इस मौक़ापरस्त आदमी की बातें सुनिए…खुद तो परजीवी बना हुआ है ताकि फलता फूलता रहे…
किसी के लिए भी ऊटपटाँग बोलकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करता है ये आदमी ताकि दुकान चलती रहे…
जिन युवाओं (काकरोचों) के सामने सरकार झुक गई उन्हें सड़ांध में पैदा हुआ बता रहा है…
तुम्हारे बच्चे लंदन में पढ़े तो ठीक लेकिन गरीब का बच्चा बेचारा देश में भी ना पढ़ पाए!!
राज्यसभा तब भी नहीं मिलेगी चाहें जितनी चमचागिरी कर लो!!
प्रधानमंत्री @narendramodi तक ने Gen Z की अहमियत समझी है, उनसे जुड़ने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। लेकिन @DrKumarVishwas के इस तरह के बयान के बाद वे अगर इसे किसी भी तरह से ‘अहमियत’ देते हैं तो फिर देश की नई पीढ़ी में ग़लत संदेश जाएगा।
भाई की मौत पर न्याय मांगती बहन की फरियाद, दो राज्यों के दफ्तरों के चक्कर काट रही; फिर भी नहीं मिला इंसाफ, महिला आयोग से भी लौटी खाली हाथ।
ग़ाज़ियाबाद: मोदीनगर तहसील में आज, 25 जुलाई 2026, महिला आयोग की सदस्य हिमानी अग्रवाल का दौरा था। उन्होंने महिलाओं की शिकायतें सुनीं और संबंधित मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसी दौरान एक युवती अपनी मां के साथ महिला आयोग की सदस्य से मिलने पहुँची। युवती का आरोप है कि उसके 22 वर्षीय भाई की बवाना जल बोर्ड में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। भाई की मौत के बाद वह मुकदमा दर्ज कराने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिला।
युवती ने बताया कि जैसे ही उसे महिला आयोग की सदस्य के मोदीनगर आने की जानकारी मिली, वह अपनी मां के साथ वहाँ पहुँची और अपनी पूरी आपबीती सुनाई। आरोप है कि उसकी बात सुनने के बाद उसे यह कहकर वापस भेज दिया गया कि घटना बवाना (दिल्ली) की है, इसलिए वह दिल्ली जाकर एफआईआर दर्ज कराए।
पीड़िता का कहना है कि वह दिल्ली के छोटे से लेकर बड़े अधिकारियों तक से मिल चुकी है, लेकिन अब तक उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने बताया कि उसके भाई की मृत्यु 25 मई 2026 को हुई थी और तब से लेकर अब तक वह दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के चक्कर काटते-काटते थक चुकी है।
युवती ने यह भी बताया कि वह कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके से भी मिली थी। मंच से उसने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह अपने भाई को न्याय दिलाने के लिए लगातार दिल्ली और उत्तर प्रदेश के सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है।
आज मोदीनगर में महिला आयोग की सदस्य हिमानी अग्रवाल से मिलने के बाद भी, पीड़िता का आरोप है कि उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उसका कहना है कि उसकी बात नहीं सुनी गई और उसे केवल यह कहकर वापस भेज दिया गया कि वह दिल्ली जाकर अपनी एफआईआर दर्ज कराए। @Cockroachisback@abhijeet_dipke@BJP4UP@BJP4Delhi@CJP_for_India@dm_ghaziabad@homeupgov मदद करें