घर वापसी हो गई… ज़मीर की वापसी कब होगी?
सिर्फ चैनल बदलने से पत्रकारिता नहीं बदलती, उसके लिए गुलामी की सोच बदलनी पड़ती है।
चैनल नहीं, बस चाटुकारिता का ठिकाना बदला है।
भ्रष्टाचार की आशंका हो या निर्माण में लापरवाही-
खामियाजा बच्चों को नहीं भुगतना चाहिए।
#Raniwara ( Jalore ) राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रोड़ा में नवीन कक्षों के निर्माण पर गंभीर सवाल!
नए कमरे की नींव में ही यदि निर्माण सामग्री और तकनीकी मानकों को लेकर लापरवाही दिखाई दे रही है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
मौके पर नींव के अंदर रेत पड़ी है और इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। आखिर निर्माण कार्य में निर्धारित गुणवत्ता मानकों की निगरानी कौन कर रहा है?
क्या संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता की जांच की है?
आज की छोटी-सी लापरवाही कल बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
जरूरत है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष तकनीकी जांच करवाई जाए, इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता जांची जाए और यदि कहीं भी मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो जिम्मेदारी तय की जाए। किसी भी हाल में बर्दास्त नहीं किया जाना चाहिए।
स्कूल बच्चों के भविष्य की नींव है—उस नींव में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
@JanSamadhaan@DmJalore@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@Bhajanlalofc@RajCMO@KumariDiya@madandilawar
#जालोर के रानीवाड़ा के सांतरू राजकीय विद्यालय के मुख्य गेट पर झूल रहे नंगे LT तारों पर जन समाधान टीम ने 7 दिन में AB केबल बदलने का आदेश, लेकिन आदेश के बाद भी बिजली विभाग ने तार नहीं हटाए, रोज मासूम बच्चों की जान जोखिम में है @DmJalore @JdVVNL @RajCMO@JanSamadhaan@DIPRRajasthan
#jalore रानीवाड़ा -मालवाड़ा चार रास्ते पर बोलेरो व बाइक की भिड़ंत, दो युवक गंभीर घायल। 108 पायलट महेन्द्र कुमार व EMT सुरेश चौहान ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को पहुंचाया CHC रानीवाड़ा, उपचार जारी। #Raniwara#Accident#Jalore@JalorePolice@RajPoliceHelp
रानीवाड़ा क्षेत्र में बिना टेक्निकल योग्यता के लेब संचालित हो रही हैं, योग्यता के नाम पर हवाबाज़ी,, बायो वेस्ट का भी उचित प्रबंधन नहीं है
इनके खिलाफ उचित कार्रवाई करें @DmJalore
#रानीवाड़ा में 50+ निजी क्लीनिक/लैब संचालित हैं, लेकिन 80% के Bio-Waste अनुबंध और RSPCB Authorization नहीं है। पीला-लाल-नीला बैग,नीडल कटर, रजिस्टर कुछ नहीं। संक्रमित कचरा नाली/खेत में। यह लापरवाही नहीं, Bio-Medical Waste Rules 2016 का सीधा उल्लंघन है। @CollectorJalore @CMHOJalore
#Jalore रानीवाड़ा शिक्षा विभाग के ब्लाक स्तरीय अधिकारियों ने मुझे टार्गेट करने की ठान ली हैं।
क्या लच्चर शिक्षा व्यवस्था के खिला बोलना इतना गुनाह हो गया?
क्या अधिकारियों की गुंडागर्दी इस कदर हावी हैं?
किसी भी मामले को सामने लाने से अधिकारियों को इतनी तकलीफ? @madandilawar
#Jalore रानीवाड़ा शिक्षा विभाग के ब्लाक स्तरीय अधिकारियों ने मुझे टार्गेट करने की ठान ली हैं।
क्या लच्चर शिक्षा व्यवस्था के खिला बोलना इतना गुनाह हो गया?
क्या अधिकारियों की गुंडागर्दी इस कदर हावी हैं?
किसी भी मामले को सामने लाने से अधिकारियों को इतनी तकलीफ? @madandilawar
सरकार आती है जाती है लेकिन जनता की समस्या वही की वही,,,नेताजी भाषण में लम्बे लम्बे वादे करते है ,, धरातल पर काम शून्य,,,
नेताजी चुनाव तो फिर से आ जाएंगे,,, तब जनता जवाब देगी
@RatanDevasiINC@NsDewal
कागजों में हर घर जल, धरातल पर हर सिर पर मटका!
#जालोर : #रानीवाड़ा उपखंड के #हिरपुरा मेघवालों की ढाणी में महीनों से पेयजल संकट, नल लगे लेकिन बूंद नहीं। महिलाएं-बच्चियां रोज सुबह-शाम सिर पर मटके ढोने को मजबूर। दो दिन में समाधान नहीं तो मटका फोड़ प्रदर्शन की चेतावनी। @JanSamadhaan
गजब! सरकारी स्कूल की बेटी बनी प्रिंसिपल! 👩🏫
कागमाला बालिका स्कूल में शिक्षक दिवस पर छात्रा खुशी कुमारी ने संभाला एक दिन के लिए प्रधानाचार्य का पदभार। प्रधानाचार्य नारायण जीनगर बोले-बेटियां ही भविष्य हैं। सलाम है ऐसे गुरु और शिष्यों को! 🙏 #TeachersDay@DmJalore@rajeduofficial
बात सिर्फ पुलिस अधिकारियों से बातचीत के लहजे की नहीं है… लहजा सत्ता का अहसास कराता है।
बाड़मेर में BJP नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के तरीके को देखकर एक सवाल स्वाभाविक है , सत्ता का बुखार आखिर किस तापमान तक पहुंच चुका है?
