A minor dispute over moving a vehicle in Suddhowala, Premnagar, Dehradun escalated into a street fight late at night on Friday.
A video of the incident shows people from both sides fighting with sticks. One person is also seen pulling out and loading a pistol during the confrontation.
Police arrested three people in connection with the incident:
Gaurav, Chandan Ki Pulia, Ward 9, Premnagar
Manish Negi, Manduwala, Premnagar
Neeraj Rajput, 40, Bhauwala, Selaqui
ये @narendramodi भगवान नहीं, चूसा हुआ आम है, इसके लिए नरेंद्र मोदी चालीसा नहीं नरेंद्र मोदी भगाओ चालीसा बननी चाहिए। अब जिन सनातनियों की धार्मिक भावनाएं आहत होती रहती थी, आज एक गटर से गैस निकालने वाले को भगवान बना दिया। अब तुम्हारी भावनाएं कहां भाग गई है? जिंदा है या मर गई?
सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते,
कोई बात नहीं थी…
जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई?
मैं इस अहंकार को देख चुका हूँ करीब से और मानता हूँ ऐसा आचरण सिर्फ़ पतन लाता है!
@jayantrld बड़ा दुर्भाग्य रहा की चौधरी चरणसिंह जी के बाद ना तो क़ोई नेता जाटों का हुआ ओर ना ही जाट किसी नेता के हुए... अब सब कहे जाए की जाट रॉयल है.. संगठित रहना बहुत ज्यादा जरूरी है..
सवर्णों तुम कसम खा लो कि अब भाजपा के सिंबल पर अगर तुम्हारे मां -बाप -भाई -बहन या कोई सगा रिश्तेदार ही चुनाव क्यों न लड़े लेकिन तुम उसे कभी वोट नहीं दोगे!
सवर्णों की सबसे बड़ी दुश्मन भाजपा है... पहचान लो वरना आने वाली पीढ़ियां तुम्हे कभी माफ नहीं करेंगी 🙏
सवर्णों तुम कसम खा लो कि अब भाजपा के सिंबल पर अगर तुम्हारे मां -बाप -भाई -बहन या कोई सगा रिश्तेदार ही चुनाव क्यों न लड़े लेकिन तुम उसे कभी वोट नहीं दोगे!
सवर्णों की सबसे बड़ी दुश्मन भाजपा है... पहचान लो वरना आने वाली पीढ़ियां तुम्हे कभी माफ नहीं करेंगी 🙏
स्टील फैल और कागज़ से भी पतला मिलिए भविष्य के महा-पदार्थ ग्राफ़ीन से...!!😲
यह कागज़ से 10 लाख गुना पतला हैं लेकिन स्टील से 200 गुना मजबूत। कार्बन परमाणुओं की यह एकल परत इतनी हल्की और लचीली है कि यह भविष्य की तकनीक को पूरी तरह बदल देगी।
सुपर फ़ास्ट चार्ज होने वाली बैटरियों से लेकर लचीले स्मार्टफ़ोन और बुलेटफ्रूफ जैकेट तक ग्राफीन आने वाले कल का असली गेम-चेंजर हैं।
भारत में शिक्षा एक घोटाला है जिसे हम एजुकेशन सिस्टम कह देते हैं।
हमारे यहाँ स्कूल विद्या का मंदिर नहीं बल्कि शिक्षा का बाज़ार है।
आपको याद होगा...
चपरासी के 368 पदों के 23 लाख से ज्यादा आवेदन आए थे, जिसमें 250 से ज्यादा PHD होल्डर थे।
हमारा शिक्षा सिस्टम सिर्फ़ टाइम पास की डिग्री देता है जो केवल क्लर्क बनाता है,
शिक्षा दिमाग खोलने के बजाय आपको कुंठित नौकर से ज्यादा कुछ नहीं बनने देता।
मौजूदा शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद में गुलामी भरी है। जिसमें आदेश मानने की ट्रेनिंग दी जाती है सवाल पूछने और रिसर्च से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं।
कुछ भूरे अंग्रेजों के बच्चों को देखकर राय मत बनाइए जो AC क्लास रूम से निकलते ही सीधे उड़कर विदेशी यूनिवर्सिटी में पहुँच जाते हैं।
अपने खोखलेपन की गहराई को नापिए, मात्र अंग्रेजी बोल लेने वाले को हमारे यहाँ विशेष विद्वान समझ लिया जाता है।
शिक्षा को अमीरों की जागीर के चंगुल से बाहर निकालिए।
आधे बच्चे मिड-डे मील के लिए स्कूल जाते हैं, VIP स्कूल खत्म कराकर सबके लिए एकसमान स्कूल किए बिना न बेहतर समाज बनेगा ना ही विकसित देश।
👉ब्रो का नाम पंकज है।
👉ब्रो छतरपुर, मध्यप्रदेश के रहने वाले है।
👉ब्रो का महोबा में कपड़ों का शो रूम था।
👉ब्रो की शादी 2018 में आरती अहिरवार से हुई।
👉ब्रो की दो बेटी और एक बेटा है।
👉ब्रो का कोरोना काल में सारा बिजनेस डूब गया।
