एनडीए की २१ राज्यों में सरकारें हैं। इतनी विशाल राजनीतिक शक्ति के बावजूद मौजूदा सरकार घुटने पर है। कोर समर्थक नाराज हैं और मंत्रीगण मीडिया से बचते फिर रहे हैं। शायद ही किसी ने देश में ऐसी राजनीतिक स्थिति की कल्पना की होगी। देश व दल के लिए भस्मासुर साबित हो रहे हैं नरेंद्र मोदी।
जिस राज्य में सूखा पड़ता है उसे गन्ना उगाने के लिए प्रेरित करना, ताकि इथेनॉल की सप्लाई बंद ना हो। ऐसे मूर्खतापूर्ण निर्णयों के कारण उद्योगपतियों को तो लाभ मिलता है, पर नागरिकों के लिए 2026 में ट्रेन से जल का प्रबंध करना पड़ेगा। @nitin_gadkari या @HardeepSPuri इसका उत्तर देंगे?
2016 में भी यह समस्या हुई थी, और आज उस से विकट है। पर सरकार फिर भी नहीं जगने वाली क्योंकि उन्हें ट्रेन से लाए जल की आवश्यकता नहीं है।
बीड़ जिले में पहले से जल की समस्या है, पर वहाँ गन्ना खेती 1.88 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गई है। महाराष्ट्र में 4% गन्ना कृषि, 70% भूजल का दोहन करती है ताकि गन्ना उपजाया जा सके। क्षेत्रफल 10 वर्षों में 1.5 गुणा बढ़ चुका है।
नीति निर्धारकों को एक उद्योग में नेताओं के मिलों की सुरक्षा भी करनी है और दूसरी तरफ़ 'मेरा दलीत, मेरा वंचीत' का ढोंग भी रचना है। सस्टेनेबल डेवलपमेंट का भी झुनझुना बजाना है। हो &^ कुछ नहीं रहा।
कुशल प्रशासन के लिये दण्डनीति उतनी ही आवश्यक है जितनी अन्य नीतियाँ, शासक को इसका भान होना चाहिए, प्रभु श्रीराम भी शान्त समुद्र के चरित्र को देखकर ये समझ गए थे कि सदैव आग्रह से काम नहीं चलता।
विनय न मानत जलधि जड़, गए तीनि दिन बीति।
बोले राम सकोप तब, भय बिनु होइ न प्रीति।।
🙄😐😑
मोदी जी त्यौहारों का season है।
इन CJP और बाकी कुकुरमुत्तों को जल्दी संभाल लो। ज्यादा ही सिर पर चढ़ रहें
इनकी वजह से हमारे हिंदू त्यौहार खराब हुए तो देख लेना अच्छा नहीं होगा फिर
अधिक आनंदित मत होओ कि नेहा बोरा को डिटेन कर लिया। इन सब बकलोलियों से हम-तुम 8 घंटे आनंदित होते हैं, दिल्ली पुलिस को फिर उसी बवासीर को रोकने के लिए अगले दिन सड़क पर उतरना होता है।
वो ना तो थप्पड़ मार सकती है, ना गाली दे सकती है, ना चिल्ला सकती है, क्योंकि सब कैमरा चल रहा होता है। अगर आत्मरक्षा में एक हाथ भी लगा दिया तो 'मेरी ब्रा फाड़ दी, मेरी छाती दबा कर भाग गया, मेरे नितंब सहला दिए' जैसी नीचता भरी बातें सुनाते हुए, पुलिस को कटघरे में करने को ये हरामी समूह तैयार बैठा रहता है।
@DelhiPolice वस्तुतः राजनीति में फँस कर अपने कर्मियों को सुरक्षा देने में असफल है क्योंकि एक सरकार झुक अकर सुप्रीम कोर्ट में हर FIR को वापस लिवाने के लिए पहले से तैयार है। सौरव दास लिख रहा है कि शिवाजी पार्क वाले सारे FIR क्वाश हो जाएँगे।
ऐसे में पुलिस क्या करे? और आप किस बात पर आनंदित हो रहे हैं? पुलिस क्या-क्या झेल रही है, वो कोई जानकार हो तो पता करो। कुछ घंटों का एंटरटेनमेंट है वामपंथी प्रदर्शन, पर सरकारी कार्रवाई कुछ भी ऐसी नहीं कि कुछ अच्छा कहा जाए।
आदरणीय @myogiadityanath जी, क्या सामान्य वर्ग में निर्धन परिवार नहीं हैं? उनके लिए कोई कोचिंग, हॉस्टल, स्कॉलरशिप आदि क्यों नहीं है? मुसलमान तक के लिए आपका कोष खुला हुआ है, ब्राह्मणों के लिए नहीं?
ब्राह्मण-ठाकुरों के घर मिट्टी के हैं, सर पर छत नहीं, भिक्षा माँग कर खाने को विवश हैं, हर दिन ऐसे रिपोर्ट दिखता सुनता हूँ। आपको वो बच्चे नहीं दिखते?
