The Nehru-Modi comparison is utterly senseless. You can't declare a winner in a race when the sprinters ran in different decades, on different tracks, under different rules. The current one hasn't even finished writing his papers; khalihars are already marking pass/fail.
Thousands of people with valid Indian IDs (Ration card, Aadhar Card, Pan Card, Voter ID) are flocking to the Bangladesh border. They no longer want to live in India.
गर्म तवे सा तपता माथा,
नाक से झरने सी अविरत बहती धारा,
विश्वकप के फाइनल की हार सा चुभता गला,
बदन को लगती ऐसी ठंड... की जैसे,
उबलते पानी को किसी ने अचानक से...
फ्रीज़र में रख दिया हो।
रात को दवाई लेकर सोने का प्रयत्न करते समय
मन में यह संचय भी होता है,
क्या कल की सुबह देख पाऊँगा भी या नहीं?
मुझे जो साधारण सा जुकाम लग रहा है,
वह कहीं कोई जानलेवा बीमारी तो नहीं?
विचारों के द्वंद में फिर पता नहीं कब,
नींद आ जाती है,
जिसकी बदन को बेहद जरूरत थी।
और जब सुबह पसीने से लथपथ उठते हैं,
तो लगता है जैसे किसी ने जादुई छड़ी घुमाकर,
माथा, गला, बदन सब ठीक कर दिया हो।
और तब जो राहत मिलती है,
वह दुनिया का सर्वश्रेष्ठ अनुभव होता हैं!
- Pathey
Yes, you are innocent.
Of course, you are innocent.
You murdered my innocence,
and you didn’t even have the courage to acknowledge it.
You stood there, untouched,
pretending nothing had ever happened.
BUT never mind.
You are innocent.
Of course, you are innocent.
No matter how great a storyteller you are, if you create a mess while winding up the story, it’s a blunder !!! You just ruined whole experience !!
#StrangerThings5finale#StrangerThings5
जब से घर छूटा है, बेघर ही हूं,
एक दशक बीत गया लेकिन,
कभी घर को लौट ही न पाया,
घर की वो दरारों वाली फर्श पर,
फिर कभी चैन से सो ही न पाया,
भ्रम था कि ख़ुद का घर बनाऊंगा,
लेकिन जो 'घर' एक बार छूटता है,
वैसा 'घर' फ़िर कभी बनता ही नहीं..
मन तो बहुत करता है लौटने का,
लेकिन फ़ायदा क्या?
लौटने पर वो पुराना 'घर',
कही दिखता ही नहीं !
एक पूरी पीढ़ी हैं, जो घर से दूर...
बीना घर के जूझ रही है,
कल को ये चाहे दुनिया ही जीत ले,
कहेलाएगी तो बे-घर ही !
'Pathey'
आत्ममुग्धता से पीड़ित किसी मनुष्य को जब उसकी योग्यता से अधिक सफलता मिल जाती हैं, तब उसे यह भ्रम हो जाता है कि वह स्वयं की वाक्-पटुता का उपयोग करके जिसका चाहे उसका प्रारब्ध बदल सकता है !
मुंगेरीलाल के सुनहरे सपने ! Lol
#dhruvrathee#Dhurandhar
बिल्कुल भी नहीं,
सपने देखना हक है हमारा !
और लड़ेंगे, उन सभी से,
जो खुद के सपनों की मौत का
मातम मनाने के लिए...
घसीट रहे है हमें !
सपने देखने से डरा रहे है हमें !
सुकून का हवाला देकर बहका रहे है हमे !
- Pathey