👉ब्रो की पत्नी आरती ने कहा कि मैं पढ़ाई करना चाहती हूँ ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति होने पे परिवार पे कोई खतरा न मंडराए।
👉ब्रो ने अपनी जमा पूंजी और शोरूम बंद कर के आरती को पीजी,बीएड और अन्य डिप्लोमा कोर्स करवाया।
👉ब्रो घर में रह कर बच्चों का देखभाल करता और सारे घरेलू कार्य करता और पत्नी बाहर पढ़ने को जाती।
👉ब्रो की पत्नी का चयन सरकारी टीचर के रूप में हो गया।
👉ब्रो की पत्नी का टीचर में चयन होते ही तेवर बदल गए। कोई भाव-साव नहीं देने लगी।
👉ब्रो बहुत आहत हुए कि जिसके लिए सबकुछ किया वो अब भाव नहीं दे रही है।
👉ब्रो जब भी इस बाबत पत्नी शिक्षिका से पूछता कि ऐसा क्यों बिहेव कर रही हो मेरे साथ तो पत्नी सीधे-सीधे एक ही लफ्ज़ कहती कि निकल जाओ घर से, तुम्हारा कोई जरूरत नहीं है इस घर में।
👉ब्रो एक दिन जोर-जबरी से जानने का प्रयास किया तो शिक्षिका पत्नी ने अपने भाई को बुला घर में कैद करके रुई के बोरे के माफ़िक इनको धून दिया।
👉ब्रो घायल अवस्था में छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचा.. फिर वहाँ से कपार में बड़का पट्टी बांध कर थाने पहुँचा जहां वो न्याय का गुहार लगा रहा है।
👉ब्रो के साथ सारा पीड़ित पुरुष वर्ग साथ है।
👉ब्रो के समर्थन में आवाज़ उठाइये।
👉ब्रो का नाम पंकज है।
👉ब्रो छतरपुर, मध्यप्रदेश के रहने वाले है।
👉ब्रो का महोबा में कपड़ों का शो रूम था।
👉ब्रो की शादी 2018 में आरती अहिरवार से हुई।
👉ब्रो की दो बेटी और एक बेटा है।
👉ब्रो का कोरोना काल में सारा बिजनेस डूब गया।
👉ब्रो की पत्नी आरती ने कहा कि मैं पढ़ाई करना चाहती हूँ ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति होने पे परिवार पे कोई खतरा न मंडराए।
👉ब्रो ने अपनी जमा पूंजी और शोरूम बंद कर के आरती को पीजी,बीएड और अन्य डिप्लोमा कोर्स करवाया।
👉ब्रो घर में रह कर बच्चों का देखभाल करता और सारे घरेलू कार्य करता और पत्नी बाहर पढ़ने को जाती।
👉ब्रो की पत्नी का चयन सरकारी टीचर के रूप में हो गया।
👉ब्रो की पत्नी का टीचर में चयन होते ही तेवर बदल गए। कोई भाव-साव नहीं देने लगी।
👉ब्रो बहुत आहत हुए कि जिसके लिए सबकुछ किया वो अब भाव नहीं दे रही है।
👉ब्रो जब भी इस बाबत पत्नी शिक्षिका से पूछता कि ऐसा क्यों बिहेव कर रही हो मेरे साथ तो पत्नी सीधे-सीधे एक ही लफ्ज़ कहती कि निकल जाओ घर से, तुम्हारा कोई जरूरत नहीं है इस घर में।
👉ब्रो एक दिन जोर-जबरी से जानने का प्रयास किया तो शिक्षिका पत्नी ने अपने भाई को बुला घर में कैद करके रुई के बोरे के माफ़िक इनको धून दिया।
👉ब्रो घायल अवस्था में छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचा.. फिर वहाँ से कपार में बड़का पट्टी बांध कर थाने पहुँचा जहां वो न्याय का गुहार लगा रहा है।
👉ब्रो के साथ सारा पीड़ित पुरुष वर्ग साथ है।
👉ब्रो के समर्थन में आवाज़ उठाइये।
एक कहावत हम सब ने सुनी है ‘भैस बड़ी या बुद्धि’
यह लड़की पिछले कई सालों से शहर में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी, लेकिन इसका सिलेक्शन नहीं हुआ
हिम्मत हार कर लड़की NEET की तैयारी छोड़ कर घर लौट आई, फिर गाय भैस ख़रीद कर डेयरी फ़ार्म खोल लिया
मेरा मानना है एक समय तक ही शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए उसके बाद पैसे कमाने के लिए कुछ तो करना ही पड़ेगा
जब विचारों को ही खतरा घोषित किया जाने लगे, तो सवाल जरूरी है—देश को हिंसा से बचाया जा रहा है या असहमति से?
लोकतंत्र में हर असहमति “दिमाग़ी नक्सलवाद” नहीं होती।
#DimagiNaxal#Dissent#Democracy#FreedomOfSpeech
कांवड़ यात्रा है या सड़कों पर मनमानी का लाइसेंस?
कचरा फैलाना, रास्ते रोकना और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ना , क्या इसे भी आस्था के नाम पर जायज मान लिया जाए?
#KanwarYatra#CivicSense#Governance