मोदी जी अपने पिता जी की FD तोड़ कर दलीत समाज को ‘इन्क्लूसिविटी रिसर्च ग्रांट’ हेतु ₹60 लाख की फंडिंग दिलवाएँगे।
मोदी जी ने कोर रिसर्च में भी जाति निकाल ली। आपको कम्पीट नहीं करना है, बस एक जाति समूह से आना है। EWS के बच्चे तरसते हैं फंडिंग के लिए और यहाँ मोदी जी बाबूजी की FD तोड़े जा रहे हैं भारत माता और हिन्दुत्व के नाम पर।
मोदी एक्ट की सुंदरता यही है कि कोई व्यक्ति यदि किसी ब्राह्मण सभा में बैठ कर दलितों के लिए इन्हीं शब्दों का प्रयोग कर रहा होता तो @narendramodi व्यक्तिगत रूप से अपने घर में पिघलाए लोहे से बनी हथकड़ियाँ ला कर बाँध लाते। पर आप सवर्ण हो तो माँ-बहन की गालियाँ सुनो, नवबौद्धों द्वारा हर दिन अपने देवी-देवताओं को गालियाँ देते देखते रहो। मोदी जी चाय पीते रहेंगे।
22-वर्षीय देवा द्विवेदी ने स्वयं के ब्राह्मण होने और मोदी के दलीत-पीड़ीत फैन होने का अपराध झेलते हुए आत्महत्या कर ली।
उस पर मोदी एक्ट लगा था जिसके दवाब को वह सह नहीं पाया और अंतिम विकल्प चुना। सामाजिक और मानसिक यातना को झेलने से बेहतर उसने मरना चुना।
आशा है कि उसमे मरते समय ‘हर हर मोदी’ कहा होगा ताकि उसकी आयु भी मोदी जी को लग जाए और वह 2097 तक भारतभूमि पर राज कर सकें।
कहा जाता है कि ब्राह्मण देवा द्विवेदी अब श्री मोदी जी के परमधाम में वास कर रहे हैं। बोलिए @narendramodi भगवान की जय!
यह अच्छी बात है कि अलग-अलग तरह के लोग बोल रहे हैं। DGP रह चुके, एस.पी. वैद्य सर UGC जैसे विषयों पर लगातार बोलते रहे हैं। यदि मोदी जी को कह रहे हैं कि भाई, यह आपके लिए लेगेसी बिल्ड करने का अवसर है, इसको इस तरह से मत गँवाइए, युवा वर्ग आपकी तरफ़ देख रहा है।
और यह भी देखिए कि PM मोदी के voters, हमारी आयु के लोग, और उनकी आयु के लोग तो अलग, अधिकांश लोग लंबे समय से एक father figure के रूप में देखते आ रहे थे। अभी obviously बहुत सारे लोग नहीं देखते, including me. परंतु मोदी जी की बातों से सवर्णों को कभी ऐसा लगा ही नहीं कि he also reciprocates the love that we are giving him. कभी नहीं।
उनका प्रेम उस उदंड बालक के लिए था जो घर में आग लगा देता है, कूदता-फाँदता रहता है, पर्दे फाड़ता है, टीवी तोड़ देता है और बाप को ब्लैकमेल करता है। उसको इन्होंने अपनाया: "ये बेटा थोड़ा ऐसा है, लेकिन बहुत परेशान है, मेंटली डिस्टर्ब है।" ये कहकर उसको छाती से चिपकाए रखा और दूध भी पिलाया, शेरनी का।
और हमारे जैसे लोग, जो कहते थे कि नहीं, विज़नरी हैं बाबूजी। वामपंथी यही कहते थे ना कि बाप बनाए घूमते हो, और हम कहते थे कि हाँ, वो father figure हैं। प्राइम मिनिस्टर हैं, पद के अनुसार भी, यदि राजा माने तो राजा प्रजा का पिता ही होता है।
हमने तो आपको अनकंडीशनल लव दिया। आपने क्या दिया? आपने हमें कहा, भाग ग्रोसरी के...
इस गाने की फरमाइश की है लखनऊ से चुनूं मुन्नू और गुड्डू ने, बरेली से पूजा और नेहा ने..
गाने के बोल है
"आप की खातिर - title track" unplugged version. जिसमें poetry का Voice over है अक्षय खन्ना का और संगीत और आवाज दी है हिमेश रेशमिया ने..
Highly underrated Himesh Baba Song
धन का लोभी अपमान और क्लेश की चिन्ता नहीं करता, पाप को पाप नहीं गिनता। वह अपने हाथों अपने लिए दुःख और नरक का मार्ग उत्साहपूर्वक बनाता है।धन के लिए मनुष्य बंधुबाँधवों से शत्रुता करता है व अनेक प्रकार के पाप करता है। बल तेज़ यश विद्या कुलीनता व मान को धन तृष्णा नष्ट कर देती है🙄😐😑