Loved Gullu’s fun side in the episode, but there is one more side too he doesn’t involve himself in any shitty things. He knows where to speak and what to speak.
And isi ke saath Gullu bhai bante hain captaincy ke davedar
Aur rahi baat insecure logon ki bhai, tumhari dosti, family aur Gullu ki dosti aurton ke peeche chhupna? Grow up, kiddos. Shows your thinking
OG GULLU IS BACK
बधाई हो… मुर्दों की फौज हार गई! ✅
जॉब चार्ट जारी करवाने की कोशिश अब लगभग खत्म होती हुई दिखाई दे रही है। 🥺
54K भाई अगर एक साथ, एकजुट होकर धरने पर बैठ जाएँ, तो क्या से क्या नहीं करवाया जा सकता!
लेकिन अफसोस… सब अपनी-अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
#4thgrade@HANUMANKISAN
खेल शुरू होने के बाद नियम बदलते हुए कभी देखा है आपने?
लेकिन राजस्थान सरकार कुछ भी कर सकती है
फॉर्म भरवाया - चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (L-2) के पद के लिए।
नियुक्ति दी — चौकीदार, रसोइया, वार्ड बॉय, स्लीपर, सफाई कर्मचारी आदि (L-1 प्रकृति के कार्य)।
माना कि वेतन L-2 के अनुसार मिल जाएगा,
लेकिन उस कर्मचारी की पद की गरिमा, सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक तनाव की जिम्मेदारी कौन लेगा?
सरकार से निवेदन है कि इस विषय पर स्पष्ट Job Chart जारी किया जाए,
ताकि कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति समाप्त हो।
बेरोजगार नेताओं से भी अनुरोध है,इस मुद्दे पर थोड़ा ध्यान इधर भी दें।
@HANUMANKISAN
शिक्षा विभाग में संस्था प्रधानों की मनमानी पर रोक जरूरी
शिक्षा विभाग में कुछ संस्था प्रधानों द्वारा नवचयनित सहायक कर्मचारियों के साथ मनमानी, शोषण एवं अधिकारों के हनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
विद्यालयों में शौचालय, पानी की टंकी एवं अन्य स्वच्छता कार्यों के लिए उपलब्ध बजट का नियमानुसार उपयोग किया जाना चाहिए। यदि किसी विद्यालय में स्वच्छता के लिए निर्धारित बजट होने के बावजूद नवचयनित सहायक कर्मचारियों पर जबरन सफाई कार्य थोपा जा रहा है और बजट का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।
राजस्थान प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा विद्यालयों में स्वच्छता एवं आवश्यक कार्यों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले बजट का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही, कुछ विद्यालयों उच्च जाति के संस्था प्रधानों के द्वारा जाति के आधार पर सहायक कर्मचारियों के साथ भेदभाव एवं शोषण की शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं। यदि ऐसी शिकायतें जांच में सत्य पाई जाती हैं, तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।
सभी सहायक कर्मचारी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के भेदभाव या अनुचित व्यवहार का शांतिपूर्ण एवं नियमसम्मत तरीके से विरोध करें।
हम अपने सभी भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना हमारा अधिकार है। 🙏🤝
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एक मंत्रालयिक कर्मचारी होता है उसका कार्य मंत्रालयिक कर्मचारियों के अधीन सहायक के रूप में कार्य करना है।
उसका काम शौचालय व मूत्रालय सफाई का नहीं है।
कल के दिन स्कूल की बिल्डिंग का काम चलेगा तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से बेलदारी भी करवायेंगे ??
आज शाम 5 बजे तैयार रहें! 📢
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को उसके पद के अनुरूप ऑफिसियल कार्य दिया जाए। सफाईकर्मी, वार्ड बॉय,वॉचमैन आदि के रूप में कार्य करवाना बंद हो।
आज शाम 5 बजे X (Twitter) पर एकजुट होकर आवाज बुलंद करे
अभियान को सफल बनाए
#चतुर्थ_श्रेणी_सफाईकर्मी_नहीं#एक_पद_एक_काम
सुबह उठो Network नहीं
दोपहर में Network नहीं
शाम को Network नहीं
रात में देखो Network नहीं
और Recharge का प्लान तो ऐसे बढ़ाते हैं जैसे किसी ने पीछे से पेट्रोल लगा दिया हो।
Airtel अपने आपको देश का नंबर 1 नेटवर्क कहता है लेकिन ये आज जहां अन्य देश 6G नेटवर्क का ट्रायल कर रहे हैं और हमारे यहां
5G तो छोड़ो 4G भी अच्छे से नहीं चलता है। मैं एकदम परेशान हो चुका हूं इन Airtel वालों से।
@alokrajRSSB माननीय
@alokrajRSSB
जी सर
एक प्रोटेस्ट rssb के खिलाफ़ भी होना चाहिए
आप ldc भर्ती को द्विवर्षीय योजना बनाने की कोशिश कर रहे हो
एक भर्ती प्रक्रिया नोटिफिकेशन से लेकर फाइनल ज्वाइनिंग तक 2 वर्ष लेती है। ये कैसा नवाचार है ? बेरोजगारों को रोजगार चाहिए़
@AshutoshRanka@Radhemahwa
आयुष ऑफिसर भर्ती-2025 में MBC आरक्षण की पात्रता को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग
आयुष ऑफिसर भर्ती-2025 की अंतिम चयन सूची में शामिल कुछ MBC अभ्यर्थियों की आरक्षण पात्रता को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा सवाल उठाए गए हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि कुछ चयनित अभ्यर्थियों द्वारा OBC श्रेणी से संबंधित प्रमाण-पत्र के आधार पर MBC आरक्षण का लाभ लिए जाने की आशंका है। ऐसे में उनकी मांग है कि चयनित सभी MBC अभ्यर्थियों के जाति प्रमाण-पत्र एवं आरक्षण पात्रता का नियमानुसार पुनः सत्यापन कराया जाए।
यह मांग किसी जाति, समुदाय या अभ्यर्थी के विरुद्ध नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों के अधिकारों की सुरक्षा के उद्देश्य से की जा रही है।
यदि जांच में सभी अभ्यर्थी नियमानुसार पात्र पाए जाते हैं तो स्थिति स्वतः स्पष्ट हो जाएगी, और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
निष्पक्ष जांच हो, तथ्य सामने आएं और पात्र अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित हो।
#AyushOfficer #MBCReservation #Recruitment2025 #Rajasthan
एक साल के वेटिंग नियम को सरकार को बड़ा दिल दिखाकर युवा हित में प्रक्रियाधीन भर्तियों से ही लागू करना चाहिए ।।
आज शहीद स्मारक पर चल रहे धरने में शामिल होकर आवाज बुलंद की ।।
प्रदेश के युवाओं की मांगे सरकार को पूरा करना चाहिए ।।
#हनुमान_किसान