अधिकारी से बात में अगर आग्रह की जगह हुक्म का अंदाज, संवाद की जगह दबाव और राजनेता की भूमिका की जगह सत्ता के मालिक जैसा व्यवहार दिखाई देने लगे, तो लोकतंत्र में सवाल उठना लाजिमी है।
चुनाव आते-जाते रहेंगे, सरकारें बदलती रहेंगी, लेकिन पुलिस और प्रशासन किसी पार्टी के नही व्यवस्था के हिस्से हैं।
इसलिए बाड़मेर का यह दृश्य सिर्फ चुनावी गर्मी नहीं, सत्ता के नशे की गर्मी भी दिखाता है।
और याद रखिए सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन सत्ता में रहते हुए बोला गया लहजा लोगों की याददाश्त में लंबे समय तक रहता है।
@PoliceRajasthan@BJP4India@BhajanlalBjp@RajCMO
#जालोर : रानीवाड़ा डिप्टी साहब के कार्यालय से चंद मीटर दूर ही ट्रैफिक नियमों का शानदार प्रदर्शन ऑटो के पायदान पर पैर लटकाए बैठे मासूम स्कूली बच्चे और सिस्टम साइलेंट है! शायद कार्रवाई के लिए किसी बड़े हादसे का इंतजार है? @JalorePolice@Dmjalore@Igp_Jodhpur@RajPoliceHelp@RajCMO
आदरणीय शिक्षा मंत्री श्री @madandilawar जी,
जालोर जिले के रानीवाड़ा विधानसभा के बिलड़ स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय, तरापा नाडी में शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अब बच्चों की मूलभूत जरूरतों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह विद्यालय पिछले करीब 4 वर्षों से पानी जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव से जूझ रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की प्यास बुझाने के लिए ग्रामीणों को टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध करवाना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी विद्यालय में बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था भी ग्रामीणों के भरोसे क्यों है?
बताया जा रहा है कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन विद्यालय क्षेत्र तक पहुंच चुकी है, लेकिन पानी आज तक नहीं पहुंच पाया। यदि पाइपलाइन पहुंच गई तो जलापूर्ति क्यों नहीं शुरू हुई? योजना पर खर्च हुई राशि का वास्तविक लाभ बच्चों तक कब पहुंचेगा?
इस समस्या का असर अब केवल पानी तक सीमित नहीं है। विद्यालय का नामांकन भी बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच चुका है। जब किसी सरकारी विद्यालय में बच्चों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं होंगी, तो अभिभावक अपने बच्चों को वहां भेजने के लिए कैसे प्रेरित होंगे?
जिम्मेदारों से सीधे सवाल—
- चार वर्षों से समस्या बनी हुई है, फिर भी स्थायी समाधान क्यों नहीं?
- जल जीवन मिशन की पाइपलाइन पहुंचने के बावजूद पानी क्यों नहीं पहुंचा?
- पानी की समस्या के कारण कमजोर हो रहे नामांकन की जिम्मेदारी कौन लेगा?
- क्या सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पीने का पानी उपलब्ध करवाना भी प्रशासन की प्राथमिकता नहीं है?
- जनप्रतिनिधियों ने इस विद्यालय की समस्या को लेकर अब तक क्या प्रयास किए?
ग्रामीण अपने स्तर पर टैंकरों से पानी पहुंचाकर बच्चों की प्यास बुझा रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि यह व्यवस्था आखिर कब तक चलेगी?
बच्चों के भविष्य से जुड़ा विद्यालय किसी अस्थायी व्यवस्था के भरोसे नहीं चल सकता।
माननीय मंत्री जी से आग्रह है कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों से जवाबदेही तय करवाएं, मौके की जांच करवाएं और विद्यालय में स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करवाएं।
क्योंकि सवाल सिर्फ पानी का नहीं है—सवाल गांव के बच्चों के भविष्य, सरकारी विद्यालय में उनके भरोसे और शिक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता का है।
@madandilawar@RajCMO@DIPRRajasthan@rajeduofficial@NsDewal@AshutoshRanka@abhijeet_dipke@Cockroachisback@BhajanlalBjp@khurpenchh@8PMnoCM@arvindchotia@DmJalore@KumariDiya@RatanDevasiINC@Bhajanlalofc@umashankarsingh@DEO_jalore
हमारे गांव पाल (कॉलोनी),तह. रानीवाड़ा जिला जालोर में 12 बजे से विद्युत सप्लाई बंद है,,आपसे निवेदन कि समस्या का तुरंत निदान कर राहत प्रदान करें #help#jdvvnl@ccc_jdvvnl