stories सुन-सुनकर सरकारी नौकरियों में आने वाले लोग क्या कभी सही न्याय करेंगे??
खुद देख लीजिए कि कैसे पीड़ित हिंदुओं को ही धमकाया जा रहा है, उनको नहीं जिन्होंने गलती की थी!
कौन-सा संघर्ष रहा रामविलास पासवान जी का? यही न कि कैसे UPA में भी मंत्री बनें और कैसे NDA का भी हिस्सा बन जाएँ?
पासवान और चमार, बिहार का सबसे अधिक SC आरक्षण पाते रहे हैं। आप स्वयं अपना विकास आरक्षित सीट से कर रहे हैं। आपने मुसहर, डोम, चंडाल, भुइयाँ के कितने नेताओं को आगे बढ़ाया है?
मैं भी बिहार से हूँ। हाँफ-हाँफ कर मोदी जी का नाम लेने से कुछ नहीं होता।
बकवास बंद कीजिए और महादलितों का हक दीजिए। अब बहुत हो गया। पर आपका सही है, सत्ता बदलेगी फिर भी आप मंत्री बन ही जाओगे! आपको कुछ भी कहना बेकार ही है।
रिपोस्ट प्लीज 🙏
धिक्कार है सरकार पर कैसे लड़कियों को पिटा जा रहा है
अगर आपने आज आवाज नहीं उठाई तो अपने बच्चों के खराब भविष्य के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे
सवर्ण समाज की कोई औकात नहीं है क्या सरकार की नजर में
या सरकार सवर्णो को कीड़ा समझती है 🙏