देश की युवा प्रतिभाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिलें, इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में रोजगार मेलों ने अपनी एक अहम पहचान बनाई है। इसी मेले की अगली कड़ी में आज सुबह 10.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 70,000 से अधिक नियुक्ति-पत्र वितरित करने का सौभाग्य मिलेगा।
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Honoured to receive Young Faculty Research & Excellence Award 2026 from BBAU, Lucknow on Teachers’ Day for contributions to Research, Innovation & Teaching in Civil Engineering.
A proud moment and a greater responsibility to contribute! 🌱
#BBAU#ResearchExcellence#TeachersDay
Congratulations to my younger brother, @ganeshjiom, on being selected for the prestigious 2026 China Tech Tour–Semiconductor Fabrication Program. Wishing you continued success as you represent India & contribute to global research.
Proud of you! 🇮🇳🎉
#Research#Semiconductor
The Tricolour flies high over the Chenab Rail Bridge!
It’s a feeling of immense pride that this bridge seamlessly blends ambition with execution, reflecting India’s growing capability to build futuristic infrastructure in the most challenging terrains.
आवश्यक जानकारी
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यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ झूठी एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है, तो वे संबंधित पुलिस अधिकारियों या आरोप लगाने वाले व्यक्ति को नीचे दिए गए प्रारूप का उपयोग करते हुए वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेज सकते हैं।
विधिक नोटिस
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सेवा में,
पुलिस आयुक्त/थाना प्रभारी, [संबंधित पुलिस स्टेशन का नाम]
विषय: झूठी एवं बेबुनियाद एफआईआर पंजीकृत करने के संबंध में विधिक नोटिस।
महोदय/महोदया,
मैं, [आपका नाम], [आपका पता], [आपका संपर्क नंबर], इस विधिक नोटिस को [झूठी एफआईआर के आरोपी का नाम] की ओर से भेज रहा/रही हूँ।
यह ध्यान दिलाया जाता है कि दिनांक [FIR दर्ज करने की तिथि] को आपके थाना में एफआईआर संख्या [FIR नंबर] के तहत [धारा संख्या] के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, उपरोक्त FIR में शिकायतकर्ता [शिकायतकर्ता का नाम/ पिता का नाम एवं पता यदि ज्ञात हो तो] द्वारा जो भी आरोप लगाया गया है वो पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण है।
इस झूठे मुकदमे को दर्ज करने से मेरे मुवक्किल की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुँचा है और उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। अतः, उपरोक्त नोटिस के माध्यम से मेरे मुवक्किल द्वारा निम्नलिखित मांगें की जाती हैं—
1. तत्काल प्रभाव से इस झूठी एफआईआर को वापस लिया जाए और इसकी स्वतंत्र जांच करवाई जाए।
2. संबंधित अधिकारी/शिकायतकर्ता के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए, जिन्होंने दुर्भावनापूर्ण तरीके से झूठी शिकायत दर्ज करवाई।
3. मेरे मुवक्किल को हुए मानसिक एवं सामाजिक नुकसान के लिए [मांग की गई राशि] का हर्जाना दिया जाए।
यदि 15 दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो मेरा मुवक्किल माननीय उच्च न्यायालय/निचली अदालत में पुलिस अधिकारियों एवं शिकायतकर्ता के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने को बाध्य होगा।
सादर,
[वकील का नाम]
[वकील का पता]
[बार काउंसिल नंबर]
[तारीख]
(नोट: झूठी FIR पर पुलिस को कानूनी नोटिस भेजना एक संवेदनशील कानूनी मामला है, किसी अनुभवी वकील से सलाह लेना महत्वपूर्ण है)
~ सादर : @NCIBHQ
हमेशा काम आने वाले आयुर्वेदिक नुस्खे...
