Why Delhi’s Crashing Buildings Should Shake Up All Of India
As in the capital, so in other cities, safety protocols are utterly inadequate.
Read today's op-ed by Siddharth Roy 👇 https://t.co/Mk5nfffNeH
बिहार के शिक्षक वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
शिक्षकों को सम्मान चाहिए, 7th Pay चाहिए।
एक ही मांग , वेतनमान ।
#BiharTeachersNeed7thPay
चीन का हेलीकॉप्टर उस जगह पहुंचा जहां ग्लेशियर टूटा था और उससे निकले पानी ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी। इस घटना को GLOF कहते हैं।
ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (#GLOF) तब आ सकता है, जब ग्लेशियर द्वारा रोकी गई झील का बांध अचानक टूट जाए। 🌊🧊
पानी के दबाव और ग्लेशियर में बनी दरारों से बाहर निकलने का रास्ता बन जाता है। इसके बाद झील में जमा भारी मात्रा में पानी और मलबा बेहद तेज़ रफ्तार से पहाड़ों से नीचे की ओर बहता है, जिससे अचानक और विनाशकारी बाढ़ आ सकती है।
#GlacialFlood #NepalFloods #Nepal
@SEVA_NBPDCL Respected Sir, my area in bardaha is facing a severe low voltage issue (70-80V). Fans and appliances are not working. No local response. Please resolve urgently.
Location: vill - dedhua post bardaha, block sikti district Araria,
पटना: ''मै कल तक प्रिंसिपल था, आज नहीं हूं...'' PMCH के पूर्व प्रिंसिपल डॉक्टर नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा- मेरी कोई गुहार न तो निचले स्तर तक सुना गया, ना मंत्री जी ने सुना. मुझे जो पत्र दिया गया, बिना किसी स्पष्टीकरण के दिया गया है, यह तानाशाही रवैया है. मै प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री, प्रत्यय अमृत से गुहार लगता हूं की मेरे साथ न्याय करे.
#PMCH #Bihar #Patna #prabhatkhabar
बिहार शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: अब इस फॉर्मूले से तय होगी शिक्षकों की वरिष्ठता, प्रभारी प्रधानाध्यापक पद का विवाद हमेशा के लिए खत्म
इस नए आदेश के जरिए सरकार ने स्कूलों में अलग-अलग कैडर के शिक्षकों के बीच होने वाली गुटबाजी और व्यावहारिक समस्याओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
क्या थी समस्या और सरकार ने कैसे किया समाधान?
1. अलग-अलग कैडर के शिक्षकों में वरिष्ठता की जंग
समस्या: स्कूलों में इस समय तीन श्रेणियों के शिक्षक कार्यरत हैं—पुराने नियोजित शिक्षक, सक्षमता परीक्षा पास कर चुके विशिष्ट शिक्षक और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) से बहाल विद्यालय अध्यापक। जब भी स्कूल में हेडमास्टर का पद खाली होता था, तो यह तय करना मुश्किल हो जाता था कि इनमें से सीनियर कौन है, क्योंकि सबकी बहाली के नियम और साल अलग-अलग थे।
समाधान: सरकार ने 'कैडर' या 'बहाली के स्रोत' के अंतर को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब वरिष्ठता तय करने का एकमात्र मुख्य आधार "प्रशिक्षित वेतनमान पाने की तिथि" को बनाया गया है। यानी जिस भी शिक्षक को ट्रेनिंग के बाद का वेतनमान पहले मिला है, वही सीनियर माना जाएगा, चाहे उनकी बहाली किसी भी माध्यम से हुई हो।
2. एक ही तिथि पर बहाल शिक्षकों का टकराव (टाई-ब्रेकर नियम)
समस्या: कई बार ऐसी स्थिति बनती थी जब एक ही स्कूल में कार्यरत दो या दो से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित वेतनमान एक ही तिथि से मिलना शुरू हुआ था। ऐसी स्थिति में प्रभार सौंपने को लेकर स्कूलों में विवाद और अदालती मामले बढ़ते थे।
समाधान: सरकार ने इसके लिए एक अचूक और निष्पक्ष 'टाई-ब्रेकर' फॉर्मूला लागू कर दिया है, जिसमें किसी भी स्तर पर पक्षपात की गुंजाइश नहीं बचेगी:
पहला चरण (उम्र): यदि प्रशिक्षित वेतनमान की तिथि समान है, तो जन्म तिथि के आधार पर जो शिक्षक उम्र में बड़े होंगे, उन्हें वरिष्ठ माना जाएगा।
दूसरा चरण (अंग्रेजी वर्णमाला): यदि वेतनमान की तिथि और जन्म तिथि दोनों समान निकलती हैं, तो अंग्रेजी डिक्शनरी (Alphabetical Order) के अनुसार जिस शिक्षक का नाम पहले अक्षर से शुरू होगा, उन्हें वरिष्ठ मानकर प्रभार दिया जाएगा।
3. योग्यता और अनुभव की अनदेखी
समस्या: पूर्व में कई बार स्थानीय प्रभाव या स्पष्ट नियमों के अभाव में जूनियर या बिना आवश्यक ट्रेनिंग वाले शिक्षकों को भी स्कूल का प्रभारी बना दिया जाता था, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती थी।
