चंपत राय जी
परीक्षा में पेपर लीक। राम मंदिर के दान पात्र में लीक! ��ोग कहाँ जाएंगे ?
जागरण की हेडलाइन आपके खंडन से प्रभावित नहीं है। हो सकता है कि आपकी बात सही हो मगर बात पर भरोसा कोई कैसे करे। उसके लिए कोई तो पारदर्शी कदम उठाइये।
देखो ओ दीवानों तुम ये क��म न करो…
This is clear case of bizarre vendetta !
मोदी सरकार ने तो khan sir जैसे के साथ भी हिंदू -मुस्लिम card खेल डाला.
इतनी दुष्टता तो राक्षसी और असुरी शक्तियाँ भी नहीं करती.
सरकार स्वयं ना तो शिक्षा संस्थान चलाने की अक्ल या integrity रखती है और ना ही इम्तिहानों की गरिमा बनाये रखने की औक़ात रखती है.
khan sir जैसों ने गरीब से गरीब छात्र को रास्ता दिखाया, क़ाबिल बनाया,
यह कैसे स्वीकार कर लें संघ के पाले पोसे महामानव?
ख़ान sir को प्रताड़ित करना, उनपर झूठे मुक़द्दमे चलाना भी महा मानव के अक्षम्य अपराधों की सूची में शामिल होगा.
लेकिन सामान्य लोगों का पाप का घड़ा भरता है तो देर सवेर फूटता है।
लेकिन महा मानव का घड़ा भरा तो यह बड़े बड़े godown बनवा लिए!
इनसे ना तो ईश्वर, ना ही अल्लाह, हिसाब माँग सकता है!
क्यूँकि यह तो अनोखी, अभूतपूर्व किस्म की विशिष्�� प्रजाति की उत्तपत्ति हैं!
Khan Sir Surrender News LIVE: 'मेरी कोचिंग बंद हुई तो दूसरे लाखों की फीस...
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बेरोज़गार युवाओं को 'कॉक्रोच' समझने वाले भारत के मुख्य न्यायाधीश इस समय क्या कर रहे हैं - मालूम है? मी लॉर्ड इस समय लंडन ��ी खूबसूर��� फिज़ाओं में बैडमिंटन का टूर्नामेंट खेल रहे हैं.
जून का महीना चल रहा है. देश में भयंकर उमस और गर्मी है तो मी लॉर्ड महोदय यहां कैसे खेलते? पसीना निकलता. कहीं बेहोश हो जाते तो? मी लॉर्ड के मनोरंजन में कहीं कोई कमी न रह जाये इसलिये मोदी जी के कानून मंत्री किरण रिजिजू ने खुद आगे बढ़कर लंडन में टूर्नामेंट कराने का इंतज़ाम कराया.
भारत का कानून मंत्रालय मी लॉर्ड और उनके चेले-चमचों का खेल स्पॉन्सर कर रहा है.
बैडमिंटन तो अकेले खेला नहीं जाता इसलिये मुख्य न्यायाधीश का साथ देने देश कानून मंत्री भी लंडन पहुंचे हुये हैं. उन्होंने और मी लॉर्ड ने मिलकर बैडमिंटन टूर्नामेंट का उद्घाटन किया. पांच लाख का इनाम भी रखा है. 1000 रुपये एंट्री फीस. सूर्यकांत और रिजिजू के अलावा भारत के 150 जज और वकील इस वक्त लंडन में ��ैडमिंटन टूर्नामेंट खेल रहे हैं.
कितना सुंदर दृश्य होगा! भारत का मुख्य न्यायाधीश जो युवाओं को 'कॉक्रोच' समझता है और युवाओं को 'कॉक्रोच' बनाने वाली सरकार का कानून मंत्री एक साथ बैडमिंटन खेल रहे हैं. एक से बढ़कर एक शॉट्स मार रहे हैं. चेले-चमटे तालियां बजा रहे हैं. दमकते-महकते माहौल में बियर, व्हिस्की परोसी जा रही है.