खराश-सूखी खाँसी के लिये अदरक और गुड :-
गले में खराश या सूखी खाँसी होने पर पिसी हुई अदरक में गुड़ और घी मिलाकर खाएँ। गुड़ और घी के स्थान पर शहद का प्रयोग भी किया जा सकता है। आराम मिलेगा।
मुँह और गले के कष्टों के लिये सौंफ और मिश्री :-
भोजन के बाद दोनों समय आधा चम्मच सौंफ चबाने से मुख की अनेक बीमारियाँ और सूखी खाँसी दूर होती है, बैठी हुई आवाज़ खुल जाती है, गले की खुश्की ठीक होती है और आवाज मधुर हो जाती है।
बदन के दर्द में कपूर और सरसों का तेल :-
10 ग्राम कपूर, 200 ग्राम सरसों का तेल – दोनों को शीशी में भरकर मजबूत ठक्कन लगा दें तथा शीशी धूप में रख दें। जब दोनों वस्तुएँ मिलकर एक रस होकर घुल जाए तब इस तेल की मालिश से नसों का दर्द, पीठ और कमर का दर्द और, माँसपेशियों के दर्द शीघ्र ही ठीक हो जाते हैं।
जोड़ों के दर्द के लिये बथुए का रस :-
बथुआ के ताजा पत्तों का रस पन्द्रह ग्राम प्रतिदिन पीने से गठिया दूर होता है। इस रस में नमक-चीनी आदि कुछ न मिलाएँ। नित्य प्रातः खाली पेट लें या फिर शाम चार बजे। इसके लेने के आगे पीछे दो-दो घंटे कुछ न लें। दो तीन माह तक लें।
भोजन से पहले अदरक :-
भोजन करने से दस मिनट पहले अदरक के छोटे से टुकडे को सेंधा नमक में लपेट कर [थोड़ा ज्यादा मात्रा में ] अच्छी तरह से चबा लें। दिन में दो बार इसे अपने भोजन का आवश्यक अंग बना लें, इससे हृदय मजबूत और स्वस्थ बना रहेगा, दिल से सम्बंधित कोई बीमारी नहीं होगी और निराशा व अवसाद से भी मुक्ति मिल जाएगी।
अजवायन का साप्ताहिक प्रयोग :-
सुबह खाली पेट सप्ताह में एक बार एक चाय का चम्मच अजवायन मुँह में रखें और पानी से निगल लें। चबाएँ नहीं। यह सर्दी, खाँसी, जुकाम, बदनदर्द, कमर-दर्द, पेटदर्द, कब्जियत और घुटनों के दर्द से दूर रखेगा। 10 साल से नीचे के बच्चों को आधा चम्मच 2 ग्राम और 10 से ऊपर सभी को एक चम्मच यानी 5 ग्राम लेना चाहिए।
जलन की चिकित्सा चावल से :-
कच्चे चावल के 8-10 दाने सुबह खाली पेट पानी से निगल लें। 21 दिन तक नियमित ऐसा करने से पेट और सीन की जलन में आराम आएगा। तीन माह में यह पूरी तरह ठीक हो जाएगी।
दाँतों के कष्ट में तिल का उपयोग :-
तिल को पानी में 4 घंटे भिगो दें फिर छान कर उसी पानी से मुँह को भरें और 10 मिनट बाद उगल दें। चार पाँच बार इसी तरह कुल्ला करे, मुँह के घाव, दाँत में सड़न के कारण होने वाले संक्रमण और पायरिया से मुक्ति मिलती है।
मुलेठी पेप्टिक अलसर के लिये :-
मुलेठी के बारे में तो सभी जानते हैं। यह आसानी से बाजार में भी मिल जाती है। पेप्टिक अल्सर में मुलेठी का चूर्ण अमृत की तरह काम करता है। बस सुबह शाम आधा चाय का चम्मच पानी से निगल जाएँ। यह मुलेठी का चूर्ण आँखों की शक्ति भी बढ़ाता है। आँखों के लिये इसे सुबह आधे चम्मच से थोड़ा सा अधिक पानी के साथ लेना चाहिये।
सरसों का तेल केवल पाँच दिन :-
रात में सोते समय दोनों नाक में दो दो बूँद सरसों का तेल पाँच दिनों तक लगातार डालें तो खाँसी-सर्दी और साँस की बीमारियाँ दूर हो जाएँगी। सर्दियों में नाक बंद हो जाने के दुख से मुक्ति मिलेगी और शरीर में हल्कापन मालूम होगा।
दमे के लिये तुलसी और वासा :-
दमे के रोगियों को तुलसी की १० पत्तियों के साथ वासा (अडूसा या वासक) का २५० मिलीलीटर पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर दें। लगभग २१ दिनों तक सुबह यह काढ़ा पीने से आराम आ जाता है।
मौसमी खाँसी के लिये सेंधा नमक :-
