हिन्दू धर्म से बाहर जाने के अनेक रास्ते है..
आमिष भोजन किया, धर्म भ्रष्ट।
अछूत के हाथ का पानी पिया, तो धर्म भ्रष्ट..
समुद्र के पार गए, तो धर्म भ्रष्ट !!
पूजन विधि में त्रुटि हुई तो धर्म भ्रष्ट,
विवाह शादी किसी अन्य धर्म मे किया तो धर्म भ्रष्ट!!
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तो खांसने, छींकने, मूतने वगैरह बात बात पर भ्रस्ट होने वाला हिन्दू धर्म, विश्व का परम् छुईमुई धर्म रहा है।
इतनी कमजोर इम्युनिटी देखकर, यूनेस्को ने इसे सर्वाधिक भ्रस्टप्रोन रिलीजन भी घोषित किया था। ये सब कम था, कि अधुनातन काल में एक नया कारक जुड़ गया।।
वो यह कि,आप भाजपा का विरोध करें, तो भी आपका धर्म भ्रस्ट है। भाजपा को वोट न देते, आरएसएस की लकीर नही पीटते..
मुसलमानो को गाली नही देते, इक्वल राइट, धर्म निरपेक्षता की बात करते हो, तो बोलो पेंसिल!!
तुम्हारा हिन्दू धर्म कैंसिल।
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भाजपा इतनी शक्तिशाली है, कि उसने धर्मग्रंथों से परे जाकर महत्वपूर्ण बदलाव किया है।
जैसे- तमाम पुराणों में धर्म से बाहर जाने, या उसके भ्रस्ट होने के बाद, हिन्दू धर्म मे वापसी का कोई मार्ग नही था।
आपको केवल जन्मना हिन्दू होना है। इसके एग्जिट गेट हजारो है, एंट्री का एक्को नहीं।
अब हजारों साल बाद, भाजपा ने इसमें सुधार किया। उसके नेता, किसी रैली में स्वाहा स्वाहा जपने के पश्चात, आपके पैर धोकर, कैमरे के सामने पोंछकर, आपको हिन्दू धर्म मे वापस ला सकते हैं।
अल्पमत के दौर में वे केवल आदिवासियों की धर्म वापसी करा पाते थे। लेकिन 2014 की आजादी पाने के बाद, वे वसीम रिजवी को भी ठा. जितेंद्र नारायण सिंह बना रहे हैं।
याद रहे, यह शक्ति सिर्फ भाजपा के अखण्ड नफरती लीडर्स, या उनके खेमे के बाबो को है। कांग्रेसी, आपायी, सपाई, राकाम्पाई, तमकायी, या भाजपा के कम नफरती पॉलिटिशियन्स को ईश्वर ने यह पावर नहीं दी।
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हिन्दू धर्म मे घुसने का मार्ग खुला, तो हटाने का भी नया नया मार्ग खुला है।
भजपाइयो की बिठाई एक कोई धर्म संसद है, जिसके सांसद, स्वयम्भू बाबे होते है। वे कॉलेजियम सिस्टम से एक दूसरे को महामंडलेश्वर नियुक्त करते हैं। फिर एक राय होकर ,भाजपा विरोधियों को धकिया कर जबरन किसी को हिन्दू धर्म से बाहर कर सकते हैं।
यह व्यवस्था ताजी आयी है, जिसका प्रथम उपयोग राहुल गांधी पर किया जा रहा है।
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भारत में एक संवैधानिक संसद है, जिसमे चुने हुए सांसद को सरंक्षण है, और बोलने का विशेषाधिकार है।
अर्थात संसद के पटल पर दिये व्यक्तव्य के लिए किसी सांसद पर कोई मुकदमा, कोई अपराध कायम नही किया का सकता। परन्तु संविधान में यह तो नही लिखा कि जनप्रतिनिधि को धर्म-जात बाहर न कर सकेंगे।
इसलिए राहुल को हिन्दू धर्म से बाहर करने का प्रस्ताव, धर्म संसद में पास हो चुका है। सम्भवतः, इसके बाद राहुल अब दलित, अछूत, लीगली SC बन जाएंगे।
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राहुल के परनाना पण्डित नेहरू कश्मीरी ब्राह्मण थे। दादा तो घोषित पारसी थे, मां कैथोलिक है। यह दुनिया जानती है।
लेकिन नेहरू को मुसलमान घोषित करने की तमाम कोशिशें हुई। दादी इंदिरा को मैंमूना बेगम घोषित करने का व्हाट्सप, मेरे मामा ने ब्लॉक होने के पहले भेजा था।
ऐसी जीतोड़ कोशिश करके भी, भारत के जनमानस को यह न मनवाया जा सका कि राहुल गांधी हिन्दू नही है।
तो बाबे उन्हें धकिया कर, जबरन हिन्दू धर्म से बाहर कर रहे हैं।
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व्यक्ति का धर्म, उसकी प्रकृति, उसकी आस्था, उसकी उपासना पद्धति - उसकी आंतरिक बिलीफ पर निर्भर करता है।
आप जिस ईश्वर पर आस्था रखते है, वही आपका धर्म है। यह सीधे साधक और ईश्वर के बीच का मसला है। दुनिया की कोई ताकत, ये पण्डे, पुजारी, नेता, बाबा, गुंडा, मवाली, राजा, तानाशाह, और पागल-
किसी को उसकी बिलीफ से अलहदा नही कर सकते।
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तो ईश्वर और उसके उपासक के बीच कूद रहे इन शंकराचार्य और महामंडलेश्वरों की हैसियत नही, कि राहुल को उसकी आस्था से जुदा कर सकें।
एक हिन्दू, एक नागरिक और राहुल का प्रचण्ड समर्थक, और प्रशंसक होने की तोहमत के साथ मुझे यह कहने में गुरेज नही..
