कुमाऊंनी गीत "उत्तराखण्ड तेरी जय जय जय"
जय जय उत्तराखंड प्रदेश
जय ऊँचो सुकिल हिमालय।
ठण्ड हिवालों काखि बसिया
जाँ पावन देव देवाल।
धरती निर्मल सुखमय निर्भय
उत्तराखण्ड तेरी जय जय जय।
-मोहन जोशी
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जनकवि स्व. गिरीश चन्द्र तिवारी(गिर्दा) जी की पुण्यतिथि पर सादर नमन। 12 जून 1999 को पौड़ी में जब हुई थी नेगी जी और गिर्दा जी की जुगलबंदी
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Video Courtesy YT Anil Bisht
भू-कानून की मांगों को लेकर विभिन्न संगठनों ने परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए रैली निकाली। उत्तराखंड मांगे भू-कानून अब एक संघर्ष बन चुका है। ऐसा संघर्ष जिसमें आम लोगों की सीधी लड़ाई अपनी सरकार से है। संघर्ष के नारों की आवाज़ से एक दिन पूरा उत्तराखंड गूँजेगा
कभी 300 कभी 1000 पेड़ बिना रोक-टोक काटे जाते थे। लेकिन जब इन्हें काटने का समय आया तो गांव के लोग ढ़ोल बजाते हुए जंगलों की तरफ बढे और उन्होंने पेड़ नहीं कटने दिए। इस व्यापारी को यहां से तो लौटना पड़ा
आज चिपको आंदोलन की 50वीं वर्षगाँठ है। आज से 50 साल पहले उत्तराखण्ड की महिलाओं ने अपने पर्यावरण और जंगल को बचाने के लिए इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। जो साहस उस दौर में दिखाया था उसकी मिसाल आज तक दी जाती है। बहुत ही किस्से इन महिलाओं के। कैसे 120 से ज्यादा गाँव में आंदोलन फैला।
पेड़ों से चिपकना और सबका एक स्वर में बोलना पहले हमें काटना होगा तब जा कर पेड़
हालांकि इस आंदोलन की नींव सुंदरलाल बहुगुणा ने रखी थी। 70 के दशक में ये शुरू हुआ। 1973 में एक व्यापारी को तीन सौ पेड़ नीलाम कर दिए गए थे। उस दौर में जंगल के पेड़ों की नीलामी आम बात थी।
This Phool deyi with your immense support and blessings, team Phulari successfully completed another distribution drive. We have finally hit a mark of 1000 kids, amongst whom we have donated the necessary stationary items so far. 1/1
उत्तराखंड के लोकपर्व फूलदेई के अवसर पर त्रियुगीनारायण में 60 बच्चों को शिक्षण वितरण साम्रगी वितरित की गई। बच्चों के लिए सामान भेजने वाले साथियों का धन्यवाद व आप सभी को फूलदेई की हार्दिक शुभकामनाएं 🌼