मी लॉर्ड और माननीय मंत्री जब खेल रहे होंगे तब उनके हाथ में रैकेट होगा. जब नहीं ख���ल रहे होंगे तो हाथ में बियर या व्हिस्की का ग्लास होगा. बैडमिंटन की बारिकियों के अलावा तब दोनों लोग, चुस्कियां लेते हुये, भारत को विश्वगुरु बनाने गंभीर चर्चा करते होंगे.
ब्रिटेन की राजधानी में, ब्रिटेन के गुलाम भारत की न्यायपालिका और कार्यपालिका का ऐसा मिलन अब तक कम से कम मैंने नहीं देखा या पढ़ा था.
मोदी जी चाहते हैं कि जनता सोना न खरीदे, बैलगाड़ी से चले, शादी-ब्याह का आयोजन न करे ,पैसा बचाय�� ताकि उनकी असफलता��ं को ढंका जा सके. लेकिन इस देश का इलीट क्लास, देश को चूसकर भी लंडन में मौज कर रहा है. पर मोदी जी कुछ नहीं बोलते.
@vdiimc
Deeply saddened by the passing of Suraj Hegde ji.
As AICC Secretary and Former In-charge of the Indian Youth Congress, he worked with a deep belief in the party’s ideals.
The Youth Congress was not just an assignment for him. He mentored young Indians who today carry forward the Congress’s commitment to justice and democracy.
His demise is an irreparable loss to the Congress family. My condolences to his family, his colleagues, and every Congress karyakarta whose life he touched.
प्रधानमंत्री ने देश बर्बाद करने के लिए
राजनीति में धर्म मिला दिया
सड़क परिवहन मंत्री ने
गाड़ियों को बर्बाद करने के लिए
पेट्रोल में एथेनॉल मिला दिया
शिक्षा मंत्री ने युवाओं को बर्बाद करने के लिए
पर्चा लीक करा दिया
वित्तमंत्री ��े अर्थव्यवस्था बर्बाद करने के बाद
डॉलर को जिम्मेदार बता दिया
गृह मंत्री ने विपक्ष को बर्बाद करने के लिए
मणिपुर को जलने दिया
विदेश मंत्री ने देश की संप्रभुता को ठेस पहुंचाने के लिए
चीन को बड़ी इकोनॉमी बता दिया
पेट्रोलियम मंत्री ने आपकी जेब काटने के लिए
अंतरराष्ट्रीय कारण को जिम्मेदार ठहरा दिया
जो थोड़ी कसर बची थी
अंधभक्तों ने मोदीभक्ति में पूरा कर दिया
सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई के 12वीं बोर्ड के नतीजों और खासतौर से 'ओएसएम' को लेकर हाल ही में बड़ा विवाद देखने को मिला. ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी ओएसएम, एक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है जिसे सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड की आंसर शीट्स जांचने के लिए इस्तेमाल किया था. लेकिन सिस्टम में काफ़ी गड़बड़ियां पाई गईं. तीन छात्रों ने कुछ ऐसी बातें सामने रखीं जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय को सीबीएसई के चेयरमैन का तबादला करने जैसे बड़े कदम उठाने पडे़. इन छात्रों में से एक सार्थक सिद्धांत भी थे जिनसे बीबीसी संवाददाता @bbcprerana ने बात की है और जानने की कोशिश की है कि पूरा विवाद क्या था और गड़बड़ियां कैसे पकड़ी गईं.
वीडियो एडिटर: सदफ़ ख़ान
राजस्थान के रहने वाले सभी साथी इसका जवाब जरूर दें।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अचानक मीडिया में 25 सितंबर को लेकर सवाल क्यों करने लगे ?
क्या वाकई में एक बार ���िर जादूगरी हो सकती है ? व���से भी अशोक गहलोत राजस्थान के चाणक्य हैं।
आप सभी साथी अपनी राय जरूर दें।
प्रिय वि��क्ष, अगर तुम निकम्मे ना होते तो अब तक ऐसे घोटालों पर इस्तीफा हो जाता.
