एक डिपो होल्डर ने अपना दुख साझा किया है।
ताई सभी परेशानी शेयर करते हो कभी हरियाणा के डिपो होल्डर की परेशानी भी शेयर करा करो।
आप बताओ डिपो होल्डर को राशन बांटने के लिए जो गेहूं आता है सरकारी भर्ती बैग की 50kg होती है जबकि गोदाम में इनको पानी से भिगोया जाता है वजन बढ़ाने के लिए। दूसरी बात बैग का वजन 600gm होता हैं डिपो होल्डर्स को एक तो वजन पूरा नहीं मिलता बिल पूरा का बनता है। यही नहीं 6 -6 महीने तक 4कमीशन नहीं मिलता घर का खर्च कैसे चलाए। महगांई के टाईम पर पर सबकी सैलरी बढ़ती है। जबकि 2017 के बाद इनका कमीशन नहीं बढ़ा
ऊपर से फूड सप्लाई डिपार्टमेंट के ऑफिसर 4k तक जबरदस्ती मंथली लेते हैं जो नहीं देता उसकी सप्लाई बंद करवा देते है । मेवात में ये आम बात है
मेवात के गोदाम अगर चेक किए जाए तो रिकॉर्ड से फालतू यहाँ गेहूँ मिलेगा जो डिपो होल्डर से काटा गया है। गाड़ी का वजन करते है बाद मे उसमें से बैग निकाल लेते हैं।
हरियाणा के एक CLPO ने सांझा किया है
हरियाणा सरकार के परिवार पहचान पत्र विभाग क्रीड और पंचायती विभाग द्वारा भर्ती किए गए हरियाणा की पंचायत में कार्यरत कर्मचारी क्रीड पंचायत लोकल ऑपरेटर (CPLO) का चयन 2 एग्जाम pre और mains के आधार पर हुआ था।
पंचायत विभाग की तरफ से हर महीने ₹6000 मानदेय मिलता है। और क्रिड विभाग ने कमीशन देना था जिससे मानदेय न्यूनतम मजदूरी से ऊपर हो जाना था। पंचायत तो जैसे तैसे करके ₹6000 दे देता है। लेकिन क्रीड कमीशन के नाम पर हमारे साथ मजाक करता है। कभी ₹30 आते हैं कभी ₹60 आते हैं।
यह अगस्त महीने का कमीशन आया है जो ₹60 आया है। ऐसी स्थिति में हम कैसे अपना घर चलाएं।
HKRN के तहत लगे कर्मचारियों को भी सरकार ₹22000 देती है। जिनका कोई एग्जाम नहीं होता। और हम दो-दो एग्जाम पास करके लगे हुए हैं।
हरियाणा के कई गाँवों में सरकारी स्कूल बंद होने की कगार पर हैं। ऐसे समय में गाँव के युवाओं और पंचायतों को अपने सरकारी स्कूलों को बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
सरकारी स्कूल भी गाँव की धरोहर होते हैं। लेकिन आज के दौर में हमारे सरकारी स्कूल बुरे दौर से गुजर रहे हैं। इन स्कूलों की ओर सभी को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
सरकारी स्कूलों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। इसलिए इन स्कूलों को बचाना केवल एक स्कूल को बचाना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य को बचाना है।
जब गरीब का बच्चा पढ़ेगा, तभी आगे बढ़ेगा।
जब गरीब आगे बढ़ेगा, तभी गाँव आगे बढ़ेगा।
और जब गाँव आगे बढ़ेगा, तभी हमारा प्रदेश और देश तरक्की करेगा।
आइए, अपने गाँव के सरकारी स्कूलों को बचाने के लिए मिलकर आवाज उठाएं।
सरकारी स्कूल बचेंगे, तभी बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
बहुत हो गया मोदी जी हमने आपका सपोर्ट कर लिया खूब दान कर लिया लेकिन अब हम नहीं रुकेंगे आपसे कुछ नहीं हो रहा आप रात को आ कर इनसे माफी माग रहे हो तो लेकिन हम ऐसे सामाजिक तत्वों को नहीं छोड़ेंगे
आरक्षण किसे मिलना चाहिए?
राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति राज्यपाल के परिवार को या गरीब किसान-मजदूर के बच्चों को?
सांसद विधायक मंत्री मुख्यमंत्री के परिवार को या गरीब किसान-मजदूर के बच्चों को?
थानेदार तहसीलदार कलेक्टर कप्तान कमिश्नर सचिव जज के परिवार को या गरीब किसान-मजदूर के बच्चों को
बुजुर्गों ने ये गोत्र सिस्टम हमारे जेनेटिक समस्या से बचने के लिए बनाया था। आज कल के लोगों को इसकी जानकारी बहुत कम है। हमारे बुजुर्ग वैज्ञानिक थे। उनके आविष्कार आज भी मानव, मानवता एवं प्रकृति के हित में है। लेकिन पाश्चात्य सभ्यता ने सब नाश कर दिया।
नया कानून बनाने से पहले विकसित देशों का कानून क्यों नहीं पढ़ते हैं?
हम अपने प्रत्येक कानून को विश्व का सर्वोत्तम कानून क्यों नहीं बना रहे हैं?
@PMOIndia@HMOIndia@narendramodi@AmitShah
प्रतिवर्ष 05 लाख बेटियां लव जिहाद का शिकार हो रही हैं।
100% संपत्ति जब्त करने, नागरिकता खत्म करने और 01 वर्ष में आजीवन कारावास देने के लिए कानून कब बनेगा?
@narendramodi@AmitShah
माननीय प्रधानमंत्री जी,
घटिया नियम-कानून के कारण आम जनता हताश, निराश और अत्यधिक परेशान है
कृपया प्रत्येक माह संसद का विशेष सत्र बुलाइए और पुलिस रिफार्म, ज्यूडिशियल रिफार्म, इलेक्शन रिफार्म, एडमिनिस्ट्रेटिव रिफार्म, एजुकेशन रिफार्म और टैक्स रिफार्म करिए
@PMOIndia@narendramodi
माननीय प्रधानमंत्री जी,
पेपर लीक बंद करना है तो:
NSA और UAPA लगाइए
BNS की धारा 111 लगाइए
नार्को पॉलीग्राफ टेस्ट करिए
100% संपत्ति जब्त करिए
नागरिकता समाप्त करिए
03 महीने में जाँच पूरी करिए
01 वर्ष में आजीवन कारावास दीजिये
@PMOIndia@narendramodi