जहां बीजेपी की सरकार होगी, वहां के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगूंगी,
लेकिन जहां विपक्ष की सरकार होगी, वहां पर इस्तीफा नहीं मांगूंगी - वामपंथी नेहा बोरा
तरुण तेजपाल को अपनी बेटी की दोस्त और जूनियर से बलात्कार के मामले में 10 साल की सज़ा सुनाई गई है।
यही वह शख्स है जिसके बचाव में कांग्रेस के नेताओं ने इसे “राजनीतिक साज़िश” बताया था।
कारगिल युद्ध के बाद इसी तरुण तेजपाल ने वाजपेयी सरकार के खिलाफ कथित “ताबूत घोटाले” का नैरेटिव खड़ा किया था। बाद में इस मामले में अभियोजन टिक नहीं सका और वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया में किसी भ्रष्टाचार का दोष सिद्ध नहीं हुआ।
आज जब तरुण तेजपाल को 10 साल की सज़ा मिली है, तब कांग्रेस और उसके पालतू पत्रकार कुछ भी बोल नहीं रहे है ।
🚨 GenZ ने खोली CJP की पोल! 🔥
इनका एजेंडा साफ है: सिर्फ BJP शासित राज्यों में ड्रामा करना। लेकिन जब non-BJP राज्यों के छात्रों ने साथ मांगा, तो इन्हें अचानक "टाइफाइड" हो गया! 🤧😂
सिलेक्टिव एक्टिविज्म की दुकान अब बंद होने वाली है। युवा जाग चुके हैं!
दिल्ली में मीडिया कैमरों के सामने राहुल गांधी दोनो हाथों में दो लड़कियां लिए भाषण देते फिर रहे है की पुलिस ने डंडा क्यो मारा ....
जरा ये वीडियो देखिए
ये केरल का है
पानी की धार कांग्रेस की है ओर सामने केरल के छात्र ह
मुद्दा पेपर लीक का ह ।
बताओ रे कांग्रेस वालो
क्या दिल्ली की वंपन्थनिया ही छात्र है के
ये केरल वाले छात्र ना हे के
या केरल कांग्रेस तुम्हारे झंडू के बस में ना है
जब ये पप्पू चरसी युवा था जवान था तो कुर्ता पायजामा और चश्मा पहनता था ताकि mature दिखे और जनता इसे प्रधानमंत्री बना दे
और जब ये पप्पू बूढ़ा गया तो जीन्स टीशर्ट पहनता है कि ताकि युवा दिखे और जनता इसे प्रधानमंत्री बना दे
😄😄😄😂
तथाकथित 'लीडरलेस' कॉकरोच पार्टी का पर्दाफाश! 🚨
नई 15 सदस्यीय टीम में से कई चेहरे सीधे आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े हैं। 🤦♂️
चेहरा कॉकरोच का, दिमाग केजरीवाल का! Gen Z को ठगने के लिए AAP का यह नया 'प्रॉक्सी' ड्रामा देश समझ चुका है। 😡👇
LoP राहुल गांधी के आवास के बाहर अपनी मांगों को लेकर पहुंचे छात्रों को सुरक्षा कारणों से डिटेन कर लिया गया।
अगर यही घटना PM आवास के बाहर हुई होती, तो विपक्ष इसे "लोकतंत्र की हत्या", "तानाशाही" और "आवाज़ दबाने" का नाम देकर देशभर में हंगामा खड़ा कर देता।
राहुल जी, छात्रों को अपने घर के अंदर बुलाइए, उनकी बात सुनिए और झारखंड के शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा उनके हाथ में दीजिए। लोकतंत्र और जवाबदेही की बातें सिर्फ दूसरों के लिए नहीं, अपने दरवाजे पर भी लागू होनी चाहिए।
🚨 अभिजीत दिपके का एक एक्सपोज 🚨
CJP प्रदर्शन के दौरान ये पुलिस को धमका रहे थे – “लोगों के आधार कार्ड मत चेक करना। अगर चेक किया तो मेरे पास आना, मैं देख लूँगा।”
अब जब दिल्ली पुलिस ने उनके प्रदर्शन में 2,800 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को पकड़ा, तो वही पुलिस को दोष दे रहे हैं कि आधार कार्ड क्यों नहीं चेक किए।
ये भी एक और केजरीवाल वाला आदमी है। एजेंडा जिंदा रखने के लिए पूरी जिंदगी झूठ बोल सकता है 🙏
कोई मुझे इनकी जीविका का साधन बता दो…? इनका Monthly जीवनयापन कैसे चलता है ?
कोई Business ? दुकान ? Salary ? नौकरी ? Startup ? कोई Art ? ब्याज पे पैसा ? Trading ? कोई FD ? कोई Property का Rent ? कोई ज़मीन का मुआवजा ?
ये Fashion… ये Travelling…Movement…ये सब का खर्चा कहा से ?
अभिजीत दीपके और सौरव दास छात्रों की हमदर्दी के लिए जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन करने नहीं आए थे बल्कि ये पेशेवर आंदोलनजीवी हैं।
आंदोलन के लिए इन्हें मोटी रकम मिलती है।
छात्रों की मौत का जश्न मना रहे हैं, छात्रों की लाठी खाने का जश्न मना रहे हैं।
छात्र लाठी खाते हैं, ये बर्गर खाते हैं।
छात्र आत्महत्या करते हैं, ये डांस करते हैं।
वास्तव में Gen Z को इन्होंने अपने स्वार्थ के लिए मोहरा बनाया था।
अभिजीत दीपके अब खुले तौर पर भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
"Election Commission की जवाबदेही तय करनी होगी और Judiciary को ठीक करना होगा" जैसे बयान उनकी सोच को उजागर करते हैं। CJP का छात्र आंदोलन वाला नैरेटिव अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।
और सुनिए, मोदी जी अभी भी समय है। अपनी शक्तियो को पहचानिए और उसका इस्तेमाल कीजिए। देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने वालों को जनता जवाब देना जानती है।