सेंधा नमक की लगभग एक सौ ग्राम डली को चिमटे से पकड़कर आग पर, गैस पर या तवे पर अच्छी तरह गर्म कर लें। जब लाल होने लगे तब गर्म डली को तुरंत आधा कप पानी में डुबोकर निकाल लें और नमकीन गर्म पानी को एक ही बार में पी जाएँ। ऐसा नमकीन पानी सोते समय लगातार दो-तीन दिन पीने से खाँसी, विशेषकर बलगमी खाँसी से आराम मिलता है। नमक की डली को सुखाकर रख लें एक ही डली का बार बार प्रयोग किया जा सकता है।
पेट में वायु-गैस के लिये मट्ठा और अजवायन :-
पेट में वायु बनने की अवस्था में भोजन के बाद 125 ग्राम दही के मट्ठे में दो ग्राम अजवायन और आधा ग्राम काला नमक मिलाकर खाने से वायु-गैस मिटती है। एक से दो सप्ताह तक आवश्यकतानुसार दिन के भोजन के पश्चात लें।
फटे हाथ पैरों के लिये सरसों या जैतून का तेल :-
नाभि में प्रतिदिन सरसों का तेल लगाने से होंठ नहीं फटते और फटे हुए होंठ मुलायम और सुन्दर हो जाते है। साथ ही नेत्रों की खुजली और खुश्की दूर हो जाती है।
बैठे हुए गले के लिये मुलेठी का चूर्ण :-
मुलेठी के चूर्ण को पान के पत्ते में रखकर खाने से बैठा हुआ गला ठीक हो जाता है। या सोते समय एक ग्राम मुलेठी के चूर्ण को मुख में रखकर कुछ देर चबाते रहे। फिर वैसे ही मुँह में रखकर जाएँ। प्रातः काल तक गला साफ हो जायेगा। गले के दर्द और सूजन में भी आराम आ जाता है।
पेट में कीड़ों के लिये अजवायन और नमक :-
आधा ग्राम अजवायन चूर्ण में स्वादानुसार काला नमक मिलाकर रात्रि के समय रोजाना गर्म जल से देने से बच्चों के पेट के कीडे नष्ट होते हैं। बडों के लिये- चार भाग अजवायन के चूर्ण में एक भाग काला नमक मिलाना चाहिये और दो ग्राम की मात्रा में सोने से पहले गर्म पानी के साथ लेना चाहिये।
अरुचि के लिये मुनक्का हरड़ और चीनी :-
भूख न लगती हो तो बराबर मात्रा में मुनक्का (बीज निकाल दें), हरड़ और चीनी को पीसकर चटनी बना लें। इसे पाँच छह ग्राम की मात्रा में (एक छोटा चम्मच), थोड़ा शहद मिला कर खाने से पहले दिन में दो बार चाटें।
सर्दी, बुखार, साँस के पुराने रोगों के लिये तुलसी :-
तुलसी की 21 पत्तियाँ स्वच्छ खरल या सिलबट्टे (जिस पर मसाला न पीसा गया हो) पर चटनी की भाँति पीस लें और 10 से 30 ग्राम मीठे दही में मिलाकर नित्य प्रातः खाली पेट तीन मास तक खाएँ। दही खट्टा न हो। यदि दही माफिक न आये तो एक-दो चम्मच शहद मिलाकर लें। छोटे बच्चों को आधा ग्राम तुलसी की चटनी शहद में मिलाकर दें। दूध के साथ भूलकर भी न दें। औषधि प्रातः खाली पेट लें। आधा एक घंटे पश्चात नाश्ता ले सकते हैं।
पेट साफ रखे अमरूद :-
कब्ज से परेशान हों तो शाम को चार बजे कम से कम 200 ग्राम अमरुद नमक लगाकर खा जाएँ, फायदा अगली सुबह से ही नज़र आने लगेगा। 10 दिन लगातार खाने से पुराने कब्ज में लाभ होगा। बाद में जब आवश्यकता महसूस हो तब खाएँ।
बीज पपीते के स्वास्थ्य हमारा :-
पके पपीते के बीजों को खूब चबा-चबा कर खाने से आँखों की रोशनी बढ़ती है। इन बीजों को सुखा कर पावडर बना कर भी रखा जा सकता है। सप्ताह में एक बार एक चम्मच पावडर पानी से फाँक लेन पर अनेक प्रकार के रोगाणुओं से रक्षा होती है।
कोलेस्ट्राल पर नियंत्रण सुपारी से :-
भोजन के बाद कच्ची सुपारी 20 से 40 मिनट तक चबाएँ फिर मुँह साफ़ कर लें। सुपारी का रस लार के साथ मिलकर रक्त को पतला करने जैसा काम करता है। जिससे कोलेस्ट्राल में गिरावट आती है और रक्तचाप भी कम हो जाता है।
मसूढ़ों की सूजन के लिये अजवायन :-
