#mpadhyapak
मुखिया जी पुरानी पेंशन हर कर्मचारी का अधिकार है और यही वो अधिकार है जिसकी दम पर कर्मचारी अपनी वृद्धवस्था यापन करता है।
क्या ये उचित है कि जनप्रतिनिधि स्वयम तो एक से अधिक पेंशन ले और पेंशन जिनका अधिकार है उनकी पेंशन बन्द कर दी जाए?
नया ज़माना है साहब, भ्रष्टाचारी भी भले इंसान दिख रहे हैं ।
ले लो चाहे जितना यहां ,सरे आम अब
ईमान बिक रहे हैं।
फुल हो चली है तिजोरियां उनकी सब
ऊपरी कमाई से
भर के खज़ाना अपना वो ईमानदारी का
गुणगान लिख रहे हैं।
#mpadhyapak हुक्मरानों ने संविधान की मूल अवधारणा 'समानता' को नकारते हुए पुरानी पेंशन योजना को समाप्त कर,
निजी लाभदायक अंशदायी पेंशन योजना को लागू किया जो बाजार पर आधारित है।
अत्यधिक जोखिमपूर्ण, सरकारी सेवकों के सर्वथा प्रतिकूल, अलाभकारी एवं अस्वीकार्य है।
#mpadhyapak
देश हो या प्रदेश हो सरकारी स्कूल और सुविधा युक्त सरकारी शिक्षा हर गरीब बच्चे का अधिकार है।
केंद्रीय व प्रदेश सरकार को चाहिए कि शिक्षा अधिनियम अंतर्गत 25% गरीब बच्चों की भर्ती को तत्काल रोक लगाए ताकि सरकारी सुविधाओं का लाभ गरीब बच्चों को सतत प्राप्त हो सके।
#mpadhyapak
मुखिया जी प्रशासन में मुस्तैदी लाइये रोज निजी स्कूलों को दी जा रही मान्यता शिक्षा का मजाक ना बनवाइए।
सरकार का धर्म है निशुल्क शिक्षा साक्षर भविष्य, सरकारी स्कूलों में भौतिक सुविधाएं बढ़वाईये रोज पैदा हो रही निजी शाला रूपी दुकानों को बंद करवाइये।
#mpadhyapak
मुखिया जी प्रशासन में मुस्तैदी लाइये रोज निजी स्कूलों को दी जा रही मान्यता शिक्षा का मजाक ना बनवाइए।
सरकार का धर्म है निशुल्क शिक्षा साक्षर भविष्य, सरकारी स्कूलों में भौतिक सुविधाएं बढ़वाईये रोज पैदा हो रही निजी शाला रूपी दुकानों को बंद करवाइये।
#mpadhyapak
मुखिया जी प्रशासन में मुस्तैदी लाइये रोज निजी स्कूलों को दी जा रही मान्यता शिक्षा का मजाक ना बनवाइए।
सरकार का धर्म है निशुल्क शिक्षा साक्षर भविष्य, सरकारी स्कूलों में भौतिक सुविधाएं बढ़वाईये रोज पैदा हो रही निजी शाला रूपी दुकानों को बंद करवाइये।