I really hope this massive L forces the @narendramodi govt to take public grievances and feedback seriously. Ministers may be incompetent or working for vested interests but buck stops at you only. To begin with, please consider changes in ethanol imposition and adhere to original deadlines for sake of middle class.
JPSC और JSSC के घोटाले जिस तरह से उजागर हो रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि हेमंत सोरेन नौकरी बेचने के आरोप में भी जेल चले जाएं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी!
#jpsc#jssc#jharkhand
थोड़ी बहुत तकरार और ढीली ज़बान में बोली गई बातों छोड़ दें तो शायद यह सबसे सफल आंदोलन रहा है और इसके लिए देश के छात्र, CJP और तमाम मुखर आवाज़ चाहे वह विपक्ष के नेता,सेलेब्रिटीज़ और पत्रकार हो सब धन्यवाद के पात्र है।
उम्मीद है कि शिक्षा व्यवस्था बदलेगी और राजनीति में मुद्दा बनेगा।
झारखण्ड सरकार के माननीय कैबिनेट मंत्री सह गिरिडीह विधानसभा के लोकप्रिय विधायक श्री सुदिव्य कुमार सोनू जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ, बधाई एवं जोहार!
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा जिला समिति जामताड़ा आपके सुखद, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करती है।
@kumarsudivya
आंदोलन, युवा और इतिहास
देश में कई सफल आंदोलनों का नेतृत्व पूर्व में भी युवाओं ने ही किया है। लेकिन इस बार रील्स, मिम्स और जेन जी के अलग अलग अंदाज के विजुअल्स जब सामने आए तो देशभर में घर घर तक इसकी चर्चा हुई। लोगों का सहज जुड़ाव भी होता गया।
ब्रिटिश भारत में भी भगत सिंह व उनके साथियों के ट्रायल और फांसी से देशभर में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ माहौल बनने के लेख हम पढ़ते हैं।
देश की आजादी के बाद हिंदी को आधिकारिक सरकारी भाषा के तौर पर स्थापित करने का विरेाध दक्षिण के राज्यों में हुआ। चिन्नासामी नाम के छात्र के आत्मदाह, अन्नामलाई विवि के छात्र राजेंद्रन की पुलिस फायरिंग में मौत के बाद दक्षिण राज्यों में युवाओं का हिंदी विरोधी आंदोलन मुकाम पर पहुंचा। आज भी अंग्रेजी आधिकारिक भाषा के तौर पर स्थापित है।
1955 का पटना छात्र आंदोलन हुआ। बस का किराया बढ़ाने के विरोध में छात्रों ने आवाज उठाई, जिसके बाद सरकार को झुकना पड़ा और परिवहन मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा।
1974 का गुजरात नवनिर्माण आंदोलन, कॉलेज के हॉस्टल में खाने का खर्च (फीस) बढ़ने के खिलाफ शुरू हुआ ।यह युवा आंदोलन इतना बढ़ा कि वहां की सरकार भंग करनी पड़ी।
1974-75 का जेपी आंदोलन बिहार से शुरू हुआ। यह छात्र-युवा आंदोलन भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ था, जो बाद में देशव्यापी आपातकाल (1975) के विरोध का मुख्य आधार बना और सत्ता परिवर्तन का कारण बना।
1979-1985 का असम आंदोलन ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के नेतृत्व में अवैध प्रवासियों के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन हुआ, जिसके परिणामस्वरूप असम समझौता संपन्न हुआ।
1990 के दशक में मंडल कमीशन के खिलाफ दिल्ली विवि के छात्र राजीव गोस्वामी ने आत्मदाह का प्रयास किया। देशभर में इस वाकये के बाद विरोधी प्रदर्शन हुए। इस दौर में देश मंडल- कमंडल की राजनीति में प्रवेश कर गया था। छात्रों के विरोध के कारण वीपी सिंह की वापसी दुबारा नहीं हो पायी।
गुदा है झारखंड में JPSC और JSSC के पेपर लीक और घोटाले पर आंदोलन करके दिखाओ।
इसमें कम से कम 10 लाख युवा प्रभावित हैं।
चलो छोड़ो, एक पोस्ट ही करके दिखा दो
कुछ लोग कह रहे हैं कि अब कोई भी आंदोलन करने करके अपनी बात मनवा लेगा —यह सिर्फ कुतर्क है।
अगर नीतियां सही होंगी और मंशा साफ,तो झुकने की नौबत ही क्यों आएगी?पहले भी जायज जन-आक्रोश के आगे सरकारों ने फैसले बदले हैं और इस्तीफे हुए हैं।
अहंकार नहीं, जवाबदेही ही लोकतंत्र की नींव है!