मसूढ़ों में सूजन होने पर अजवाइन के तेल की कुछ बूँदें पानी में मिलाकर कुल्ला करने से सूजन में आराम आ जाता है।
हृदय रोग में आँवले का मुरब्बा :-
आँवले का मुरब्बा दिन में तीन बार सेवन करने से यह दिल की कमजोरी, धड़कन का असामान्य होना तथा दिल के रोग में अत्यंत लाभ होता है, साथ ही पित्त, ज्वर, उल्टी, जलन आदि में भी आराम मिलता है।
शारीरिक दुर्बलता के लिये दूध और दालचीनी :-
दो ग्राम दालचीनी का चूर्ण सुबह शाम दूध के साथ लेने से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है और शरीर स्वस्थ हो जाता है। दो ग्राम दालचीनी के स्थान पर एक ग्राम जायफल का चूर्ण भी लिया जा सकता है।
घमौरियों के लिये मुल्तानी मिट्टी :-
घमौरियों पर मुल्तानी मिट्टी में पानी मिलाकर लगाने से रात भर में आराम आ जाता है।
पेट के रोग दूर करने के लिये मट्ठा :-
मट्ठे में काला नमक और भुना जीरा मिलाएँ और हींग का तड़का लगा दें। ऐसा मट्ठा पीने से हर प्रकार के पेट के रोग में लाभ मिलता है। यह बासी या खट्टा नहीं होना चाहिये।
खुजली की घरेलू दवा :-
फटकरी के पानी से खुजली की जगह धोकर साफ करें, उस पर कपूर को नारियल के तेल मिलाकर लगाएँ लाभ होगा।
मुहाँसों के लिये संतरे के छिलके :-
संतरे के छिलके को पीसकर मुहाँसों पर लगाने से वे जल्दी ठीक हो जाते हैं। नियमित रूप से ५ मिनट तक रोज संतरों के छिलके का पिसा हुआ मिश्रण चेहरे पर लगाने से मुहाँसों के धब्बे दूर होकर रंग में निखार आ जाता है।
सर्दी जुकाम के लिये दालचीनी और शहद :-
एक ग्राम पिसी दालचीनी में एक चाय का चम्मच शहद मिलाकर खाने से सर्दी जुकाम में आराम मिलता है।
टांसिल्स के लिये हल्दी और दूध :-
एक प्याला (200 मिलीली.) दूध में आधा छोटा चम्मच (2 ग्राम) पिसी हल्दी मिलाकर उबालें। छानकर चीनी मिलाकर पीने को दें। विशेषरूप से सोते समय पीने पर तीन चार दिन में आराम मिल जाता है। रात में इसे पीने के बात मुँह साफ करना चाहिये लेकिन कुछ खाना पीना नहीं चाहिये।
ल्यूकोरिया से मुक्ति :-
ल्यूकोरिया नामक रोग कमजोरी, चिडचिडापन, के साथ चेहरे की चमक उड़ा ले जाता हैं। इससे बचने का एक आसान सा उपाय- एक-एक पका केला सुबह और शाम को पूरे एक छोटे चम्मच देशी घी के साथ खा जाएँ 11-12 दिनों में आराम दिखाई देगा। इस प्रयोग को 21 दिनों तक जारी रखना चाहिए।
घुटनों में दर्द के लिये अखरोट :-
सवेरे खाली पेट तीन या चार अखरोट की गिरियाँ खाने से घुटनों का दर्द मैं आराम हो जाता है।
काले धब्बों के लिये नीबू और नारियल का तेल :-
चेहरे व कोहनी पर काले धब्बे दूर करने के लिये आधा चम्मच नारियल के तेल में आधे नीबू का रस निचोड़ें और त्वचा पर रगड़ें, फिर गुनगुने पानी से धो लें।
हकलाना या तुतलाना दूर करने के लिये दूध और काली मिर्च :-
हकलाना या तुतलाना दूर करने के लिये 10 ग्राम दूध में 250 ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर रख लें। 2-2 ग्राम चूर्ण दिन में दो बार मक्खन के साथ मिलाकर खाएँ।
श्वास रोगों के लिये दूध और पीपल :-
एक पाव दूध में 5 पीपल डालकर गर्म करें, इसमें चीनी डालकर सुबह और ‘शाम पीने से साँस की नली के रोग जैसे खाँसी, जुकाम, दमा, फेफड़े की कमजोरी तथा वीर्य की कमी आदि रोग दूर होते हैं।
बंद नाक खोलने के लिये अजवायन की भाप :-
एक चम्मच अजवायन पीस कर गरम पानी के साथ उबालें और उसकी भाप में साँस लें। कुछ ही मिनटों में आराम मालूम होगा।
