जो गुजरात सरकार 20 दिन में गंभीरा ब्��िज से ट्रक को नहीं उतार सकीं उसने 30 साल में क्या विकास किया होगा ?
गुजरात के आणद वडोदरा गंभीरा ब्रिज दुर्घटना को 20 दिन हो गए लेकिन ब्रिज पर लटका टैंकर अभी भी वही हैं.
टैंकर मालिक सरकार से बोल रहा "पाढ़ी दो या काढ़ी दो" मतलब "नदी में गिरा दो या निकाल दो" क्योंकि बीमा कंपनी वाले बोल रहे है कि जबतक ट्रक गिरेगा नहीं तब तक आपको पैसा नहीं मिलेगा और बैंक वाले कह रहे है कि जबतक ट्रक लटका हुआ है तबतक EMI भरनी पड़ेगी.
भारत के वीर सपूत चंद्रशेखर आज़ाद जी की जन्म जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन।
आज़ाद के नाम से प्रसिद्ध, वे उन उल्लेखनीय भारतीय क्रांतिकारियों में से एक थे जिन्होंने बहुत कम उम्र में ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था और क��वल 24 वर्ष की आयु में अपने प्राणों की आहुति दे दी थी।
देश के प्रति उनके इस असीम योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा में 3 साल पहले ही बना पुल धंस गया
यह जो सड़कें, पुल, पुलिया, दीवारें, छतें ढही जा रही हैं - इसका कारण है भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी
श्री अमित चावड़ा ने भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण हुए गंभीरा पुल हादसे में मारे गए आणंद और वडोदरा ज़िलों के सभी मृतकों के बच्चों की शिक्षा की ज़िम्मेदारी स्वीकार करके मानवता की सर्वोत्तम मिसाल कायम की है।
@AmitChavdaINC@INCGujarat@INCIndia
અમદાવાદમાં વિમાન દુર્ઘટનાના સમાચાર અત્યંત ચિંતાજનક છે.
સરકારે આ અકસ્માતમાં ઘાયલ થયેલા તમામ મુસાફરોની સારવાર માટે તાત્કાલિક આરોગ્ય સુવિધાઓ સુનિશ્ચિત કરવી જોઈએ.
અકસ્માતમાં ઘાયલ થયેલા તમામ મુસાફરો ઝડપથી સ્વસ્થ થાય તેવી ભગવાને પ્રાર્થના
अहमदाबाद में हुईं प्लेन क्रैश की दुर्घटना के समाचार अत्यंत चिंताजनक है ।
इस दुर्घटना में घायल हुवे सभी यात्रियों के उपचार के लिए सरकार तत्काल रूप से स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करे ।
दुर्घटनामे घायल हुए सभी यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना।
पीएम नरेंद्र मोदी का झूठ,
सबसे मजबूत!
बिहार में JDU-BJP का राज, जंगल राज बन चुका है!
पर मोदी जी इस सबसे बेखबर, बिना तथ्यों की जांच किए - लिखा-लिखाया भाषण पढ़ रहे हैं।
मुझे लगा सर्वदलीय मंडल
• हिंदुस्तान के ख़िलाफ़ एक क्रूर आतंकी हमले जिसमें 28 लोग शहीद हुए
• हमारी जवाबी कार्यवाही Operation Sindoor
• पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों
• पुंछ में हमारे 16 निर्दोष लोगों की शहादत के बारे में दुनिया को बताने गए हैं
यहाँ तो अलग ही माहौल है
मुजफ्फरपुर में दलित नाबालिग बेटी के साथ दरिंदगी और फिर इलाज़ में हुई लापरवाही बेहद शर्मनाक है।
अगर समय पर इलाज़ मिला होता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। लेकिन डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा तो दूर, जीवन रक्षा में भी घोर लापरवाही बरती।
पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक हम चुप नहीं बैठेंगे। दोषियों और लापरवाह अफसरों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए।