आजकल की शादी के मायने समय के साथ काफी बदल गए हैं, और इसका सच कई परतों में छिपा है। पहले शादी सिर्फ दो लोगों या परिवारों का मिलन नहीं थी, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक बंधन थी, जिसमें परंपराएँ, जिम्मेदारियाँ और स्थायित्व सबसे ऊपर थे।
धोखा खाते खाते हिंदू थक चुका है
विशेष समुदाय खाने में थूक देता है,
खाने पीने की चिजो में घातक केमिकल मिलाता है
कन्वर्जन और हत्याये करता है
आतंक वाद करता है
तो इनके क्रिया की प्रतिक्रिया तो मिलेगा ना
अच्छे से रहो जियो और जीने दो
हमें अच्छा जीवन या बुरा
जीवन नहीं दिया जाता है हमें ईश्वर द्वारा एक ही जीवन दिया जाता है...! इसे अच्छा या बुरा बनाना हम पर निर्भर करता है....!!
!! जय श्री कृष्ण !!
नफ़रत - यूं तो चार अक्षर का शब्द है लेकीन इतना ताकतवर है कि जहां बैठ जाए जम जाता है और सिर्फ बढ़ता है|
ये केवल एक शब्द नही बहुत भारी शब्द है इसे प्यार की तरह निभाना नही पड़ता खुद पलता रहता है और किसी को भी राक्षस बना सकता है|
इससे बचकर रहना ये पालने वाले को भी नही बख्शता | 🙏🏼😊