#किसानमजदूरबचेगा_तभी_देशबचेगा
पीने के पानी के भीषण संकट से जूझ रहे छुड़ानी धाम (झज्जर, हरियाणा) की 6,000 की आबादी को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन के 17 बार चक्कर काटने के बाद भी यहाँ दूषित पानी पीने की लाचारी थी। संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" के तहत मात्र 12 घंट
#किसानमजदूरबचेगा_तभी_देशबचेगा
अपनी ज़मीन होने के बावजूद 30 साल से मोल का अनाज खरीद रहे अहरवा (पलवल, हरियाणा) के किसानों के दुख का अंत होने जा रहा है। यहाँ के 150 एकड़ 'ताली' क्षेत्र के दलदल को सुखाने के लिए संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" ने मोर्चा संभाला है।
#किसानमजदूरबचेगा_तभी_देशबचेगा
वनवासा, सोनीपत (हरियाणा) गाँव पिछले 60 सालों से करीब 80-100 एकड़ कृषि भूमि पर भीषण जलभराव की मार झेल रहा था। संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गाँव को तुरंत 7,000 फीट लंबी पाइप
Farmers Savior SantRampalJi
@VishalDas2019#किसानमजदूरबचेगा_तभी_देशबचेगा
बरसाती पानी के गहरे भराव से त्रस्त मंडनाका (पलवल, हरियाणा) के किसानों को आख़िरकार राहत मिल गई है। यहाँ की 1,000 एकड़ कृषि भूमि पिछले 7-8 सालों से दलदल बनी हुई थी। प्रशासन की बेरुखी के बीच, संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" ने गाँव की
#किसानमजदूरबचेगा_तभी_देशबचेगा
बरसाती पानी के गहरे भराव से त्रस्त मंडनाका (पलवल, हरियाणा) के किसानों को आख़िरकार राहत मिल गई है। यहाँ की 1,000 एकड़ कृषि भूमि पिछले 7-8 सालों से दलदल बनी हुई थी। प्रशासन की बेरुखी के बीच, संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" ने गाँव की
#किसानमजदूरबचेगा_तभी_देशबचेगा
हरियाणा के छुड़ानी धाम (झज्जर) में संत रामपाल जी महाराज के किसान-मजदूर बचाओ अभियान के अंतर्गत 13,000 फीट पाइपलाइन और 20 HP मोटर देकर हजारों ग्रामीणों के पेयजल संकट को दूर करने की पहल की गई।
Farmers Savior SantRampalJi
#किसानमजदूरबचेगा_तभी_देशबचेगा
ऐतिहासिक कबलाना (झज्जर, हरियाणा) गाँव के बचे हुए 200 एकड़ बंजर हिस्से को आबाद करने के लिए सहायता का दूसरा चरण शुरू हो गया है। पूर्व में मिली 17,000 फीट पाइपलाइन और 2 मोटरों के बाद, अब मात्र 12 घंटों के भीतर गाँव को 15,000 फीट नई पाइपलाइन पहुँचा दी गई
#रोटीकपड़ा_चिकित्सा_शिक्षामकान
जो परिवार भूखे सोने को मजबूर थे, उनके पास बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। ऐसे कठिन समय में परम संत रामपाल जी महाराज जी की 'अन्नपूर्णा मुहिम' ने उनके जीवन में मदद और उम्मीद की नई किरण जगाई। देखें Annapurna Muhim YouTube Channel
AnnapurnaMuhim SantRamp
#रोटीकपड़ा_चिकित्सा_शिक्षामकान
जो परिवार भूखे सोने को मजबूर थे, उनके पास बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। ऐसे कठिन समय में परम संत रामपाल जी महाराज जी की 'अन्नपूर्णा मुहिम' ने उनके जीवन में मदद और उम्मीद की नई किरण जगाई। देखें Annapurna Muhim YouTube Channel
AnnapurnaMuhim SantRamp
#मांस_खाना_अल्लाह_का_आदेशनहीं
TREAT ANOTHER'S PAIN AS YOUR OWN
KABIR
Kabir-Yeh kookar ko bhaksh hai, manush deh kyon khaay. Mukh mein aamikh meli ke, narak parange jaay.
Baakhabar Sant Rampal Ji
#मांस_खाना_अल्लाह_का_आदेशनहीं
कबीर-मुसलमान मारै करद सो, हिंदू मारे तरवार।
कहै कबीर दोनूं मिलि, जैहैं यम के द्वार।।
कबीर साहेब कहते हैं कि गर्दन काटने का तरीका चाहे जो भी हो, निर्दोष जीव की जान लेने वाले दोनों धर्म के लोगों को यमराज के न्याय में कड़ा दंड भुगतना पड़ता है।
Baakhaba
#जैसादर्दअपनेहो_ऐसाजान_बिरानै
मांस खाने वाले महा नरक के भागी, जो गुरुजन माँस भक्षण करते हैं तथा शराब पीते हैं उनसे नाम दीक्षा प्राप्त करने वालों की मुक्ति नहीं होती अपितु महा नरक के भागी होंगे!!
#GodMorningThursday
#मांस_खाना_अल्लाह_का_आदेशनहीं
कबीर साहेब ने कबीर मूल बीजक के शब्द 10 में कहा है:
ई हलाल बै झटका मारें, आग दुनों घर लागी।
अर्थात मुसलमान हलाल करते हैं और हिंदू झटके से मारते हैं, परंतु दोनों ही दया धर्म से विमुख होकर जीवों का गला काटते हैं। दोनों ही परमात्मा के दरबार में अपरा
#मांस_खाना_अल्लाह_का_आदेशनहीं
कबीर-पीर सबन को एक सी, मूरख जानैं नाहिं।
अपना गला कटाय कै, क्यों न बसो भिश्त के माहिं।।
अल्लाह कबीर जी ने कहा है कि हर जीव को अपनी जान प्यारी होती है और गला काटने पर असहनीय दर्द होता है। यदि दूसरों का गला काटकर स्वर्ग मिलता है, तो इंसान स्वयं कष्ट
#Kisan_Majdoor_Bachao_Abhiyan
हरियाणा के पलवल जिले के आलूका गाँव में जलभराव के कारण 550 एकड़ कृषि भूमि दशकों से बंजर दलदल बनी हुई थी। सरकारों की उदासीनता के बाद, संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए दो बार में कुल 21,000 फीट लंबी पाइप
#Kisan_Majdoor_Bachao_Abhiyan
हरियाणा के पलवल जिले के आलूका गाँव में जलभराव के कारण 550 एकड़ कृषि भूमि दशकों से बंजर दलदल बनी हुई थी। सरकारों की उदासीनता के बाद, संत रामपाल जी महाराज के "किसान-मजदूर बचाओ अभियान" के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए दो बार में कुल 21,000 फीट लंबी