नरेंद्र जी, आलोक राज जी यदि ट्विटर पर ट्रेंड चलाने से इस्तीफा देते, तो अब तक सैकड़ों बार कई लोग ये ट्रेंड चलवा चुके हैं, कई बार मैंने इस्तीफा दे दिया होता।
आप कोई सॉलिड आंदोलन ज़मीन पर करवाओ, फिर शायद आपकी बात बन जाए।
वैसे कट ऑफ हाई जाने के कई कारण है,
खैर.. जैसा आप उचित समझो।
@alokrajRSSB परिणाम जो भी है अच्छा है, लेकिन ये normelization का सिस्टम समझ से बाहर है। एक अभ्यर्थी का परिणाम देखा प्रथम पारी में पेपर दिया उसने सभी प्रश्न एटेम्पट किये है और उसके मात्र 2 नंबर कम है और 11.2331 नंबर आ रहे है मतलब उसका सबकुछ गलत था,1/2
युवा साथियों,
ट्विटर ट्विटर खेलते हुए, बहाने बनाते हुए, तारीख पर तारीख देते हुए, हमने मई 2025 तक हुए सभी एग्जाम्स के प्रीडीवी या फाइनल परिणाम दे दिए हैं, वैसे जब परीक्षाओं की संख्या बढ़ती है तो कई result साथ साथ बनाने पड़ते हैं, थोड़ी देरी भी हो जाती है, उम्मीद आप सब समझेंगे।
चेतन जी, आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं कुछ एक सेंटर पर ऐसा हो सकता है मगर आम तौर पर इस बात का ध्यान रखा जाता है। हमने इस विषय पर इंस्ट्रक्शंस भी निकालें हैं। अभी थोड़ी देर में हमारी 38 जिलों से वीसी यानि वीडियो कॉन्फरेंस है उस में भी में इस बात पर सभी को पा���ंद करूंगा।
चेतन जी, आप बिल्कुल सही बोल रहे हैं कुछ एक सेंटर पर ऐसा हो सकता है मगर आम तौर पर इस बात का ध्यान रखा जाता है। हमने इस विषय पर इंस्ट्रक्शंस भी निकालें हैं। अभी थोड़ी देर में हमारी 38 जिलों से वीसी यानि वीडियो कॉन्फरेंस है उस में भी में इस बात पर सभी को पा���ंद करूंगा।
@alokrajRSSB बात समझ से बाहर है पहले 1200 पेज में ��ोल नंबर जारी करते हो ये क्या मसला है
सीधा 10 गुना के परिणाम क्यों नही डालते इस हिसाब से चतुर्थ श्रेणी का परिणाम डालने में आपको 1 महीना लग जायेगा🙄
@alokrajRSSB सर कृपया जिस परीक्षा सेंटर का आप चुनाव करते हो उसकी लोकेशन क्या है वो एक बार जांच ले
वर्तमान स्थिति का पता करके ही सेंटर देवें।
कल जयपुर में जहाँ मेरा सेंटर था उस नाम से उस इलाके में 4 स्कूल थी 3 बन्द थी। जिस स्कूल में सेंटर था वो आउट ऑफ लोकेशन थी,बहुत दिक्कत हुई।
@alokrajRSSB दो पारियों के पेपर भी अलग-अलग नही बनते है आयोग से इन्हें अभ्यर्थियों पर बोझ बना देते है इससे क्या होगा?
कुछ प्रश्न समान है तो ऐसा पेपर ही क्यों बनाया सभी को समान हक होना चाहिए या पेपर अलग-अलग बनाते।
@alokrajRSSB प्रश्न बनने से पहले प्रश्नों के उत्तर बनते है फिर डिलीट कैसे होते है जिस प्रश्न पर संशय हो उसे एग्जाम में दो ही मत पर देना जरूरी है ताकि डिलीट वाला तांडव हो सके और ऑब्जेक्श�� लगे ताकि और ज्यादा कमाई हो एक प्रश्न के 300 रु लेते है ऑब्जेक्शन के नाम से...हर जगह लूटमार मचा रखी है