@neha_aisa दो-चार तिलचट्टे बटोर लेने से कोई क्रांतिकारी नहीं बनता! देश का युवा तुम्हारी इस फर्जी संस्था की असलीयत समझ चुका है। क्रांति का नाटक करने वाले ये स्वार्थी दल्ले सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए देश को दांव पर लगाए हैं। लांड सलाम😄
@subhajit_n ब्लू सैनिक दिन भर मजदूरी करके पैसा कमाओ और शाम को दारू अंडा खा के सो जाओ और दोष दो सामान्य वर्ग के लोगों को। सवर्ण एक वक्त खाना नहीं खाएगा लेकिन अपने बच्चों को जरूर सही शिक्षा देता है, सरकार तो मर ही गई है तो क्या इसका अर्थ ये है कि अपने माता पिता होने का दायित्व भी ना निभाया जाए
सीने पर शान से जनेऊ सजाकर सूरज ने स्क्वैश में गोल्ड क्या जीता, ब्राह्मणवाद का छाती-पीटू रोना रोने वाले लिब्रांडु गैंग के मुँह में अचानक दही जम गया है।
अब इन सेकुलरों को समझ नहीं आ रहा कि भारत के पहले गोल्ड मेडल पर ताली बजाएँ, या जनेऊ देखकर चुपचाप कोने में बैठकर बरनॉल मलें!
@AjeetBhartii ऐसी ही वामपंथी एवं कुलीन विचारधारा वाली लड़कियों को अपने दलित मित्रों के साथ रोटी बेटी का संबंध रखना चाहिए। एक तीर से दो निशाना हो जाएगा, हमको इनसे छुट्टी मिल जाएगा और तथाकथित आरक्षण भिक्षु समाज को ब्राह्मण बनने का सौभाग्य प्राप्त हो जाएगा। शर्म करते होंगे इसके पिता - माता😕
बाप - दादा मर गए दूसरे की बेगारी करते-करते और बच्चे चले हैं देश से निकालने। अब क्या ये डायरेक्ट थ्रेट नहीं है, ऐसे गाँडू प्रजातियों को माइक देने से पहले सोचना चाहिए मुँह खोलते ही शौच करने लग जाते हैं।
@RajratnaWrites ये कैसी दोगले बात है, पहले तो आप बोलते हो कि सभी संपत्तियों एवं बड़ी पोस्टों पर सवर्णो ने कब्जा कर रखा है अब बोल रहे SC/ST भी टैक्स देते हैं। चिल्लर खर्चने को टैक्स नहीं कहते हैं, पहले समाज उस ब्रैकेट में तो आए फिर ये बाकचोदी करना और हाँ, आरक्षण भीख ही है।
11 अगस्त 1908, मां भारती की स्वाधीनता के लिए 18 वर्ष की अल्पायु में फांसी के फंदे को चूमने वाले अमर शहीद खुदीराम बोस को मेरा प्रणाम🙏
युवाओं को उनके अंतिम शब्दों को याद रखना चाहिए "मैं अपने देश की आज़ादी के लिए मरना चाहता हूँ। फाँसी के बारे में सोचकर मुझे ज़रा भी दुख नहीं होता।"
@ram_narayan123 अरे नवबुद्धू इनकम टैक्स देने के लिए आपको अभी 12 लाख प्रतिवर्ष या अधिक आय करना पड़ता है, भीम आर्मी चीफ़ इतना चिल्लर तो नहीं फेंकता होगा कि जिससे तुम सारे ब्लू सैनिक उस दायरे में आ पाओ, किस झांटू किताब से शिक्षा ले रहे हो। तुम लोग आंबेडकर की तरह 32 डिग्रियां क्यों नहीं ले लेते?
@ajeetbharti गज़ब का दोहरा मापदंड है! सहूलियत के हिसाब से आज शोषित बन जाओ ताकि आरक्षण का लाभ मिले, और कल इतिहास का दंभ भरने के लिए पूर्वजों को सबसे बड़ा योद्धा बता दो। जब तक समाज बैसाखियों में अपना गौरव तलाशेगा, तब तक आत्मसम्मान का दावा झूठा ही रहेगा।
#जयभवानी🚩
@AjeetBhartii अति अद्भुत दृश्य है, आज तो थोड़ा दर्शन भी हो गया उस दिन राज्यसभा वाले वीडियो में तो बड़ी शानदार तरीके से ले लिया था और किसी को पता भी नहीं चला। 'सुरती' मादक नहीं होता है बौद्धि वर्धक प्रसाद है 😄