समाधान: सरकार ने अब हर स्तर के स्कूल के लिए न्यूनतम अध्यापन अनुभव और शैक्षणिक योग्यता को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है।
स्कूल स्तर पर अनुभव और योग्यता की नई शर्तें
विभिन्न श्रेणियों के स्कूलों में प्रभारी प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक का जिम्मा संभालने के लिए निम्नलिखित मानक तय किए गए हैं:
1. माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9 से 12)
कक्षा 9-10 (माध्यमिक): स्थानीय निकाय शिक्षक/विशिष्ट शिक्षक/विद्यालय अध्यापक के रूप में कक्षा 9 से 10 में न्यूनतम 08 वर्ष का अध्यापन अनुभव अनिवार्य है।
कक्षा 11-12 (उच्च माध्यमिक): कक्षा 11 से 12 में न्यूनतम 04 वर्ष का अध्यापन अनुभव होना आवश्यक है।
अनिवार्य योग्यता: माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद का प्रभार केवल बी.एड. (B.Ed.) योग्यताधारी शिक्षक को ही दिया जा सकता है।
2. मध्य विद्यालय (कक्षा 6 से 8)
मध्य विद्यालय में प्रभार के लिए कक्षा 6 से 8 के शिक्षक के रूप में न्यूनतम 04 वर्ष का अनुभव आवश्यक है।
यदि इस श्रेणी के योग्य शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, तो कक्षा 1 से 5 के उन शिक्षकों को प्रभार दिया जा सकता है जिन्हें न्यूनतम 08 वर्ष का शिक्षण अनुभव प्राप्त हो।
3. प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5)
प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक का प्रभार लेने के लिए न्यूनतम 08 वर्ष का अनुभव होना जरूरी है।
अनिवार्य योग्यता: प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में प्रभार सौंपने के लिए संबंधित शिक्षक के पास प्रारंभिक शिक्षा शास्त्र में द्विवर्षीय डिप्लोमा (D.El.Ed. या समकक्ष) होना अनिवार्य है।
महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश:
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नया आदेश दिनांक 22.11.2025 को जारी विभागीय आदेश ज्ञापांक-4206 के लागू होने की तिथि से ही प्रभावी माना जाएगा। पूर्व में जारी अन्य दिशा-निर्देश यथावत रहेंगे।
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि बिहार के सभी मुख्य सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी (DM), जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है। इस ऐतिहासिक फैसले से स्कूलों में प्रशासनिक पारदर्शिता आएगी, मुकदमों में कमी आएगी और शैक्षणिक माहौल बेहतर होगा।
मेरे facebook Account hacked कर लिया गया कैसे हैकर द्वारा इस पेज पर हैकर द्वारा बहुत हो आपत्तिजनक पोस्ट डाली जा रही है कृपया इस पेज को बंद करवा दे।
@bihar_police@ArariaP
https://t.co/E5WOpxEcxR
बिहार में शिक्षक बहाली का रास्ता साफ 35 हज़ार पर बहाली होगी सामान्य प्रशासन को शिक्षा विभाग ने भेजी रिक्तिया. कोई सूत्र नहीं पक्की खबर. बीपीएससी में भी तैयारी शुरू होगी आयोग के नए कैलेंडर पर मत जाईये
#WATCH | Delhi | SC stays UGC regulations 2026, TMC MP Kalyan Banerjee says," Supreme Court has done the right thing as the UGC guideline was unconstitutional..."
शाहरुख खान निर्मित फिल्म "राहुल गांधी" बन कर पूर्ण हो गई है राहुल गांधी जी का रोल अदा कर रहे है शाहरूख खान जिसका टिजर रिलिज किया गया ___ 👌👌👌👌👌👌👌
@RahulGandhi#RahulGandhi
"पंडित नेहरू का योगदान अद्भुत है..." 'घर जैसी बातें' में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जीवन और उनके योगदान को लेकर क्या बोले सौरभ द्विवेदी?
@saurabhtop#JawaharlalNehru
भारत एक ऐसा देश है जहां आप पब्लिक में पेशाब तो कर सकते हैं,
लेकिन पब्लिक में अपने पार्टनर को Kiss नहीं कर सकते हैं।
भारत ऐसा देश है जहां अजनबियों से बात करना खतरनाक माना जाता है,
लेकिन एक अजनबी से शादी करना ठीक है।
~ शशि थरूर (कांग्रेस सांसद)
▶️जावेद अख्तर ने कहा कि अगर खुदा सर्वव्यापी और दयालु है, तो वह वहां हो रही तबाही को कैसे अनदेखा कर सकता है।
▶️ उन्होंने कहा, "अगर आप सर्वशक्तिमान हैं और हर जगह मौजूद हैं, तो गाजा में भी होंगे।
वहां बच्चों के चीथड़े उड़ते आपने देखे होंगे।
▶️ फिर भी आप चाहते हैं कि मैं आप पर विश्वास करूं?" उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "उसके मुकाबले हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहतर हैं, कुछ तो ख्याल करते हैं।"
#PMModi #JavedAkhtar
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