दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में गिने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल में बल्ले और गेंद के बीच बराबरी की प्रतिस्पर्धा के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। उन्होंने इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को खत्म करने की बात कही है जो उनसे पहले भी कई लोग कह चुके हैं।
रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल से लेकर कई मौजूदा क्रिकेटरों ने इस नियम को बदलने की बात कही है। 2023 में लागए गए इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत टीमें अपनी प्लेइंग-11 में एक खिलाड़ी को मैच के दौरान बदल सकती हैं।
सचिन ने कहा कि इस नियम को हटा देना चाहिए क्योंकि ये गेंदबाजों के लिए पहले से ही चुनौतीपूर्ण बने माहौल के बीच बल्लेबाजों को फायदा पहुंचाने जैसा है।
सचिन ने ईएसपीएनक्रिकइंफो अवॉर्ड में बात करते हुए कहा, "व्यक्तिगत तौर पर मुझे ये महसूस होता है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम को हटा देना चाहिए। मुझे लगता है कि टी20 फॉर्मेट में जब आपके पास सिर्फ 20 ओवर हैं और आप गेंदबाजों के लिए पहले से ही चुनौतीपूर्ण बने माहौल में एक और बल्लेबाज को जोड़ रहे हो। मुझे ये असंतुलन जैसा दिखता है।"
सचिन ने आईपीएल में बल्ले और गेंद के बीच उपजे असंतुलन को बदलने के लिए दो और सुझाव दिए हैं। उनका मानना है कि पावरप्ले को दो भागों में बांटा जाए। वहीं पूरे मैच में एक गेंदबाज को पांच ओवर फेंकने की अनुमति हो।
सचिन ने कहा, "छह ओवरों के पावरप्ले में घेरे के बाहर सिर्फ दो फील्डर ही मौजूद रहते हैं। इसमें शुरू के चार ओवर बल्लेबाजों के लिए रहने देते हैं जिसमें अभी जैसा है फील्डिंग वैसी ही रहेगी।
इसके बाद दो ओवर गेंदबाजों के लिए होने चाहिए और फील्डिंग वाली टीम को ये फैसला करना चाहिए की आखिरी दो ओवर का पावरप्ले उसे कब लेना है। इसमें एक अतिरिक्त फील्डर घेरे के बाहर होना चाहिए।"
#IPL #SachinTendulkar
@priyanka2bharti कर्म जैसे करते हो सूनवाई वैसे होगी इसमें कर्म पर विचार करो दण्ड पर नहीं; और दण्ड विभाग पूरा समाज को तहस नहस करने जैसा काम नहीं कर सकता। कर्म को सुधारो...
अन्यथा महाभारत उदाहरण है।
7 years of this journey 🙏
When I made this promise 7 years ago, my heart was broken 💔. Grateful few of them have been with Sehwag International School for 6 yrs now.
Today, watching these children excel , one playing for Haryana U19 , my heart heals🙏
Their fathers gave their lives protecting our dreams. The least we can do is protect theirs.
This is not just education. This is our gratitude. This is our responsibility 🇮🇳
Proud of these children. Forever indebted to their fathers.
Jai Hind 🙏
Osama
Born in Riyadh, Saudi Arabia
Belonged to a wealthy Saudi business family
His father was a billionaire construction tycoon
Studied in elite schools
Studied civil engineering
Influenced by radical Islamist ideology during youth
Participated in the Afghan war against the Soviet Union
Built a network of extremist fighters
Founded Al-Qaeda, a global terrorist organization
Planned and sponsored multiple terror attacks
Responsible for mass murder of civilians across countries
Declared war on the United States and its allies
Lived as a global fugitive for years
Hid using false identities and safe houses
Finally located in Abbottabad, Pakistan
Killed in a US military operation in 2011
Left behind death, destruction, and instability
Remembered globally as a terrorist, not a hero
So.
Being born in a particular country, being educated, having foreign exposure or privilege does not guarantee a person’s dignity, values, or mindset.
Some choose the path of terrorism,
others choose to run narratives against their own nation for political agendas.
The real issue is not birthplace or degrees
the real issue is intent, mindset, and responsibility.
प्रिय बहनों और भाइयों,
मनरेगा के नाम पर फिर एक बार देश को गुमराह करने की साजिश हो रही है। भ्रम फैलाए जा रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि विकसित भारत: जी राम जी योजना मनरेगा के आगे का कदम है।
मजदूर भाइयों, अब 100 नहीं, बल्कि 125 दिनों के काम की कानूनी गारंटी है। काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते के प्रावधान को और सशक्त बनाया गया है। मजदूरी अगर देर से मिली तो अतिरिक्त राशि देने का भी प्रावधान किया गया है।
इस योजना के लिए इसी साल ₹1,51,282 करोड़ से अधिक की विशाल धनराशि प्रस्तावित है, ताकि रोजगार देने के लिए पर्याप्त पैसा हो, और उस पैसे से गांव का सम्पूर्ण विकास हो सके। विकसित भारत के लिए विकसित गांव, स्वावलंबी गांव और गरीबी मुक्त - रोजगार युक्त गांव बनाने के लिए जल संरक्षण, गांव में इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम, आजीविका मूलक गतिविधियों तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के काम हाथ में लिए जाएंगे।
125 दिन के रोजगार की गारंटी के साथ कृषि कार्य के समय छोटे-छोटे किसान भाई-बहनों को दिक्कत न हो, इसके लिए भी प्रावधान किया गया है। यह कानून गरीब के हक में है, विकास के हक में है और यह कानून मजदूरों को रोजगार देने की पूरी गारंटी है। यह विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित गांव का संकल्प पूरा करता है।
इसमें एक और विशेष प्रावधान किया गया है, प्रशासनिक व्यय 6% से बढ़ाकर 9% कर दिया गया है। अगर प्रस्तावित राशि ₹1,51,282 करोड़ में 9% निकाल लें तो लगभग ₹13,000 करोड़ होता है, इस राशि से काम कराने वाले हमारे साथी - पंचायत सचिव, रोजगार सहायक सहित टेक्निकल स्टाफ को समय पर पर्याप्त वेतन मिलेगा, ताकि वे पूरी क्षमता से कार्य करा सकें।
आइए, सच को जनता तक पहुंचाएं।