की चंदे के धंधे, और सुपारीबाज राजनीति में लगे इन नक्काल बाबाओ, पंडो और फर्जी धर्माचार्यो को अपनी हद में रहना चाहिए।
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हिन्दू धर्म, किसी राजनीतिक दल के पैरों में बजने वाली पायल, या भीख के लिए बजने वाला चिमटा नहीं।
बाबाओ को चाहिए कि जिस दुनिया को वे सन्यास लेकर त्याग चुके है, उसे अपने हाल पर छोड़ दें। उसकी राजनीति में पलटकर घुसने की कोशिश करना, उनके सन्यास के धुर असफल होने का जीवंत प्रमाण देता है।
उन्हें अब यही करना है, सन्यासी का स्वांग त्यागें त्याग-आस्था भगवा चोला उतारे। भाजपा का पटका पहनकर, ट्रोल बन 2 रुपये कमाएं, और गली कूचों की राजनीति करें।
लेकिन हम हिन्दुओ की जबरिया ठेकेदारी बन्द करें।
A legendary Prime Minister , who is and will be a cult figure forever…. His legend will keep growing….. for institutions never die, they keep inspiring generations.
जब भी हिंदुस्तान की सियासत में किरदार , क़ाबिलियत और ईमानदारी का इतिहास लिखा जाएगा ,आपका नाम पहले सफ़े पे सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा……. ना तुझसे पहले कोई ऐसा था ना तेरे बाद कोई ऐसा होगा !!
.@SGPCPresident takes strict notice of assault on Sikh man in Kaithal
-Governments should fulfill their responsibility to stop growing hateful atmosphere against Sikhs in country: Harjinder Singh Dhami
June 11, Amritsar-
The Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) President Harjinder Singh Dhami has taken strict notice of the assault of a Sikh man with hateful intention at Kaithal in Haryana and has asked the police administration to immediately arrest the culprits and take legal action against them.
Harjinder Singh Dhami said that this incident has hurt the sentiments of the entire Sikh world, so the Haryana government should take it seriously and ensure the safety of the Sikhs living in the state.
The SGPC President said that it has been noticed for some time that an atmosphere of hatred is being continuously created against Sikhs in India and Sikhs are being targeted for no reason in different states. It is the responsibility of the governments to protect the religious freedom and rights of the people of every class, every religion and every community in the country. He said strict action must be taken against those who go against the constitution of the country and create a hateful and communal atmosphere.
Harjinder Singh Dhami said that the resident of Kaithal Sukhwinder Singh being stopped by unknown persons near the city and assault with hate speech like that of repeating 1984 is a manifestation of the growing hate violence in the country, towards which the Haryana and Centre governments have the responsibility to take this phenomenon seriously as such actions are not in the national interest.
Meanwhile, SGPC secretary Partap Singh said that in the case of the assaulting of a Sikh in Kaithal, as per the instructions of SGPC President Harjinder Singh Dhami, an e-mail has been sent to Kaithal Superintendent of Police asking for an immediate action against the accused persons.
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@HMOIndia@AmitShah@cmohry@NayabSainiBJP@police_haryana@DGPHaryana@police_kaithal
ताड़ासन सभी वर्ग के लोगों के लिए फायदेमंद है, लेकिन बच्चों को इसका रोजाना अभ्यास करना चाहिए। ताड़ासन करने से बच्चों के टखने, पिंडलियां और पीठ मजबूत होती है।
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