>झारखंड के बच्चों का जीवन खराब करने वाले
>उनको नौकरी का चूर्ण देने वाले
>एक भी परीक्षा ठीक से न करवा पाने वाले
>भर्तियों में अपने लोगों को लाभ देने वाले
@HemantSorenJMM कब इस्तीफा दोगे और कब इस्तीफा लोगे?
झारखंड के हर ईमानदार छात्र को कमिशन के बाहर बैठ कर धरना देना चाहिए,
क्योंकि भाजपा साथ देगी नहीं, कॉंग्रेस और अन्य पार्टियाँ कभी बोलेंगी नहीं, अगर अपना हित चाहते हो तो निष्पक्ष जाँच, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगों ,
मैं लिख के देता हूँ इस देश का भांड और बिका हुआ मीडिया तुम्हारा साथ नहीं देगा, आवाज उठाने से कुछ नहीं होगा, अपने हक की लड़ाई लड़ने जाओ।
आज क्षद्म साक्षात्कार के समय ये निकल कर सामने आया कि चैट जीपीटी आदि उपकरणों के अधिकाधिक प्रयोग से लोगो में नवोन्मेषशालिनी प्रज्ञा क्षीण हो रही है ! ये स्थिति चिंताजनक है ! लगभग सभी औसत ही थे ! एक थोड़ा सा बेहतर बच्चा भी दिखा जो शायद साक्षात्कार के समय भी अपने जीवन के अन्य +
जोहार 🙏🏻
क्या ऐसा नहीं होना चाहिए कि JPSC एवं JSSC की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मुद्दे पर झारखंड के युवा शांतिपूर्ण और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएँ?
जब तक इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम न उठाए जाएँ, तब तक आंदोलन जारी रहे।
क्या भाजपा में कोई ऐसा नेता नहीं है जो युवाओं के भविष्य के लिए अनशन पर बैठने का साहस दिखाए?
जिनसे आपने अच्छे से बात की हो, शिष्टाचार निभाये हों और किसी अन्य क्षेत्र के साझा रुचि की वजह से बातचीत हुई हो , उनसे राजनीतिक मंतव्यों हेतु विवाद कर लेना मुझे तो असंगत लगता है ! अभी ऐसे दो सुहृदों को ऐसा करते देख रहा हूँ ! राजनैतिक अपेक्षाएँ सबकी भिन्न हैं एवं सबको अधिकार है ! +
न्यूज नहीं देखते क्या कर्नाटक में जुलाई में ही KPSC वेटनरी की भर्ती 40-70 लाख रुपए में हुई ।
पंजाब अभी पेपर लीक हुआ है ।
फार्मेसी का। वहां का इस्तीफा क्यों नहीं लेते ये लोग दही क्यों जमा है ।
झारखंड में स्कैम ही स्कैम है वहां कौन इस्तीफा देगा ।
दोगलापन नहीं चलने वाला
इस बार आप लोगों ने नोटिस किया हो तो
"ये सरकार के साथ खड़े होने का समय है"
टाइप के पोस्ट देखने को नहीं मिले इस बात का मुझे गहरा दुख है 😒 कहां जा रहा है हमारा समाज ?🤭
अब ये मत कहना -जंतर मंतर 🤣
JPSC Backlog :
100 में महज 32 सवालों के जवाब दिए अभ्यर्थी ने,15 जवाब सही मिले और प्रारम्भिक परीक्षा उत्तीर्ण
NEET पे तो आप @DipikaPS पूरा लिखे जा रही अच्छी बात है लेकिन ये जो झारखंड में हो रहा है इसपे चुपी क्यों
झारखंड के बच्चों का दर्द, तकलीफ नहीं दिख रहा है
@HemantSorenJMM