गलती प्रेम शुक्ला की नहीं है !!
चौंकिए मत...
मैं गालीबाज़ प्रेम शुक्ला का बिल्कुल भी बचाव करने नहीं आया हूँ।
मैं आपको यहाँ असली अपराधी बताने आया हूँ —
आज बीजेपी का जो इकोसिस्टम पूरी दुनिया में शर्म झेल रहा है,
उसका असली अपराधी है:
2013 के बाद से बीजेप��� के संगठन में आया बकलोल, नॉन-सीरियस और उत्पाती कल्चर।
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2013 के पहले की डिबेट या प्रेस कॉन्फ्रेंस उठा कर देख लीजिए —
आपको बीजेपी की ओर से सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद, अरुण जेटली, और शाहनवाज जैसे प्रवक्ता प्राइम टाइम न्यूज़ शोज़ में डिबेट करते हुए मिलेंगे।
कई बार तो उन बहसों का स्तर ��ंसद से भी ऊँचा होता था।
वे इतने तर्क और तथ्यों से बात करते थे
कि आप उनसे असहमत होते हुए भी उनका सम्मान करते थे।
लेकिन 2013 के मध्य से सब कुछ बदल गया।
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2013 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले
बीजेपी साहब को प्रधानमंत्री पद के लिए नामित करती है।
फिर मोटा भाई को उत्तर प्रदेश में संगठन का प्रभार दिया जाता है।
यहीं से शुरू होता है —
संबित पात्रा, प्रेम शुक्ला, नूपुर शर्मा, गौरव भाटिया और नवीन कुमार जिंदल जैसे
लंपट बकरबाज़ों का बीजेपी मीडिया सेल में प्रवेश।
और फिर गोदी मीडिया में अर्णव, अमीश, रुबिका लियाकत और अमन चोपड़ा जैसे
नॉन-सीरियस एंकर्स का प्रमोशन।
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यह सब कुछ पूरी प्लानिंग से हो रहा था।
आईटी सेल और गोदी मीडिया का डेडली कॉम्बिनेशन
विपक्ष के हर तर्क और तथ्य को झूठ से नेस्तनाबूद करने की कोशिश कर रह था।
हर तर्क को जुमले से हराना,
हर तथ्य की इतिहास से तुलना कर देना —
ये सब एक सोची-समझी स्ट्रेटजी का हिस्सा था।
और जब वो किसी बहस में हारते दिखते —
तो वो किसी भी गंभीर चर्चा को
गली-चौराहों पर होने वाली गालीबाज ठिठोली में बदल देते।
लोग मुद्दा भूल जाते थे, हँसी में लग जाते थे।
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इसे मैं "टैब्लॉइड स्ट्रेटजी" कहता हूँ।
लंदन के शाम के अखबार ऐसे ही हर गंभीर मुद्दे की हवा निकाल दे��े हैं।
दुनिया की सारी कट्टरपंथी दक्षिणपंथी पार्टियाँ
यही रणनीति फॉलो करती हैं।
वो धर्म से लेकर हर विषय को
इतने नीचे स्तर पर ले जाती हैं
कि पूरे समाज का स्तर ही नीचे गिर जाता है।
ट्रंप, एर्डोगन, और पुतिन —
इन्होने अपने-अपने देशों में
यही किया और अपने संगठनों व मीडिया में
ऐसे लंपट लोगों की जमकर नियुक्तियाँ कीं।
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एक बार हिलेरी क्लिंटन ने कहा था —
"अगर आप अपने आँगन में पड़ोसी के लिए साँप पालते हैं,
तो इसकी कोई गारंटी नहीं कि वो आपको नहीं डसेंगे।"
आज इन जहरीले प्रवक्ताओं ने
अपनी पार्टी के साथ-साथ
पूरे देश को डस लिया है।
लेकिन इसके ज़िम्मेदार ये नहीं हैं —
जिम्मेदार वो सपेरे हैं
जिनके इशारों पर ये दिन-रात नाचते हैं
और पूरे देश में ज़हर फैलाते हैं।
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#घोरकलजुग #डाटावाणी
नोट:
रात के 1 बजे ये 2 किलोमीटर पोस्ट इसलिए लिखी है क्योंकि अपनी मां और भारत मां —
दोनों को आज शर्मिंदा देख रहा हूँ,
इसलिए नींद नहीं आ रही है
अगर आपको भी नींद नहीं आ रही,
तो इसे शेयर करना मत भूलना 🙏
#घोरकलजुग #premshukla
@DrKumarVishwas@DrMohanYadav51 Mohan Yadav ke mantri pe ek bhi tweet nahi kavivar? Jo itni neech bhasha ka istemal sena ke liye kiya.. kaha se karoge..