चर्मरोग के लिये टेसू और नीबू :-
टेसू के फूल को सुखाकर चूर्ण बना लें। इसे नीबू के रस में मिलाकर लगाने से हर प्रकार के चर्मरोग में लाभ होता है।
माइग्रेन के लिये काली मिर्च, हल्दी और दूध :-
एक बड़ा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण एक चुटकी हल्दी के साथ एक प्याले दूध में उबालें। दो तीन दिन तक लगातार रहें। माइग्रेन के दर्द में आराम मिलेगा।
उच्च रक्तचाप के लिये मेथी :-
सुबह उठकर खाली पेट आठ-दस मेथी के दाने निगल लेने से उच्चरक्त चाप को नियंत्रित करने में सफलता मिलती है।
माइग्रेन और सिरदर्द के लिये सेब :-
सिरदर्द और माइग्रेन से परेशान हों तो सुबह खाली पेट एक सेब नमक लगाकर खाएँ इससे आराम आ जाएगा।
अपच के लिये चटनी :-
खट्टी डकारें, गैस बनना, पेट फूलना, भूक न लगना इनमें से किसी चीज से परेशान हैं तो सिरके में प्याज और अदरक पीस कर चटनी बनाएँ इस चटनी में काला नमक डालें। एक सप्ताह तक प्रतिदिन भोजन के साथ लें, आराम आ जाएगा।
अच्छी नींद के लिये मलाई और गुड़ :-
रात में नींद न आती हो तो मलाई में गुड़ मिलाकर खाएँ और पानी पी लें। थोड़ी देर में नींद आ जाएगी।
कमजोरी को दूर करने का सरल उपाय :-
एक-एक चम्मच अदरक व आंवले के रस को दो कप पानी में उबाल कर छान लें। इसे दिन में तीन बार पियें। स्वाद के लिये काला नमक या शहद मिलाएँ।
गले में खराश के लिये जीरा :-
एक गिलास उबलते पानी में एक चम्मच जीरा और एक टुकड़ा अदरक डालें ५ मिनट तक उबलने दें। इसे ठंडा होने दें। हल्का गुनगुना दिन में दो बार पियें। गले की खराश और सर्दी दोनों में लाभ होगा।
मुहाँसों से मुक्ति :-
जायफल, काली मिर्च और लाल चन्दन तीनो का पावडर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। रोज सोने से पहले 2-3 चुटकी भर के पावडर हथेली पर लेकर उसमें इतना पानी मिलाए कि उबटन जैसा बन जाए खूब मिलाएँ और फिर उसे चेहरे पर लगा लें और सो जाएँ, सुबह उठकर सादे पानी से चेहरा धो लें। 15 दिन तक यह काम करें। इसी के साथ प्रतिदिन 250 ग्राम मूली खाएँ ताकि रक्त शुद्ध हो जाए और अन्दर से त्वचा को स्वस्थ पोषण मिले। 15-20 दिन में मुहाँसों से मुक्त होकर त्वचा निखर जाएगी।
विष से मुक्ति :-
10-10 ग्राम हल्दी, सेंधा नमक और शहद तथा 5 ग्राम देसी घी अच्छी तरह मिला लें। इसे खाने से कुत्ते, साँप, बिच्छु, मेढक, गिरगिट, आदि जहरीले जानवरों का विष उतर जाता है।
मधुमेह के लिये आँवला और करेला :-
एक प्याला करेले के रस में एक बड़ा चम्मच आँवले का रस मिलाकर रोज पीने से दो महीने में मधुमेह के कष्टों से आराम मिल जाता है।
मधुमेह के लिये कालीचाय :-
मधुमेह में सुबह खाली पेट एक प्याला काली चाय स्वास्थ्यवर्धक होती है। चाय में चीनी दूध या नीबू नहीं मिलाना चाहिये। यह गुर्दे की कार्यप्रणाली को लाभ पहुँचाती है जिससे मधुमेह में भी लाभ पहुँचता है।
खाँसी में प्याज :-
अगर बच्चों या बुजुर्गों को खांसी के साथ कफ ज्यादा गिर रहा हो तो एक चम्मच प्याज के रस को चीनी या गुड मिलाकर चटा दें, दिन में तीन चार बार ऐसा करने पर खाँसी से तुरंत आराम मिलता है।
स्वस्थ त्वचा का घरेलू नुस्खा :-
नमक, हल्दी और मेथी तीनों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें, नहाने से पाँच मिनट पहले पानी मिलाकर इनका उबटन बना लें। इसे साबुन की तरह पूरे शरीर में लगाएँ और 5 मिनट बाद नहा लें। सप्ताह में एक बार प्रयोग करने से घमौरियों, फुंसियों तथा त्वचा की सभी बीमारियों से मुक्ति मिलती है। साथ ही त्वचा मुलायम और चमकदार भी हो जाती है।
