1996 का मैनपुरी लोकसभा चुनाव। चारो तरफ केंद्रीय सुरक्षा बालों का जमावड़ा था। गाँव वाले हैरान थे कि इतनी पुलिस और फोर्स हमारे गाँव में क्या कर रही है ?
ये उत्तर प्रदेश के और शायद देश के भी पहले चुनाव थे जब किसी आम चुनाव में इतनी भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया गया था।
इतनी सुरक्षा के बाद भी मैनपुरी के वेबर में दोनों प्रमुख उमीदवारो के समर्थकों के बीच ताबड़तोड़ कई राउंड की फायरिंग हुई। हालात ये थे कि मतदान के दिन हेलीकॉप्टर से बमबाजी तक हुई , भारी हिंसा हुई, कई लोग मारे गए।
ये चुनाव था सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और बाहुबली विधायक उपदेश सिंह चौहान खलीफा के बीच। मुलायम सिंह यादव को लगा था कि मैनपुरी में आसान जीत होगी लेकिंन चुनाव जीतने के लिए सपा प्रमुख को दातो तले पसीना आ गया था। मामूली अंतर से चुनाव परिणाम मुलायम सिंह यादव के पक्ष में रहा।
उपदेश सिंह चौहान ये चुनाव जीत जाते लेकिन उनकी हार के पीछे कारण था छोटे दीक्षित की गद्दारी । छोटे दीक्षित ने ब्राह्मणो को मुलायम सिंह यादव के पक्ष में लामबद्ध किया था।
भाजपा को छोड़कर इस चुनाव में ब्राह्मण मतदाताओं का पहली बार सपा के पक्ष में जबरदस्त ध्रुवीकरण हुआ था। इसके चलते भाजपा प्रत्याशी उपदेश सिंह चौहान उर्फ खलीफा को हार का सामना करना पड़ा था।
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@dgpup 18/12/2022 को दबंग लोगो द्वारा जेसीबी से पूरी बिल्डिंग गिरा दी गई गोसाईगंज लखनऊ में बीजेपी सरकार में भी कब्जे की कोशिश की गई अभी तकगोसाईगंज पुलिस नेकोईकारवाई नहीं की दोसी सुधीरशर्मा औरउसके साथीयो पर