A proud Indian boy living in Bihar. Aspiring to do something good for my nation and my Dharma. Madly devoted to Maharishi Dayanand's ideals. Dharma always first
Pakistani Hindu is more loyal to Bharat and Sanatana Dharma than some Indians. This says a lot.
A true Hindu will never betray this land because it's our Janma Bhoomi, Karma Bhoomi and Punya Bhoomi.
मामला पेट्रोल का, मंत्रालय पेट्रोलियम, जिसके मुखिया हैं हरदीप पुरी, सवाल उनसे कोई पूछ नहीं रहा, बयानवीर गडकरी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, हरदीप पुरी क्यों नहीं कह देते कि यह मेरे मंत्रालय का मामला है आप चुप रहिए, और जिसे बोलना है बोलने दो हरदीप पुरी ही वह व्यक्ति हैं जो तय करेंगे कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाना है या नहीं और कितना मिलाना है, हरदीप पुरी कल से इथेनॉल मिलाने को मना कर दें, इसमें गडकरी का क्या काम, लेकिन हरदीप पुरी से कुछ नहीं कह सकते क्योंकि अभी पंजाब चुनाव होने हैं, पगड़ीधारी चेहरा चाहिए है, उधर गडकरी को गाली दिलवाने से पुराने स्कोर भी सेटल हो जाएंगे साहेब के और एंटी ब्राह्मण एजेंडा भी पूरा हो जाएगा, वैसे देखा जाए तो है तो मास्टरस्ट्रोक ही
कोई कुछ नहीं कहेगा, मोदी जी के खास लोग है, अभी कुछ दिन पहले ही मोदी जी ने हरी पगड़ी पहनी थी तब बीजेपी और it cell उसे मास्टरस्ट्रोक बता रहे थे, ये भी कोई मास्टरस्ट्रोक ही होगा, अपने को क्या ये लोग आपस में समझ लेंगे
हर साल औसतलन 14488 से ज्यादा छात्र आत्महत्या करते हैं, और इसके पीछे मां-बाप का प्रेशर की सबसे बड़ा गुनहगार है। छात्रों के लिए आवाज उठाने वाले नेता मां-बाप से सवाल कब करेंगे?
उनकी अकाउंटेबिलिटी कब तय करेंगे? बच्चे तब भी मारेंगे जब कोई पेपर लीक नहीं होगा, क्योंकि बच्चों के दुश्मन उनके मां-बाप भी हैं, समाज का पियर प्रेशर भी है।
"फलाने का बेटा एग्जाम निकाल गया, एक बस तू ही निकम्मा है जो कभी पास नहीं होगा। हमारे पैसे में आग लग रहा है।" यह बातें कोई नेता नहीं बल्कि बच्चों के मां-बाप की करते हैं।
अगर बच्चों की चिंता है तो सबसे बड़ा और मुख्य मुद्दा अपने प्रोटेस्ट में जोड़ो और सबसे पहले उन मां-बाप का गिरेबान पकड़ो जिनकी वजह से अब तक लाखों बच्चे आत्महत्या कर चुके हैं।
राजनीति करनी है तो करते रहो उसमें किसी को दिक्कत नहीं लेकिन 21 लाशों पर अपनी राजनीतिक रोटियां मत सेको। बच्चे वह भी थे जो परिवार और समाज के पियर प्रेशर में फांसी पर लटक गये।
कुछ याद उन्हें भी कर लो जो कोटा से कभी लौट के घर ना आए।
When was the Shatapatha Brahmana composed?
Shatapatha Brahmana (13.8.3.11) describes brick-built sepulchral structures—square & circular mounds. Notably, a ~6000 BCE brick grave at Mehrgarh shows close parallels, prompting questions about its antiquity and cultural continuity.
आज मैंने यूट्यूब और X पर लगभग सवा पाँच घंटे का (05:11:18) लाइव सत्र किया। जिसमें तीन घंटे कॉकरोच वृत्तांत पर विश्लेषण था और सवा दो घंटे 354 प्रश्नों के उत्तर।
कल का लाइव साढ़े चार घंटे का था जो अब मेरे लिए सोलो लाइव सेशन में नंबर दो पर चला गया है। मैं सामान्यतः तीन घंटे तक का लाइव तो करता ही हूँ।
पाँच घंटे बिना किसी ब्रेक के बोलना… यह मेरे लिए एक व्यक्तिगत कीर्तिमान है। पता नहीं हमारी पूरी इंडस्ट्री में ऐसा कितने लोगों ने किया होगा, बिना किसी को-होस्ट के।
Hindus, if you are seeing your friends and colleagues putting stories supporting this anti Hindu protest, have a spine and post stories and status opposing it.
No need to fight or argue with anyone, but state your point clearly and politely, we can't let their narrative win.
Demand from @CJP_for_India & opposition is that all persons, against whom FIR has been lodged should go scot free.
ABSOLUTELY WRONG.
Only those should be released who have appeared for NEET. Not professional goons/anarchists.
@DelhiPolice@HMOIndia@PMOIndia@CPDelhi
I am disturbed because every protest in India seems to have the same script.
1. Abuse Lord Ram.
2. Abuse Bharat Mata.
3. Abuse PM Modi.
4. Abuse PM Modi’s late mother.
5. Abuse Brahmins.
6. Abuse Hindutva.
No discussion.
No solutions.
Only slogans, abuse, and chaos.
The opposition seems to be living under the illusion that one day they will be able to create a Nepal-like situation in India.
No trade deal with the US has even been signed yet, but some farmers are already ready to block Delhi.
This is becoming a circus.
How can a nation progress when so many people are willing to protest first and verify facts later?
भाजपा को लग रहा है कि इथेनॉल-राम मंदिर के डायवर्सन के लिए कॉकरोच को प्रोटेस्ट करने देना मास्टरस्ट्रोक था, और अब राहुल गाँधी को पीएम आवास पर जाने देना, फिर डिटेन करना, दूसरा मास्टरस्ट्रोक था जिससे लोग कॉकरोच पर बात नहीं करेंगे।
इनकी पार्टी और IT सेल अभी राहुल गाँधी पर फोकस्ड है यह जताने के लिए कि कॉकरोच तो कुछ है नहीं, उन पर बात नहीं करेंगे तो बात होगी ही नहीं। राहुल गाँधी को टारगेट करते रहो, नैरेटिव उधर ही चला जाएगा!
कैसे चूतिए बैठे हैं साले सोशल मीडिया हैंडल करने के लिए इधर! शुतुरमुर्ग है साले सब के सब!
In Pakistan, Hindus are killed daily and Modi doesn’t care.
In Bangladesh, Hindus are killed daily and Modi doesn’t care.
In Bharat, he has made the lives of Hindus hell by bringing UGC and Modi act of 2018. Such a disproportionate budget only for reserved people.
कायरता से भरा हुआ अप्रोच! PM के पास अपना सोशल मीडिया हैंडल नहीं है? दुनिया भर की बातें और फोटो डाली जाती हैं हर दिन, पर इस विषय पर ‘किरिन रिजिजू ने कहा कि पीएम ने कहा है’ वाली लाइन?
यही नौटंकी नीट के भी समय हुई थी कि पीएम चिंतित हैं। अरे चिंतित हैं तो क्या उँगलियों में कोढ़ हो गया है? टाइप नहीं कर सकते? डायरेक्ट स्टेटमेंट नहीं दे सकते?
मोदी जी का ईगो इतना विशाल हो चुका है कि उनकी सारी बुद्धि उसी शेल में कैद हो गई है। इनके ईगो के चक्कर में बच्चे पिस रहे हैं। सत्य यह है कि कल के प्रदर्शन में केवल भीम आर्मी, आपाई और सपाई ही नहीं थे जो अराजकता और हिंसा फैला रहे थे, उनमें से एक हिस्सा किशोर वय के छात्र-छात्राओं का भी था।
इन्हें लगता है कि ये लोग क्या कर लेंगे, भूल जाएँगे। परंतु यह पाइल-अप हो रहा है। चुनावों की जीत ही समस्याओं की अनुपस्थिति का एक मात्र मापदंड नहीं है @narendramodi जी!