आवश्यक जानकारी :~
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अगर आपका मोबाइल चोरी हो गया हो और पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है तो घबराएं नहीं। आईपीसी की धारा 379 के तहत चोरी दंडनीय अपराध है। मोबाइल चोरी होने पर पुलिस एफआईआर दर्ज करने से इनकार नहीं कर सकती। सीआरपीसी की धारा 154 के तहत पुलिस की ये ड्यूटी है कि गंभीर अपराधों के मामले में एफआईआर दर्ज करे। सुप्रीम कोर्ट ने 2014 में ललिता कुमारी बनाम यूपी सरकार के मामले में गाइडलाइंस तय किया था कि किसी भी गंभीर अपराध के बारे में शिकायत मिलने पर पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी ही होगी। अगर पुलिस अफसर ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अगर पुलिस मोबाइल चोरी की एफआईआर नहीं दर्ज करती है तो आप अपनी शिकायत को डाक के जरिए सीधे पुलिस अधीक्षक (SP) को भेज सकते हैं। अगर एसपी भी कोई कार्रवाई नहीं करते तब आप सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। कई राज्यों में ऐसे मामलों में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने की भी सुविधा है।
मोबाइल चोरी या गुम हो जाने पर आपको बिना देरी किए केंद्र सरकार की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। आप हाल में लॉन्च किए गए 'संचार साथी पोर्टल' पर इसकी शिकायत दर्ज करा अपने मोबाइल फोन को ट्रैक भी कर सकते हैं और ब्लॉक भी करा सकते हैं। इससे आपके मोबाइल में स्टोर डेटा सेफ रहेगा। दरअसल दूरसंचार विभाग ने गुम या चोरी हुए मोबाइलों को ट्रैक और ब्लॉक करने के लिए संचार साथी पोर्टल बनाया है। सेन्ट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) के डेटा का इस्तेमाल कर ये पोर्टल मोबाइल को ट्रैक या ब्लॉक करता है। CEIR एक डेटा बैंक है जिसमें लोगों के मोबाइल मॉडल, सिम नंबर और IEMEI नंबर जैसे डीटेल रहते हैं।
इसके लिए आपको सबसे पहले संचार साथी पोर्टल https://t.co/cT3wNk2sHr पर जाना होगा। वहां आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्टर करने के बाद आपको ब्लॉक स्टोलेन/लॉस्ट मोबाइल, अन-ब्लॉक फाउंड मोबाइल और चेक रिक्वेस्ट के ऑप्शन दिखेंगे। अगर आपका मोबाइल चोरी या गुम हुआ है तो उसका मिसयूज रोकने के लिए उसे ब्लॉक कराना जरूरी है। इसलिए आप ब्लॉक मोबाइल का ऑप्शन चुनिए। अपना नाम, मोबाइल नंबर, IMEI डीटेल, किसी ब्रैंड का मोबाइल है, मॉडल और इनवॉइस जैसे डीटेल भरें और उसे जुड़े डॉक्युमेंट अपलोड करें। उसके बाद आपको मोबाइल चोरी होने या खोने से जुड़ी सूचनाएं देनी होंगी मसलन कहां और कब मोबाइल खोया। इसके बाद आपको अपनी पहचान स्थापित करने के लिए आईकार्ड का डीटेल देना होगा। फिर आपको मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा जिसे वेरीफाई करने के बाद एक नया पेज खुलेगा जहां आपको अपना अकाउंट बनाना होगा। अकाउंट बनाने के बाद आप अपने मोबाइल को ट्रैक या ब्लॉक कर सकते हैं।
🌺क्या आप जानते हैं कि जब दीपावली श्रीराम के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है तो दीपावली पर लक्ष्मी पूजन क्यों होता है,राम और सीता पूजन क्यों नहीं?🌺
और क्या आप ये जानते हैं कि दीपावली पर लक्ष्मीजी के साथ गणेशजी की पूजा क्यों होती है,श्रीविष्णु की क्यों नहीं?
