सदगुरू देते भवरोग से मुक्ति की युक्ति..
मन के रोग कब दूर होंगे ?
विषय-विकार को छोड़कर संयम के साथ-साथ जब व्यक्ति भक्तिपूर्वक भगवान की भक्ति करेगा तो उसके मन के रोग दूर हो जाएंगे ।
अंक 356, अगस्त 2022, पेज 11
#RishiDarshan#RishiPrasad#AsharamjiBapu#SantShriAsharamjiBapu#Bapuji
चातुर्मास में पति-पत्नी का सांसारिक व्यवहार न करने का व्रत लें तो आपका बल बुद्धि ओज और तबियत अच्छी रहेगी । व्रत और उपवास अपने जीवन में छुपी हुई शक्तियों को विकसित करते हैं ।
#AsharamjiBapuQuotes
विश्वकर्मा द्वारा सूर्य के तेज से दिव्य अस्त्रों के निर्माण की कथा केवल पौराणिक प्रसंग नहीं, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अनियंत्रित शक्ति जब ज्ञान, संतुलन और विवेक से संचालित होती है, तभी लोककल्याण का आधार बनती है। पूरी पोस्ट पढ़े 👉🏻 https://t.co/YxRmP1HM7u
#Vishwakarma
जिनको पित्त की तकलीफ है, वे अगर भुखामरी थोड़ी भी करें तो मणिपुर केंद्र में क्षोभ पैदा होता है और पित्त बढ़ता है। पित्त मिटाने के लिए पिसा हुआ धनिया और शक्कर ठंडे पानी में घोट कर पीने से कितना भी तेज पित्त हो, शमन हो जाएगा। सिर में दर्द है पित्त के कारण ,तो गाय के घी का गुनगुना नस्य लेने से पित्त शमन होता है, सिरदर्द गायब हो जाएगा। टक रहित दही अर्थात खट्टा दही न हो और थोड़ा सा शक्कर मिलाओ, वो भी पित्त शमन करेगा। पके हुए बेल, ईख के रस से बनी वस्तुएं, पित्त शमन करेंगी।
#AsharamjiBapu
@RishiPrasadOrg@RishiDarshan#GuruPurnima was celebrated with great devotion by the sadhaks at Sant Shri Asharamji Ashram, #Bengaluru.
The event witnessed the heartfelt participation of hundreds of #Bengalurians, reflecting the enduring faith in #Bapuji.
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आज का सुविचार
पूज्य संत श्री आशारामजी बापू
सद्गुरु से प्राप्त मंत्र को श्रद्धा-विश्वास पूर्वक जपने से कम समय मे ही लक्ष्यप्राप्ति होती है।
#Balsanskarkendra
प्रयत्नपूर्वक करें वीर्य की रक्षा
भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं :
वीर्य को आत्मा बताया गया है । वह सबसे श्रेष्ठ देवता है । इसलिए सब प्रकार का प्रयत्न करके अपने वीर्य की रक्षा करनी चाहिए ।
अंक 356, अगस्त 2022, पेज 19
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चातुर्मास में भगवान नारायण शेषशय्या पर योगनिद्रा में विश्रांति योग करते हैं । इस दिनों में शादी-विवाह वर्जित है । एक बाल्टी में दो-तीन बिल्व पत्ते डालकर "ॐ नम शिवाय" जप करते हुए स्नान करें तो तीर्थों में स्नान करने का फल हो जाता है ।
#AsharamjiBapuQuotes
जिसको ईश्वर के लिए तड़प होती है उसको वह मिलता, मिलता, मिलता ही है और मिलने के रास्ते भी बताता है, मिलने के साधन एवं संतों से भी मिलवा देता है। ईश्वर जितना महान है, उतना सुलभ भी है ।
#AsharamjiBapuQuotes
गर्भ उपनिषद जीवन, चेतना और गर्भस्थ शिशु के विकास पर गहन दार्शनिक दृष्टि प्रस्तुत करता है, जबकि आधुनिक भ्रूण विज्ञान उसी यात्रा को वैज्ञानिक शोध से समझाता है। दोनों का संवाद ज्ञान को समृद्ध बनाता है। पूरी पोस्ट पढ़ें 👉🏻 https://t.co/2UcilaC1XG
#GarbhaUpanishad#Embryology
आत्मज्ञान पाना कठिन नहीं है। आत्म शांति पाना कठिन नहीं है। अपने दिल में राम का आराम पाना कठिन नहीं है, लेकिन आराम पाए हुए महापुरुषों का मिलना कठिन है। परमात्मा का आराम पाना कठिन नहीं है, क्योंकि परमात्मा तो सर्वत्र है और राम तो रोम-रोम में बसा है। कठिन कहाँ है? लेकिन उस राम का रस प्रगट कराने वालों की मुलाकात कठिन है। मुलाकात हो गई तो उनकी पहचान कठिन है। पहचान हो गई तो उनमें श्रद्धा होना कठिन है। श्रद्धा हो गई तो उसमें सदा टिकना कठिन है और टिक गई तो महाराज फिर दोबारा जन्म-मरण के दुखों में आना कठिन है।
#AsharamjiBapu
#shorts
जब मिली हुई वस्तु में ममता नहीं रही और मिली हुई देह में अहंता नहीं रही तो अहंता-ममता मिटने से चित्त में आ गई समता।
जब समता आई तो सामर्थ्य आएगा,विश्रांति आएगी,भय-रहित हो गए,चिन्ता-रहित हो गए,तो आपका जीवन सामान्य जीवन से ऊँचा हो गया। आप एक विशेष पुरुष हो गए।
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ईश्वर के रास्ते जाने से जो रोकते हैं वे बड़ा अपराध,बड़ा पाप तो करते हैं परंतु उनके कहने से यदि हम रुक जायें तो उनको और महापाप लगेगा और हम रुके नहीं तो वे महापाप से बच जाएंगे।
- पूज्य बापूजी
अंक 356, अगस्त 2022, पेज 4
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समाज का जितना कानूनी ढंग से भला नहीं होता, उससे करोड़ गुना भलाई सत्संग के द्वारा, मंदिरों, धार्मिक संस्थाओं के द्वारा होता है। परदेस के लोग नींद नहीं कर पा रहे, भारत के लोग इतने शोषित होने के बाद भी आराम की नींद करते हैं ये सब धार्मिक स्थानों को यश जाता है।
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हे ऋषिभूमि के सपूतो ! उठो, जागो ! भोगवाद की आँधी में मत बहो, तुम परमात्मा के अमृतपुत्र हो ! अपने आत्मस्वरूप को जाने बिना रुको मत ।
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