2015 में मोदीजी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना लॉन्च करते हैँ.
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम मे हर सीखने वाले को 500 रूपये उसके बैंक अकॉउंट मे दिए जाने थे.
CAG की रिपोर्ट अनुसार 90 लाख लाभार्थी के बैंक अकॉउंट ही फ़र्ज़ी थे.
95 लाख लोगों को स्किल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गयी. 10 हज़ार करोड़ के बजट खर्च हुआ
52 हज़ार लोग ऐसे थे जिनके रिकॉर्ड मे एक ही बैंक अकॉउंट लगाया गया था.
1 लाख से अधिक लोग के ईमेल और मोबाइल नंबर भी SAME थे..
2015 से 2022 तक के बीच 95 लाख लोगों को ट्रेनिंग मिली. पर असल मे 2 लाख से अधिक लोगों तक ही इसका लाभ पहुंच पाया.
ट्रेनिंग किसी और जगह दी गयी, फोटो कहीं और जगह का लगाया गया.
बिना सिस्टम के, बिना सरकार के सपोर्ट द्वारा इतनी बडी धांधली मुमकिन नहीं है.
अफ़सोस इस बारें मे किसी मीडिया ने कोई रिपोर्ट नहीं छापी.
किसी विपक्ष वाले ने आंदोलन नहीं किया
Cockroach janta party की तरह एक दिन के लिए झूठ मूठ का नाम चमकाने के लिए उतर आते कम से कम.
अंग्रेजो के बाद देश को लूटने वाला यदि कोई है तो वो बीजेपी ही है, मुग़ल तो यूँ ही बदनाम हुए
आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहाँ coaching कर सके।
एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया।
फिर NEET पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई।
आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं - मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है।
और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं।
फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जाँच। न सुधार, न न्याय।
मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती - आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।
• पत्रकार: पेपर लीक के लिए धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ?
• यूपी के शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय: मंत्री जी (धमेंद्र प्रधान) का इस्तीफा क्यों हो? पेपर लीक के लिए मंत्री जी जिम्मेदार नहीं हैं.
ये नहीं चलेगा कि - दाढ़ी वाला मर्डर करे और मूंछ वाला पकड़ा जाए.
मैं अंडमान और निकोबार के विनाश के खिलाफ़ पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूँ।
अंडमान और निकोबार भारत की सबसे अनमोल प्राकृतिक धरोहर हैं। वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है।
मेरे साथ जुड़िए - याचिका पर हस्ताक्षर कीजिए और इस ��मूल्य संपत्ति को बचाने की लड़ाई का हिस्सा बनिए।
#GreenOverGreed
तमिलनाडु में TVK VIJAY मोदी को भी पछाड़ रहे हैँ राजनीती में.
एक तरफ जहाँ बीजेपी अपनी सहयोगी प��र्टियों को खत्म करने के लिए मशहूर है, कांग्रेस और TVK पार्टी ने एक नया इतिहास लिख दिया है.
AIADMK के V. SHANMUGHAM विधायक ब��ने से खाली पडी राज्यसभा सीट पर 18 जून को वोटिंग होनी है.
पहला हक सत्ताधारी TVK पार्टी का बनता है
पर विजय ने राजनीती के सभा पुराने समीकरण तोड़ते हुए सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दीं है.
राज्यसभा सीट किसको अच्छी नहीं लगती और TVK चाहती तो पहली सीट जीत सकती थीं.
इससे अच्छा गठबंधन धर्म नहीं हो सकता था.
क्या कभी आपने बीजेपी को देखा है अपनी सहयोगी पार्टी के लिए ऐसा करते हुए?
मोदीजी कभी नहीं दिखा पायेंगे इ���ना बड़ा दिल
ALLIANCE में.. 😊