आम आदमी से जुड़े ऐसे दस अधिकार जिसे हर नागरिक को जानना जरुरी है। आप भी जाने और अपने मित्रों को भी शेयर करे।
आप किसी भी होटल में जाकर पानी पी सकते हैं और वॉशरूम यूज कर सकते हैं। चाहे फिर वह 3 स्टार होटल हो या 5 स्टार। इस तरह के कई अधिकार हैं, जो कॉमन मैन को मिले हुए हैं, लेकिन अधिकतर लोग इन्हें लेकर अवेयर नहीं हैं। आप इन अधिकारों को जानकर इनका यूज कर सकते हैं। यदि कोई आपको ऐसा करने से रोकता है तो आप उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। आज हम ऐसे ही 10 कॉमन राइट्स बताने जा रहे हैं, जो हर इंडियन को पता होना चाहिए।
स्मार्टफोन यूजर्स को फोन के सीक्रेट कोड्स की जानकारी होनी चाहिए। वैसे तो स्मार्टफोन के सीक्रेट कोड्स की लिस्ट काफी लंबी है लेकिन आपको कुछ महत्वपूर्ण कोड्स हैं जिन्हें आपका जानना बहुत जररूी है।
01- *#21#: इस सीक्रेट कोड्स की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आपकी कॉल, डेटा या फिर नंबर को किसी दूसरे नंबर पर फॉरवर्ड तो नहीं किया गया है।
2- #0#: इस सीक्रेट कोड की मदद से आप यह पता सकते हैं कि आपके फोन का डायल कर आप फोन के डिस्प्ले, स्पीकर, कैमरा, सेंसर सही काम कर रहा है या नहीं।
3- *#07#: यह सीक्रेट कोड आपके फोन की SAR वैल्यू को बताता है। मतलब आप इसकी मदद से फोन से निकलने वाले रिडिएशन की जानकारी ले सकते हैं। सार वैल्यू हमेशा 1.6 से कम होनी चाहिए।
4- *#06#: इस सीक्रेट कोड की मदद से आप अपना IMEI नंबर का पता कर सकते हैं। फोन खो जाने पर इस आईएमइआई नंबर की जरूरत पड़ती है।
5- ##4636##: अपने स्मार्टफोन की बैटरी, इंटरनेट, वाईफाई की जानकारी इस सीक्रेट कोड से पता कर सकते हैं।
6- ##34971539##: आप अपने स्मार्टफोन की कैमरे की जानकारी इस सीक्रेट कोड से पता कर सकते हैं। आपको यह भी पता चल जाएगा की आप को कैमरा ठीक से काम कर रहा है या नहीं।
7- 2767*3855# अगर आप इस सीक्रेट कोड को अपने डायल पैड पर टाइप करेंगे तो इससे आपका स्मार्टफोन रीसेट हो जाएगा। ध्यान रहे रीसेट होने पर फोन का डाटा चला जाएगा। इसलिए डेटा को कहीं पर सेव कर लें फिर डायल करें।
Teachers' Day Thoughts
In ancient times, teachers were the custodians of knowledge, and access to that treasure was impossible without them. However, with the advent of the printing press, knowledge became more democratized. (1/7)
देश की युवा प्रतिभाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिलें, इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में रोजगार मेलों ने अपनी एक अहम पहचान बनाई है। इसी मेले की अगली कड़ी में आज सुबह 10.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 70,000 से अधिक नियुक्ति-पत्र वितरित करने का सौभाग्य मिलेगा।
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