@Meeraa_Kumari मैं अगर सामने आ भी जाऊँ कभी ••••••🫠
लाज़मी है कि तुम अपने गाँव की गालियों में घुमाओ मुझे!😐
फिर अगर कुत्ते हों गालियों में तो
फर्ज तुम्हारा...... मुझे, उनसे बचाओगी तुम😊🤗😂
किसी से कहना मत🤫
@1912mvvnl @MVVNLHQ@UPPCLLKO अमेठी/जगदीशपुर के Koilara mubarkpur (paliya pachim ) में पिछले कई घंटों से बिजली कटी हुई है। बार-बार होने वाली इस कटौती से स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। कृपया तुरंत संज्ञान लें और आपूर्ति बहाल करें।
@Flipkart@flipkartsupport order kise de diya mera ,, payment mujhse order time hi karva liya aur mera parcel kha gye ,@Flipkart mera parcel mujhe vapas kariye ..
Hey @grok meri gf ke parents kl khoob gali diye mujhe jaan se maarne ki baat kar rahe the unke liye urdu mein ek Sayari aur mujhe kya karna chahiye ab ?
पत्रकार - आप लोग कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग क्यों नहीं देते
राहुल गांधी - कहा से ट्रेंग दे अगर EC भ्रष्ट है तो कोई कुछ नहीं कर सकता
पत्रकार - सुप्रीम कोर्ट जाए
राहुल गांधी - मैंने ये 3 PC बंद कमरों में नही की है सब देख रहे है और चुप है SC क्यों इसपर कुछ नहीं करता ECI भ्रष्ट है
@MaryMillben@RahulGandhi@narendramodi@POTUS The indianhuman rights in dustbin, It's shocking but real , you were not live in our country so you does not understand our besic neens problam.
क्या आप जानतें है कि,
वर्ष 1947 से लेकर वर्ष 1996 तक भारतीय बैंक नोटों पर "अशोक स्तंभ" की आकृति प्रमुख रूप से प्रदर्शित की जाती थी। तत्पश्चात्, भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा वर्ष 1996 में पहली बार “महात्मा गांधी सीरीज़” के अंतर्गत नये नोट जारी किए गए, जिन पर महात्मा गांधी का चित्र अंकित किया गया। इसके उपरांत से अब तक प्रचलन में लाई गई समस्त भारतीय मुद्रा (नोट) पर महात्मा गांधी का ही चित्र छापा जाता है।
~ @NCIBHQ
आवश्यक जानकारी :~
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अगर आप यूपी से हैं और आपसे राज्य सरकार का कोई कर्मचारी या पुलिस अधिकारी “रिश्वत” माँगता है, तो यूपी एसीओ को फोन - 09454402484, ईमेल - [email protected] पर शिकायत करें। भ्रष्टाचारी पर अविलंब कार्यवाही होगी। ध्यान दें कि, यूपी में भ्रष्टाचारियों पर प्रहार हेतु @ACOUPPolice की कार्यशैली बड़ी ही शानदार है।
~ साभार: @NCIBHQ
आवश्यक जानकारी:~
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किसी भी पेट्रोल पम्प पर तेल की गुणवत्ता एवं मात्रा जाँचने के अलावा निम्न सुविधाएँ भी निःशुल पाना आपका अधिकार हैं।
01. वाहन में नि:शुल्क हवा
02. पीने हेतु निःशुल्क एवं स्वच्छ पानी
03. महिला एवं पुरुष के लिए अलग अलग साफ सुथरा शौचालय
04. चोट या घाव के मामले में प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स
अगर किसी पेट्रोल पंप पर आपसे हवा भरने की मशीन चालू न हो, पीने का पानी साफ या फिर उपलब्ध ना हो और टॉयलेट या तो गंदा हो या फिर इस्तेमाल करने न दिया जाएं, तो आप इसकी शिकायत नीचे दिए गए ऑयल कंपनी को कर सकते हैं।
शिकायत हेतु नंबर
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• इंडियन ऑयल: 1800-2333-555
• भारत पेट्रोलियम: 1800-22-4344
• हिंदुस्तान पेट्रोलियम: 1800-2333-555
(ध्यान रहे कि: शिकायत के लिए पेट्रोल पंप पर कंप्लेंट बुक उपलब्ध होता है। साथ ही, ऑयल कंपनी का हेल्पलाइन नंबर हर पेट्रोल पंप पर डिस्प्ले होना अनिवार्य हैं।)
~ साभार: @NCIBHQ
चार वर्ण की कहानी काल्पनिक है, मिथ है जिसे संस्कृति, धर्म और मान्यताओं के नाम पर समाज में थोपा गया.
आप लोगों को जानकर हैरानी होगी 1931 कि जनगणना के समय तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारी गिरिजा शंकर गुहा ने भारतीयों को छह ग्रुप में विभाजित किया था.
1) निग्रोटो 2) प्रोटो ऑस्ट्रोलयड
3) मंगोलायड 4) मेडिटेरेनियन
5) पश्चिमी ब्रेसिसेफल 6) नोर्डिक
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इतिहासकार और वैज्ञानिकों ने बतलाया है भारत में सबसे पहले निग्रोटो का पता चलता है.
निग्रोटो प्रजाति के लोग भारत में बहुत कम बचे हैं. कुछ अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में हैं. कुछ तमिलभाषी इलाकों में और कुछ असम के किरात इलाकों में बसे हैं.
हिंदी का "बादुर" शब्द इन्ही का है.
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निग्रोटो के बाद भारत में ऑस्ट्रिको को सबसे प्राचीन माना जाता है. झारखंड की मुंडा भाषा इन्ही की है. अम्ब, शेख, अलम्बू, दाडिम्ब, ताम्बूल, जम्बू, निम्ब जैसे शब्द इन्ही के हैं.
कपास तथा उससे कपड़ा बनाना भारतीय संस्कृति को ऑस्ट्रिकों ने ही दिया है. ऑस्ट्रिको के ही वंशज आदिवासी हैं, जल जंगल और जमीन के रखवाले हैं.
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इसके बाद प्राचीनतम जाति द्रविड़ हैं. हिंदी की टवर्ग ध्वनियां इन्ही की मानी जाती हैं. मर्कट, तंडुल, नीर, सीप, अणु, नाना आदि शब्द द्रविड़ों की देन है.
सिंधु घाटी सभ्यता द्रविड़ों की ही सभ्यता थी. सिंधु घाटी सभ्यता के दौर के बौद्धों का नाम द्रविड़ भाषा में है. जो मौर्य काल तक आते आते बौद्धों का नाम प्राकृत भाषा में मिलने लगता है.
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भारत के प्राचीन इतिहास को केवल आर्यों और वैदिक काल से जोडकर गुणगान करना मूलनिवासी आंदोलन को कुचलने की साज़िश है.
भारत के महान इतिहासकार डॉ राजेन्द्र प्रसाद सिंह जी का कहना है 500 BC में पंजाब पर ईरानी आर्य पुत्र डेरियस का शासनकाल था तब आर्यों की पहली बस्ती भारत में बसी.
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