चाहे पाकिस्तान का कनेक्शन आये या तालिबान का या ISIS का
अंत में कोई पड़ोसी का, दोस्त का कनेक्शन ही निकलता है
जिसके साथ रोटी बांटी उसने ही छल किया
कन्हैया लाल हो या उमेश कोल्हे : सबको किसी जानने वाले ने ही धोखा दिया
कोई सरकार को भाजपा केन्द्र सरकार गिराती और बनाती नहीं है,लोकतंत्र में सरकार बनाने और गिराने का काम जनता करती है,
2023 में यही जनता आपको सत्ता से विदा करेगी! KCR ji यह आप नहीं आपका अहंकार बोल रहा है,परंतु
अब नहीं चलेगा परिवारवाद,
तेलंगाना में चलेगा विकासवाद !
#जय_भाजपा_तय_भाजपा
जज साहब की टिप्पणी को तर्क और आंकड़ों के साथ मिलाकर देखने पर पता चलता है कि सुप्रीम कोर्ट की चले तो न्यूज़ चैनल्स सिर्फ मौसम का हाल बता सकते हैं। गजबे है।
"शाजिया नुजार" ने हिंदू देवताओं को अपशब्द कहे
इस विधर्मी महिला के Youtube पर लगभग 1 लाख सब्सक्राइबर हैं और इंस्टाग्राम पर 11k फॉलोअर्स हैं।
@Uppolice@cyberpolice_up
कृपया इस महिला की वजह से मेरी भावनाएं आहत हुई है। कृपया मेरे ट्वीट का संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनश्चित करें।
नुपुर शर्मा और दिल्ली पुलिस को फटकार जायज़ और प्रतीक्षित थी।
टीवी एंकर भी जो अति कर रहे हैं उन्हें भी मर्यादा दिखाने की ज़रूरत थी।
मगर कन्हैया की हत्या के लिए नुपुर के बयान को ज़िम्मेदार ठहराना!
मतलब ईशनिंदा पर हत्या..!
ये टिप्पणी क़ानून की मर्यादा का उल्लंघन है माईलार्ड!
Top of every mountain is bottom of next one … Wish you bigger success, @sudhirchaudhary sir . My best wishes for your new venture . I am proud to be part of team DNA for 5 years .
ये जो कल हुआ, मैं पहले ही अमित शाह से कह रहा था कि 2.5 साल शिवसेना का मुख्यमंत्री हो और वही हुआ। पहले ही अगर ऐसा करते तो महा विकास अघाडी का जन्म ही नहीं होता: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे
जय श्री राम
सहायता का विवरण #HinduEcosystem
कन्हैया लाल जी - ₹ 1 करोड़
ईश्वर जी - ₹ 25 लाख
उमेश कोल्हे जी - ₹ 30 लाख
राजस्थान पुलिस कांस्टेबल संदीप - ₹ 5 लाख
शेष जो बचेगा कन्हैया लाल जी के परिवार को
हमारा संकल्प : किसी हिन्दू पीड़ित को ना अकेला पड़ने देंगे, ना कमजोर
ये अब सिर्फ ईश निंदा या भावनाएं भड़काने का मामला नहीं है, उदयपुर में कन्हैया लाल की गला काट कर हत्या के बाद अब ये "जीवन के अधिकार, Right to life" का मामला भी है।
“नूपुर शर्मा की वजह से उदयपुर की घटना हुई: सुप्रीम कोर्ट.”
मैं समझता हूँ माननीय उच्चतम न्यायालय का ये वक्तव्य नूपुर शर्मा के विरुद्ध भावनाएँ भड़का सकता है, उनकी जान ख़तरे में पड़ सकती है.
जूडिशीएरी भी शब्द सम्पादित किए बिना बोलने लग जाए, तो निस्संदेह हम कठिन समय से गुजर रहे है!